बीकानेर। ग्रामीण क्षेत्र की स्कूलों में रिक्त पडे पदों को भरने की कवायद राज्य सरकार ने अब 31 मार्च 2010 तक बढा दी है। इसके चलते प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षकों को अध्ययन व्यवस्था के अंतर्गत माध्यमिक स्कूलों में लगाने रियायत भी राज्य सरकार ने प्रदान कर दी है जिसके आदेश शिक्षा विभाग के उप शासन सचिव ने जारी कर दिये हैं उस आदेश में उल्लेख किया है कि पिछले दो सालों से राजस्थान लोक सेवा आयोग ने तृतीय श्रेणी के अध्यापकों की जो नियुक्ति की उसमें अनेक उच्च योग्यताधारी शिक्षक भी हैं जिनकी सूची प्रारंभिक व माध्यमिक के डीईओ आपस में तय करें और उनको माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों के अध्यापन कार्य में लगाएं साथ ही इनकी सूची का अनुमोदन डिप्टी डायरेक्टर से कराने के लिये लिखा गया, साथ ही इसके तहत लगाये गये अध्यापकों के आदेश में किसी को बदलने का अधिकार नहीं होगा तथा जिला शिक्षा अधिकारी अनुमति से पहले यह तय करे कि जहां शिक्षण व्यवस्था की जा रही है वहां पदोन्नति या भर्ती से तो वह पद नहीं भरा जाना व जिस स्कूल से अध्यापक को हटाया जा रहा है वहां का अध्ययन तो प्रभावित नहीं हो रहा । इस व्यवस्था के तहत लगाये गये अध्यापक के वेतन आदि का भुगतान उसके मूल रूप से पदस्थापित स्कूल ही किया जायेगा।