बीकानेर। जिला कलक्टर श्रेया गुहा ने कहा कि बैंक अधिकारी सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं में पात्र लोगों को न केवल ऋण स्वीकृत करें वरन ऋणों का वितरण भी किया जावे। बेरोजगार और किसान वर्ग को संबल प्रदान करने के लिए जरूरी हैं कि बैंकर्स संवेदनशीलता के साथ समय पर जरूरमंदों को नियमानुसार ऋण प्रदान करें। गुहा गुरूवार को कलेक्ट्रट सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोगार योजना समिति की समीक्षात्मक बैठक को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी व बैंक मैनेजर आपस में समन्य स्थापित कर विभिन्न योजना के माध्यम से पात्रा लोगों को ऋण उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि महिलाओं और आर्थिक दृष्टि से कमजोर व्यक्तियों को ऋण उपलब्ध करा कर उन्हें आर्थिक क्षेत्रा में स्वालम्बन की ओर अग्रसित करें। गुहा ने उद्योग विभाग के महाप्रबन्धक को निर्देश दिये कि हस्तशिल्पी कार्ड योजना में जिन 200 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है उन्हें सितम्बर के दूसरे सप्ताह तक ऋण उपलब्ध कराने के लिए शिविरों का आयोजन किया जाये। इसी तरह उद्योग व बैंकों द्वारा जो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाते है वे दूर -दराज के क्षेत्रा में लगाये जाये। उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा सरकारी योजनाओं में जिन्हे लाभान्वित किया जाता है,उनका प्रतिबिम्ब समाज में दिखाई देवे इसके लिए सक्सेज स्टोरी जारी की जाये। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के लिए एक बैठक अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) की अध्यक्षता में रखी जावे। बैठक में वार्षिक साख योजना वर्ष 2009-10 की जून तक की प्रगति,ऋणों की वसूली एवं रोडा एक्ट की प्रगति,सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं की उपलब्धियों एवं प्रगति के अलावा किसान केरडिट कार्ड योजना एवं स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूह,राष्ट्रीय फसल बीमा तथा जिला ग्रामीण उद्योगीकरण योजना की समीक्षा की गई। जिला अग्रणीय बैंक प्रबन्धक ने विभिन्न बैंकों द्वारा स्वीकृति ऋणों के वितरण तथा ऋणों की वसूली संबंधी जानकारी दी। नाबार्ड के प्रबंधक जी.डी मोगा ने ग्रामीण क्षेत्र में नाबार्ड बैंक की भूमिका के बारें में अवगत कराया।
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