जयपुर। प्रमुख शासन सचिव ए.के. सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि राज्य में औद्योगिक शिकायतों एवं विवादों को प्रबन्धन एवं श्रमिकों के मध्य मधुर संबंध बनाते हुए निपटारा कराने का प्रयास किया जाए ताकि राज्य का तेजी से विकास हो सकें। सिंह, प्रमुख शासन सचिव, श्रम एवं नियोजन के पद पर कार्य ग्रहण करने के बाद श्रम तथा कारखाना एवं बायलर्स निरीक्षण विभाग के अधिकारियों से विभिन्न गतिविधियों एवं संचालित योजनाओं की जानकारी ले रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण विभाग है अतः राज्य में स्वस्थ्य एवं सौहाद्रपूर्ण औद्योगिक वातावरण तैयार कर विभिन्न श्रम अधिनियमों के प्रवर्तन के द्वारा श्रमिकों के वेतन भत्तों के भुगतान को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य में पारदर्शिता लाते हुए संचालित विश्वकर्मा गैर संगठित कामगार अंशदायी पेंशन योजना में अधिकाधिक कामगारों को सदस्य बनाये जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में संचालित राष्ट्रीय बाल श्रमिक परियोजना के तहत अब तक 29 हजार 52 बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडा गया है जो बहुत कम है अतः राज्य के अधिकाधिक बाल श्रम से मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोडा जाए तथा बीडी श्रमिकों के लिए ब्यावर एवं अन्ता में प्रस्तावित आवासों के निर्माण के कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सीमावर्ती जिला से बाल मजदूरी के लिए गुजरात जाने वाले बाल श्रमिकों की रोकथाम का प्रयास किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कारखाना एवं बायलर्स निरीक्षण विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा एवं कल्याणकारी प्रावधानों की अनुपालना करवाने के लिए नियमित निरीक्षण कर श्रमिकों के अधिकारी की रक्षा सुनिश्चित की जाए तथा कारखानों में प्रयोग किए जाने वाले रसायन एवं विषैले पदार्थो की कार्य वातावरण में अनुज्ञेय सीमा भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में श्रम आयुक्त सुबीर सिंह ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य निरीक्षक, कारखाना एवं बायलर्स एल.एल. आर्य एवं अतिरिक्त श्रम आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों ने विभाग से संबंधित जानकारी दी।