डूंगरपुर २७ सितंबर/विमोहिनी संस्कृति व शिल्प वैशिष्ट्य की धरा डूंगरपुर को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से इस बार विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर जिला कलक्टर नीरज के.पवन के आमंत्रण पर विदेशी पर्यटकों के दो दल गुरूवार को डूंगरपुर पहचे और यहां प्रदर्शनी व जूना महल को देखकर अभिभूत हो गए।
आज सायं जिला प्रशासन की विशेष व्यवस्थाओं से यहां पहुंचे विदेशी पर्यटकों के दो दलों का यहां सर्किट हाउस पहुंचने पर लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक तरीके से तिलक व माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। स्वयं जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने पुष्पहार पहना कर विदेशी सैलानियों की अगवानी की। कलक्टर ने सैलानियों को जिले की ऐतिहासिक, भौगोलिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए इसके शिल्प वैशिष्ट्य से अवगत कराया और उनसे आग्रह किया कि वे अपने परिचितों को डूंगरपुर के सौन्दर्य के बारे में अवगत कराते हुए यहां की सैर को प्रेरित करें। इसके बाद सभी सैलानी जूना महल पहुंचे और महल के विभिन्न भागों का अवलोकन किया। सैलानियों ने महल की क्रिस्टल गैलरी, आर्ट गैलरी, दिवारों पर की गई आकर्षक चित्रकारी की प्रशंसा की और इसे अद्वितीय बताया। जनसंफ कार्यालय के मयूरध्वज जोशी, वीरेन्द्रसिंह बेडसा ने यहां की विषय वस्तु के बारे में सैलानियों को जानकारी दी। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी गजेन्द्रसिंह राठौड, पुलिस उपाधीक्षक कैलाशदान जुगतावत, जिला पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाडया, पद्मेश गांधी आदि भी मौजूद थे।