www.khabarexpress.com : The news portal of North India
www.khabarexpress.com
Bikaner University Exam Results: B.ED. | BCA Part I | M.Ed. | M.A. (F) Hindi | B.B.A. Part I | B.B.A. Part II | BCA Part II |
Get Result Alert on your mobile, SMS JOIN khabarexpress to 567678.
Education Special

Education Directory
Exam Results
Who is Who

Article
Tutorial
Information
Quote

Can't see Hindi ?
Welcome Guest Sign In  New user! Sign Up Now | My Favourites (new)
Search Photo  
RSS Feed
09 August 2008
Forum | Wallpapers | Photo Gallery | Business | Entertainment | Education | Sports | Article | City |
Free News on your website


संत मावजी के जीवन चरित्र व जनजाति संस्कृति को दर्शाने विशेष प्रोजेक्ट तैयार हो - लखावत

27 Sep 2007
Add comment          Mail          Print          Write to Editor

Educational Short Stories in Hindi

जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक को संबोधित करते राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकारसिंह लखावत व इस मौके पर मौजूद अधिकारी।डूंगरपुर २७ सितंबर/राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकारसिंह लखावत ने कहा है कि वागड-मेवाड  के लाखों श्रद्धालुओं के आस्था केन्द्र संत मावजी के जीवन चरित्र व गौरवमयी जनजाति संस्कृति के जीवन्त रूवरूप को दर्शाने के लिए जिले में विशेष प्रोजेक्ट बनाया जाए ।
श्री लखावत बुधवार सायं यहां जिला परिषद सभागार में जिला पर्यटन विकास समिति की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनजाति जनों की आस्थाओं के धाम बेणेश्वर के सुव्यवस्थित विकास के लिए एक मास्टर प्लान तैयार करवाया जाना चाहिए । उन्होंने जिले में अवस्थित विभिन्न पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी लेने के बाद जिले में हाफ अथवा वन डे टूरिस्ट सर्किट बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की और इसके लिए एक समिति का गठन किया जिसमें नगरपालिका अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी, जनजाति परियोजना अधिकारी टीआर जोशी, वीरेन्द्रसिंह बेडसा व इतिहासविद् महेश पुरोहित को सम्मिलित करने के निर्देश दिए। 
इस अवसर पर अपने संबोधन में डूंगरपुर-बांसवाडा लोकसभा क्षेत्र के सांसद धनसिंह रावत ने कहा कि बेणेश्वरधाम जनजाति आस्थाओं का धाम है और इसका सुनियोजित विकास करते हुए अच्छे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने जनजाति संस्कृति को पर्यटन मानचित्र पर उजागर करने की भी आवश्यकता प्रतिपादित की।   
बैठक में जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने  जिले में ईको, एडवंचर व धार्मिक पर्यटन को बढावा देने के लिए जिला प्रशासन स्तर पर तैयार की गई योजना के बारे में जानकारी दी और आग्रह किया कि कहा कि इसके लिए आवश्यक बजट आवंटित करावें ताकि इस जनजाति अंचल की विमोहिनी संस्कृति को विश्व मानचित्र पर स्थापित किया जा सके। उन्होंने फतेहगढी, गेपसागर, धनमाता की पहाडी, डूंगरिया भील पहाडी समेत अन्य स्थलों के विकास की संभावनाओं को प्रस्तुत किया और ट्राईबल आर्ट गैलरी तैयार करवाने की योजना के बारे में जानकारी दी। 
इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष शंकरसिंह सोलंकी ने जिले के प्रमुख ३१ मंदिरों के महत्त्च व इसे संरक्षित करने की मांग की। बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाडया  ने जिले में पर्यटन विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक विजेन्द्र झाला, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के परियोजना अधिकारी टीआर जोशी ने भी विचार व्यक्त किए।

पुरा सम्पदाओं का हो संरक्षण
लखावत ने  जिले में अवस्थित पुरा सम्पदाओं के बारे में जानकारी ली और कहा कि पुरा धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग को पुरा सम्पदाओं की सूची को विद्यालयों में प्रदर्शित करने व पुलिस विभाग को प्रत्येक बीट कांस्टेबल को उसके अधीनस्थ आने वाली पुरा सम्पदाओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। इस दौरान लखावत ने जिले में पुरासम्पदा को संरक्षित करने के लिए स्थानों के चिह्नीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए उपखण्ड अधिकारी गजेन्द्रसिंह राठौड, जनसंफ अधिकारी कमलेश शर्मा, बेडसा व पुरोहित को सम्मिलित करते हुए २१ दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 

एक्टिव जिला है
 जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक लेते हुए राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकारसिंह लखावत ने जिले में इस वर्ष में  चार महिनों में चार बैठकों के आयोजन की जानकारी प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और जिला कलक्टर नीरज के.पवन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बडा एक्टिव जिला है जहां पर्यटन विकास के लिए इतना चिंतन किया जा रहा है।



Discuss this story on KhabarExpress Forum  

More News:

Comments to this News
Be the first to comment on this News

 
Post Your Comments to this News
 Posting Rules
Name: Email:
Related Latest  


Top Story of The Day
Latest Articles
Father, Son, and wife of Kargil Martyr Chandra Chaudhary fixing first brick of his statue

God Tussi Great ho


Education Special

All right reserved by Khabarexpress.com
Contact Us | Archives | Sitemap

Special Edition
:
Lakshchandi Mahayagya, Camel Festival 2007, Vartmaan Sahitya, Bikaner Udyog Craft Mela