हनुमानगढ , २७ सितम्बर। जिले के प्रभारी मंत्री व कृषि राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से प्रस्तावित नहर बंदी के लिए राज्य सरकार ने सहमति नही दी है। श्री टीटी गुरुवार को जिला कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित बीस सूत्री कार्यक्रम तथा जिल के विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे । उन्होंने कहा कि नहरबंदी क लिए पंजाब सरकार की ओर से प्रस्ताव आया था, जिस पर राज्य सरकार ने काश्तकारों के हित व फसलों के प्रभावित होने की सम्भावना के मध्यनजर सहमति नही दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस सम्बन्ध में राज्य सरकार के स्तर से प्रयास किए गए है तथा इसी सिलसिले में शासन सचिव को पंजाब भेजा गया है। श्री टीटी ने कहा कि मुख्यमंत्री की नहर यात्रा के दौरान पंजाब के क्षेत्र में मरम्मत एवं रखरखाव से सम्बन्धित कार्यो को करने के लिए राज्य सरकार ने स्वीकृति दी थी, पंजाब सरकार द्वारा उन कार्यो को किया जाना भी बंदी के दौरान प्रस्तावित है। लेकिन इस मौसम में काश्तकार के हित को ध्यान में रखते हुए बंदी को दिसम्बर में या फिर ३१ मार्च के बाद लेने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
सिद्धमुख नोहर परियोजना क्षेत्र में १० से २५ अक्टूबर तक प्रस्तावित बंदी की ओर भादरा के विधायक डॉ. सुरेश चौधरी द्वारा ध्यानाकर्षित किए जाने पर प्रभारी मंत्री ने आश्वस्त किया कि यह बंदी भी नही होने देंगे इसके लिए वे जल संसाधन मंत्री प्रो. सॉवरलाल जाट से वार्ता कर उनको लोगों की समस्याओं से अवगत कराने के लिए जयपुर जा रहे है। भादरा के विधायक ने सिद्धमुख नोहर क्षेत्र में खाला निर्माण के कार्यो में धीमी गति तथा क्रासरेग्यू लेटर व गेटों की मरम्मत के कार्य काफी अरसे से लम्बित रहने का मामला सदन में रखा । इस पर प्रभारी मंत्री ने इस बारे में सिंचित क्षेत्र विकास विभाग के सचिव को लिख ेजाने तथा क्रास रेग्यूलेटर व गेटों की मरम्मत के कार्य के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही करने को कहा।
बैठक में नोहर- भादरा क्षेत्र में चकबंदी के कार्य से सम्बन्धित चर्चा में जिला कलक्टर श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने प्रभारी मंत्री को अवगत कराया कि वेपकोष द्वारा १७५ रुपए प्रति हैक्टेयर के हिसाब से १ लाख हैक्टेयर तक का सर्वे कराने के लिए सहमति दी गई है। साथ ही सर्वे के साथ-साथ रिकॉर्ड राईटिंग का कार्य १९० रुपए प्रति हैक्टेयर के हिसाब से करने के लिए वेपकोष के साथ बातचीत चल रही है। सहमति होते ही इसके कार्यादेश जारी कर दिए जाएंगे।
बैठक में मूंग के बीज गंगा -८ के प्रयोग के कारण प्रभावित काश्तकर के बारे में प्रभारी मंत्री द्वारा जानकारी माँगे जाने पर उपनिदेशक कृषि (तिलहन) ने बताया कि ७० हजार हैक्टेयर क्षेत्र में हुई मूंग की बुआई में से ७३६ हैक्टेयर में गंगा -८ के बीज का प्रयोग होने के कारण १८४० काश्तकार प्रभावित हुए है। इस पर प्रभारी मंत्री ने प्रभावितों को सहायता दिलाने तथा राजस्थान राज्य बीज निगम के विरुद्ध कार्यवाही का आश्वासन दिया।
जिले में १ अक्टूबर से ३० अक्टूबर तक गांव -गांव में लगाने वाले स्वास्थ्य केम्पों के बारे में हुई चर्चा में जिला प्रमुख श्री राजेन्द्र मक्कासर ने सुझाव दिया कि इस दौरान प्रत्येक गांव से पानी की सैम्पलिंग होनी चाहिए। इस पर प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि जहां -जहां भी पेयजल से सम्बन्धित शिकायत हो वहां की सैम्पलिंग कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य कैम्पों के दौरान सरपंचों , पंचों व जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से ग्रामीणों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के लिए विकास अधिकारियों को बैठकें लेने, कैम्प आयोजित की व्यवस्था व मॉनिटरिंग करने के लिए निर्देश दिए।
हनुमानगढ के विघायक श्री विनोद कुमार चौधरी ने राईस बैल्ट में अधिक बिजली देने तथा सरसों की फसल में प्रयुक्त होने वाली दवा ट्राईकोडर्मा पर सब्सिडी दिलाने की भी मांग की। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा काश्मकारो के प्रयोग में आने वाली सभी दवाओं पर गत वर्षों में सब्सिडी दी गई है तथा इस पर भी देने के लिए प्रयास करेंगे। पेयजल से सम्बन्धित चर्चा में हनुमानगढ के विघायक ने कहा कि पेयजल के कारण फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए ब्लीचिंग की सही मात्रा तथा फिल्टर की नियमित सफाई जरूरी है। उन्हने विद्युत विभाग से सम्बन्धित चर्चा में अपने विधान सभा क्षेत्र के नब्बे प्रतिशत क्षेत्र में २४ घन्टे विद्युत सप्लाई की व्यवस्था करने पर जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कार्यो की सराहना की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली के क्षेत्र में सुधारात्मक कदमों से आत्मनिर्भता की ओर कदम बढाए है तथा बिजली की कीमतों में कोई बढोतरी नही हुई हैं। पीलीबंगा कस्बे में पेयजल सप्लाई समय का निर्धारण नही होने का मामला प्रकाश में आने पर प्रभारी मंत्री ने सभी कस्बों के लिए समय का निर्धारण करते हुए कार्यक्रम जारी करने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री ने रावतसर में गत दिनों बादल फटने व अतिवृष्टि के कारण प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने तथा जल निकासी का कार्य त्वरित रुप से निपटाने के लिए जिला कलक्टर के नेतृत्व में प्रशासन की टीम द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए अपनी तरफ से बैठक में बधाई प्रेषित की। नोहर विधायक श्री बहादुर सिंह गोदारा ने रावतसर में इस तरह की घटना की पुनरावृति को रोकने के लिए स्थाई समाधान ढूंढने की आवश्यकता जताई। टिब्बी के विधायक श्री धर्मेन्द्र मोची व जिला प्रमुख श्री राजेन्द्र मक्कासर से अतिवष्टि के कारण टूटने वाले खालों का सर्वे भी करवाने की मांग की। इस पर प्रभारी मंत्री ने इसका सर्वे व एस्टीमेंट करवाकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
बैठक मे गरीबी हटाओं के सूत्र के तहत स्वर्ण जयन्ती रोजगार योजना, स्वयं सहायता समूह, सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना,इन्दिरा आवास, शहरी आवास योजना, घरेलू गैस व केरोसीन वितरण व्यवस्था, प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना, नगरपालिका में स्वच्छता, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, रावतसर व नोहर क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं, हरियाणा से आने वाली शराब पर निगरानी के लिए टास्क फोर्स का गठन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रमुख श्री राजेन्द्र मक्कासर, नोहर के विधायक श्री बहादुर सिंह गोदारा, भादरा के विधायक डॉ. सुरेश चौधरी, टिब्बी के विधायक श्री धर्मेन्द्र मोची, हनुमानगढ विधायक श्री विनोद चौधरी, कृशि उपज मंडी समिति के अध्यक्ष श्री अरुण खिलेरी , पंचायत समिति प्रधान श्री दयाराम जाखड, पीलीबंगा नगरपालिका अध्यक्ष श्री राजकुमार फंडा, रावतसर नगरपालिका अध्यक्ष श्री अभिषेक मटोरिया, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हरलाल सारण सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे । बैठक की कार्यवाही का संचालन करते हुए मुख्य आयोजना अधिकारी ओ.पी मांझू ने बीस सूत्री कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया।