बांसवाडा, राजस्थान मे विद्युत की निरंतर बढती मांग का आकलन करने के बाद राज्य सरकार ने पानी की प्रचुर उपलब्धि वाले बांसवाडा जिले मे 1 हजार 320 मेगावाट क्षमता का ताप बिजलीघर लगाने और सूरतगढ के सुपर ताप बिजलीघर की क्षमता बढाने के प्रस्ताव केन्द्र को भेज दिए हो।
बिजली उत्पादन मे राजस्थान को अग्रणी बनाने की सरकार की पहल पर केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) का 7 सदस्यीय विशेषज्ञ दल दो दिवसीय दौरे पर 30 सितम्बर को बांसवाडा आएगा। इसमें योजना आयोग, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, केन्द्रीय जल आयोग, रेलवे और एनटीपीसी के अधिकारी शामिल होंगे। इस दल की सिफारिश पर बांसवाडा जिले म¬ कोयला आधारित ताप बिजलीघर लगाने के लिए उपयुक्त स्थल का चयन किया जाएगा।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक डॉ. एस.के. कल्ला ने बताया कि प्रत्येक 660 मेगावाट क्षमता की दो सुपर क्रिटिकल पॉवर यूनिट बांसवाडा म¬ लगाने के लिए पांच संभावित स्थलों का प्रस्ताव है। बिजलीघर की स्थापना के लिए वहां पर्याप्त भूमि और जल उपलध है। बांसवाडा से नजदीकी रेलवे स्टेशन रतलाम है जिसके जरिये प्रस्तावित बिजलीघर के लिए कोयला लाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा सचिव श्रीमत पाण्डे के अनुरोध पर उपयुक्त स्थल का चयन करने के लिए केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण का दल प्रस्तावित स्थलों का आकलन करेगा। उन्होंने बताया कि बांसवाडा मे 140 मेगावाट क्षमता के माही पन बिजलीघर के अलावा कोई अन्य बिजलीघर नही है। प्रस्तावित ताप बिजलीघर लगने से विद्युत उपलधि मे भारी बढोतरी होगी। इस परियोजना म¬ लगभग 6 हजार करोड रुपये का निवेश होगा। इसके साथ ही रोजगार की भी विपुल संभावनाएं बन¬गी।
डॉ. कल्ला ने बताया कि राज्य सरकार वर्तमान 1500 मेगावाट नियोजित क्षमता वाले सूरतगढ सुपर ताप बिजलीघर के विस्तार की भी तैयारी कर रही है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के विशेषज्ञ विस्तार की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए अटूबर माह के प्रथम पखवाडे मे सूरतगढ का दौरा कर¬गे।