भूमि के अकृषि प्रयोजन के लिए आवंटन के बारें में दिशा निर्देश
27 Nov
2007
शहरी क्षेत्रें में स्थित राजकीय भूमि के अकृषि प्रयोजनार्थ आवंटन के लिए राजस्व विभाग ने एक परिपत्र जारी कर नए दिशा निर्देश जारी किए है।
हनुमानगढ , २७ नवम्बर। शहरी क्षेत्रें में स्थित राजकीय भूमि के अकृषि प्रयोजनार्थ आवंटन के लिए राजस्व विभाग ने एक परिपत्र जारी कर नए दिशा निर्देश जारी किए है। जिला कलक्टर श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने बताया कि परिपत्र के अनुसार जब तक नगरीय क्षेत्र में अवस्थित कोई राजकीय भूमि स्थानीय निकाय को हस्तान्तरित नही हो जाती है तथा यदि किसी संस्था (सरकारी या गैर सरकारी) द्वारा नगरीय क्षेत्र में अकृषि प्रयोजनार्थ भूमि की मांग की जाती है तो स्थानीय निकाय की अनापत्ति के पश्चात उस भूमि का आवंटन सीधे ही राजस्व विभाग के द्वारा राजस्व नियमों के अन्तर्गत किया जाएगा।
राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में १३ अगस्त २००४ को जारी परिपत्र में यह निर्देश दिए गए थे कि राजकीय सिवाय चक भूमि जो नगरपालिका को हस्तारित नही की गई है तथा राजस्व विभाग के नाम ही दर्ज है,उसे स्थानीय निकाय नियमानुसार राजस्व विभाग से अपने नाम स्थानानतरित कराने के बाद ही अकृषि प्रयोजनार्थ उनके आवंटन की कार्यवाही कर सकेंगे। इसके अलावा राजकीय भूमि के स्थानीय निकायों को हस्तांतरण के सम्बंध में राजस्व विभाग द्वारा ८ मार्च २००६ को जारी एक अन्य अधिसूचना जो १ अप्रैल २००५ से लागू की गई है, में यह प्रावधान किया गया है कि सभी प्रकार के स्थानीय निकायों को राजकीय भूमि तब हस्तान्तरित होगी जब वे कृषि भूमि की डीएलसी दर से ४० प्रतिशत राशि राज्यकोष में जमा कराएंगे। ऐसें में राजस्व विभाग के नवीन परिपत्र द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि जब तक नगरीय क्षेत्र में अवस्थित कोई राजकीय भूमि स्थानीय निकाय को हस्तान्तरित नही हो जाती है तथा यदि किसी संस्था (सरकारी या गैर सरकारी) द्वारा नगरीय क्षेत्र में अकृषि प्रयोजनार्थ भूमि की मांग की जाती है तो स्थानीय निकाय की अनापत्ति के पश्चात उस भूमि का आवंटन सीधे ही राजस्व विभाग के द्वारा राजस्व नियमों के अन्तर्गत किया जाएगा।
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