प्राइवेट सिक्यूरिटी एजेन्सियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य
28 Jun
2007
जयपुर, २८ जून। गृह विभाग द्वारा ११ अक्टूबर, २००६ को जारी अधिसूचना के तहत राज्य में लागू दी राजस्थान प्राइवेट सिक्यूरिटी ऐजेन्सीज (विनियमन) नियम - २००६ के अन्तर्गत जिलों में बिना लाइसेंस संचालित हो रही सुरक्षा एजेन्सियों के लिये शासन सचिव गृह विभाग से लाइसेन्स प्राप्त करना अनिवार्य हो गया है। प्राइवेट सिक्यूरिटी एजेन्सियों को उन्हें स्वीकृत लाइसेन्स अपने व्यावसायिक स्थल पर विशिष्ठ स्थान पर प्रदर्शित करने की अपेक्षा भी की गई है। गृह विभाग द्वारा इस संबंध में प्रदेश के समस्त जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक एवं विभागाध्यक्षों को पत्र प्रेषित कर स्मरण कराया गया है कि स्पष्ट कानूनी प्रावधान के बावजूद कई जिलों में अभी भी कई प्राईवेट सिक्यूरिटी एजेन्सियां एवं संस्थान बिना लाईसेंस के कार्य कर रही हैं। पत्र में कहा गया है कि कोई व्यक्ति प्राईवेट सिक्युरिटी एजेन्सी (रेग्यूलेशन) एक्ट, २००५ की धारा ४ के उल्लंघन में अधिनियम के लागू होन की दिनांक १५ मार्च, २००६ से एक वर्ष की अवधि जो १४ मार्च, २००७ को पूर्ण हो गई है, के उपरांत भी बिना लाइसेन्स प्राप्त किये व्यवसाय करता है तो उसे अधिनियम की धारा-२० की उपधारा (१) के तहत एक वर्ष के कारावास अथवा २५ हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किये जाने का प्रावधान है। पत्र में कहा गया है कि ऐसी एजेन्सियों जिनके द्वारा सुरक्षा गार्ड की सेवा देने का व्यवसाय किया जा रहा है और जिन्होंने १४ मार्च, २००७ तक भी पंजीयन नहीं कराया है या जिन्होंने १४ मार्च २००७ तक लाइसेंस हेतु गृह विभाग में आवेदन नहीं किया है, वे सुरक्षा गार्ड सेवा देने का व्यवसाय अब तक कर रही हैं तो उनके विरूद्ध उक्त अधिनियम में दण्डात्मक कार्यवाही कराई जाये भले ही ऐसी एजेन्सियों ने कहीं और से अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुसार अन्य विभाग से पंजीयन कराया हो। यह भी ध्यान रहे कि बिना वैध अनुज्ञापत्र के ऐसी किसी संस्था या एजेन्सी से सुरक्षा गार्ड अपने अधीनस्थ किसी कार्यालय में भी नहीं रखा जावे।
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