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मुख्यमंत्री ने गरीब बालक को कपडे दिलाये खुशी में मॉ गौरीदेवी के आंसू छलक आये
28 Jul 2007

बच्चे के फटे कपड देखकर तो वे भावुक हो उठी, उन्होंने इस नन्हें बालक के सिर पर हाथ रखा और लाड करने लगी। साथ ही उन्होंने उस बालक को तुरन्त उसकी पसंद के नये कपडे दिलाने के निर्देश दिये।


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जयपुर, २८ जुलाई। गरीबी का अभिशाप झेल रही गौरीदेवी के लिये मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे का शहरी भ्रमण वरदान साबित हुआ। भ्रमण के दौरान गौरी नामक पुरानी बस्ती की इस महिला और उसके फटेहाल बच्चे पर मुख्यमंत्री श्रीमती राजे की नजर पडी तो उनसे रहा नही गया । वे उन दोनो मॉ बेटो को अपने पास बुलाकर हालचाल पूछने लगी । बच्चे के फटे कपड देखकर तो वे भावुक हो उठी, उन्होंने इस नन्हें बालक के सिर पर हाथ रखा और लाड करने लगी। साथ ही उन्होंने उस बालक को तुरन्त उसकी पसंद के नये कपडे दिलाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने तंगहाली में जी रहे इस परिवार को किसी भी दिन अपने घर आने का न्यौता भी दे दिया। हुआ यूं कि शहर भ्रमण के दौरान पांच बत्ती से गर्वमेन्ट हॉस्टल की तरफ वन वे ट्रेफिक होने के कारण मुख्यमंत्री महाराजा कॉलेज के सामने से गुजरते हुए वापस एम.आई.रोड पर पहुंची तो लाल बत्ती के कारण उनका काफिला पांच बत्ती पर रूक गया । इस दौरान उनकी नजर एक गरीब महिला गौरीदेवी और उसके दस वर्षीय बालक कन्हैया पर पड गई । फिर क्या था, बुला लिया उन्होंने उस महिला और उसके मेलेकुचले कपडो में लिपटे बालक को अपने पास । श्रीमती राजे ने जब इस बालक को इस हाल में देखा तो उनका ममत्व उमड पडा और उन्होंने अपने अधिकारियों को बालक की पसंद के कपडे दिलाने के निर्देश दिये। एम.आई.रोड पर स्थित एक वातानूकूलित रेडिमेड शोरूम पर मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी उस बालक और उसकी मॉ को लेकर पहुंच गये, जहां बच्चे को उसकी पसंद की नई शर्ट, पेन्ट और कैप दिलाई जिसे पहनकर इस बालक ने इठलाते हुए अपना फोटो भी खिचवाया । पुरानी बस्ती निवासी बच्चे की मॉ गौरीदेवी ने बताया कि बील के पत्ते बेचकर अपने परिवार का जीवन यापन करती है । आज भी वो बील तोडकर बेचने के लिये घर ले जा रही थी । रास्ते में जब उसने मुख्यमंत्री के काफिले को देखा तो उसकी भी इच्छा हुई कि वह भी मुख्यमंत्री को नजदीक से देखे। अकस्मात ही जब श्रीमती राजे ने उसे बुलाया तो उसकी खुशी का ठिकाना नही रहा । और जब उन्होंने मुख्यमंत्री की दरियादिली देखी तो उसकी आंखे छलक उठी । मुख्यमंत्री ने इस महिला को अपनी समस्या के लिये किसी भी दिन अपने घर आने का न्यौता भी दिया।




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