बीकानेर, कोलायत के पवित्र सरोवर में इन दिनों कमल का जाल भयंकर रूप से फैला हुआ है। गौरतलब है कि कोलायत हिन्दुओं के तीर्थ के रूप में विख्यात है और यहाँ पर सांख्य दर्शन क प्रणेता महर्षि कपिल ने तपस्या की थी। यहाँ पर कपिल मुनि का भव्य मंदिर भी बना हुआ है और यहाँ स्थित सरोवर में तीर्थयात्री स्नान करने के लिए दूर दूर से आते र्हैं। परन्तु इस सरोवर में फैले कमल के जाल को देखकर उन्हें बडी पीडा होती है। सिर्फ मुख्य घाट को छोड दिया जाए तो सारे सरोवर में कमल फैला हुआ है। बीकानेर से आए तीर्थयात्री मग्नेश्वर ओझा से बात करने पर उन्होंने बताया कि सरोवर के तालाब में इस कारण से काफी बदबू आ रही है और नहाने का मन नहीं होता है। लेकिन धार्मिक आस्था का केन्द्र होने के कारण नहाना तो पडता ही है। यहाँ के लोगों व आने वाले तीर्थयात्रियों की मांग है कि इस सरोवर को कमल से मुक्त करवाया जाए व इस सरोवर की पूरी तरह से सफाई करवाई जाए ताकि लोगों की आस्था को चोट न पहचे।
कोलायत सरोवर की यह स्थिति काफी सालों से है और बीच में प्रशासन द्वारा सरोवर की सफाई करवाकर इसे कमल से मुक्त भी करवाया गया था। लेकिन इस सरोवर की सारी मिट्टी को कोलायत तालाब की आगोर में ही फेंक दिया गया जिससे बारिश के दिनों में वह मिट्टी वापिस तालाब में आ गई और कमल के जाल दोबारा यहाँ फल गए। पिछल दिनों कोलायत में बीकानेर के संभागीय आयुक्त प्रीतम सिंह व कलेक्टर श्रेया गुहा ने भी दौरा किया था तथा सरोवर की स्थिति को देखा था। प्रशासन ने लोगों को विश्वास दिलाया है कि इस समस्या का शीर्घ ही समाधान कर दिया जाएगा। कोलायत के वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी डॉ मोहन लाल पुरोहित ने भी जिला प्रशासन को समय समय पर इस समस्या से अवगत करवाया है। खबरएक्सप्रेस के बात करने पर डॉ पुरोहित ने बताया कि जिला प्रशासन की एक बैठक पिछले दिनों कोलायत में हुई थी जिसमें भी इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा हुई है और आशा है कि शीर्घ ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी।