जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने राज्य के वर्ष 2009-10 के बजट को जन आकांक्षाओं एवं अपेक्षाओं को पूरा करने वाला बताते हुए गुड को कर मुक्त करने के साथ ही 200 रुपये मूल्य के टावल और 300 रुपये मूल्य के जूतों को भी कर मुक्त करने की घोषणा की। मंगलवार को राज्य विधानसभा में राजस्थान विनियोग (संख्या-4) विधेयक 2009 तथा राजस्थान वित्त विधेयक 2009 पर हुई बहस का उत्तर देते हुए गहलोत ने कर राहत सम्बन्धी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गहलोत ने बताया कि गुड को पूर्ण रूप से कर मुक्त कर दिया गया है। वर्तमान में गुड पर 4 प्रतिशत की दर से कर देय है। इसी तरह 200 रुपये प्रति नग के टावलों को कर मुक्त करने की घोषणा के साथ ही 300 रुपये मूल्य तक के जूतों को भी कर मुक्त कर दिया है। वर्तमान में 200 रुपये तक के जूते कर मुक्त थे। इसके साथ ही राइसब्रान, सभी प्रकार की साडियां, विभिन्न प्रकार के सजावटी कार्य की हुई साडियों तथा आलू की कच्ची पापडी को भी गहलोत ने कर मुक्त करने की घोषणा की। पावर टूल्स तथा टूल्स के पार्ट, बबूल, आम और शीशम की लकडी का उपयोग हैण्डीक्राफ्ट में करने पर इनकी कर दर 14 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत करने की घोषणा करते हुए बताया कि घडवा पत्थर तथा घडाव मार्बल पर भी कर दर 4 प्रतिशत रहेगी। उन्हने सभी प्रकार की भुजिया सहित ब्राण्डेड एवं अन ब्राण्डेड नमकीन की कर दर को भी 4 प्रतिशत करने का एलान किया। गहलोत ने बताया कि समस्त प्रकार के यूज्ड वाहनों की बिक्री पर 1000 सीसी तक एक मुश्त कर राशि 2 हजार रुपये एवं उससे अधिक की क्षमता के हल्के वाहनों पर 5 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसी प्रकार पुराने भारी वाहनों पर एक मुश्त 8 हजार रुपये की कर दर निर्धारित की गई है। उन्होंने वाणिज्यिक कर विभाग की गत वर्ष शुरू की गई एमनेस्टी योजना को 31 दिसम्बर 2009 तक बढाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने वर्तमान विधायकों का वेतन 5 हजार से रुपये से बढाकर 7 हजार 500 रुपये करने, 50 हजार रुपये तक की कीमत का लेपटोप कम्प्यूटर उपलब्ध कराने, बैठक भत्ता 400 रुपये से बढाकर 500 रुपये प्रतिदिन करने तथा जिला पूल के वाहन की सुविधा नहीं लेने पर 10 हजार रुपये प्रतिमाह वाहन भत्ते पुनर्भरण की भी घोषणा की। इसी तरह पूर्व विधायकों की मासिक पेंशन 2 हजार 500 रुपये से बढाकर 5 हजार रुपये करने, पूर्व विधायक के देहान्त पर पत्नी या पति को 50 प्रतिशत आजीवन पेंशन देने तथा टोलटैक्स में छूट देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नया सेज एक्ट लाया जाएगा, जिसके तहत सेज स्थापना के लिए भूमि रूपान्तरण पर मात्र 100 रुपये शुल्क लगेगा तथा डेवलपर तथा को-डेवलपर को समान दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेज में स्थापित उद्योगों को 7 साल के स्थान पर 10 साल के लिए विद्युत शुल्क में छूट प्रदान की जाएगी। इसी तरह परिसर में स्थापित होटलों एवं मनोरंजक इकाइयों को विलासिता कर में शत प्रतिशत तथा मनोरंजन कर में 50 फीसदी की छूट 7 साल के लिए दी जाएगी। सेज के लिए खरीदी गई भूमि तथा बाद में उनकी लीज पर अन्तरण, मुद्रांक शुल्क से मुक्त होंगे। उन्होंने बताया कि किराए के भवन में स्थापित उद्योग को किराएनामे में भी मुद्रांक शुल्क से छूट मिलेगी। उन्होंने बताया कि मुआवजे में आवंटित विकसित भूमि पर लीज राशि में लगभग 75 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि लीज राशि की गणना, नियमन की दरों के आधार पर करने की व्यवस्था होगी। लेकिन यह छूट 8 वर्ष की लीज राशि एक मुश्त जमा कराने पर ही देय होगी। गहलोत ने जैसलमेर के सुनियोजित विकास के लिए नगर विकास न्यास स्थापित करने तथा नेगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट के तहत लंबित प्रकरणों के विस्तार के लिए 14 नये न्यायालय खोलने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नरेगा कार्यों पर सशक्त निगरानी रखने के लिए आन्ध-प्रदेश की तर्ज पर निष्पादन अंकेक्षण (परर्फोंमेंस ऑडिट) का पूर्ण एवं विस्तृत प्रबन्धन सुनिश्चित कर उसे सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर से लेकर राज्य के सर्वोच्च स्तर तक आधुनिक आई.टी. तकनीक के साथ एक मजबूत तंत्र विकसित किया जाएगा, जिस पर 15 करोड रुपये वार्षिक व्यय होगा। उन्होंने बताया कि पार्टी के घोषणा पत्र को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पार्टी के घोषणा पत्र के कुल 329 संकल्पों में से 101 संकल्पों का बजट में समावेश तथा 80 बिन्दुओं का क्रियान्वयन प्रथम 3 माह की कार्य योजना में ही किया गया है। उन्होंने बताया कि वैश्विक मंदी के परिणाम स्वरूप राजस्व आय में कमी तथा छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के कारण आए अतिरिक्त वित्तीय भार के बावजूद चालू वर्ष की योजना के आकार को 33 प्रतिशत बढाते हुए 18 हजार 365 करोड रुपये किया गया है तथा विभिन्न सेक्टर्स में बढे हुए प्रावधान प्रस्तावित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-गवर्नेंस के माध्यम से सर्विस डिलीवरी में गुणात्मक सुधार का प्रयास करते हुए योजना बजट की 3 प्रतिशत राशि का सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उपयोग की छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि बजट घोषणाओं की समयबद्घ क्रियान्विति के लिए मुख्य सचिव द्वारा नियमित समीक्षा की जाएगी और आवश्यक स्वीकृतियां एक महीने में जारी होगी। उन्होंने बताया कि बजट में घोषित नई नीतियों के माध्यम से समयबद्घ रूप से निश्चित परिणाम प्राप्त करने पर बल दिया गया है।