सूरतगढ, अतिक्रमण के विवाद में मारपीट के शिकार युवक की मौत के मामले में मृतक के परिजनों ने हंगामा खडा कर दिया है। इस मौत के मामले में चिकित्सालय स्टाफ व पुलिस को जिम्मेवार मानते हुए इनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर लोग ने युवक की लाश के साथ यहां सुभाष चौक पर धरना शुरू कर दिया है। मंगलवार शाम यकायक हुई इस कार्रवाई के बाद चिकित्सालय व पुलिस स्टाफ में हडकम्प मच गया है। युवक की मौत के बाद पुलिस ने मुकदमे में धारा 392 भी जोड दी गई।
गत 24 जुलाई की रात्रि रंगमहल के बीरबलराम नायक, मूलचंद, कुलदीप व अन्य लोगों ने यहां वार्ड नं. 7 में टीटू उर्फ सुखेदव 21 पुत्र दलीपसिंह अरोडा के घर में घुसकर टीटू, सीतादेव, प्रीतो, मनदीप, केसर, रूबी व मोजा पर हमला कर दिया था। अतिक्रमण विवाद को लेकर किए गए इस हमले में हमलावरों ने उसे १५ वर्ष के बच्चों तक को नहीं बख्सा।
सभी घायलों को यहां राजकीय चिकित्सालय में भर्ती करवाने के बाद घायल के पर्चा बयानों पर पुलिस ने धारा 447, 323, 341, 147 में मामला दर्ज किया था। हैरानी की बात है कि हमले में घायल टीटू, सीतादेवी, प्रीतो व मनदीप के गम्भीर चोटे होने के बावजूद चिकित्सक प्रमेन्द्र स्वामी ने घायलों की कोई तात पुकार नहीं सुनी और अगले ही दिन इन्हें सामान्य मानते हुए चिकित्सालय से छुट्टी दे दी।
शाम को हालत बिगडने पर घायलों के परिजन सीतादेवी, टीटू, प्रीतो व मनदीप को श्रीगंगानगर ले गए ओर इनका वहां उपचार शुरू करवाया। उपचार के दौरान आज सुबह साढे छः बजे टीटू उर्फ सुखदेव की मौत हो गई। 21 वर्षीय टीटू की मौत पर परिजनों का आक्रोश फूट पडा और मंगलवार देर शाम वे लाश लेकर यहां सुभाष चौक पर पहुंचे और लाश के साथ धरना शुरू कर दिया। मृतक टीटू के पिता नहीं है तथा घर का पालनहार वह अकेला है। टीटू के नन्हें बच्चे भी है।
टीटू के परिजनों का आरोप है कि गंभीर चोटों के बावजूद डॉ. प्रमेन्द्र स्वामी ने ईलाज में घोर लापरवाही बरती तथा पुलिस ने गंभीर चोटों के बावजूद मामला सामान्य धाराओं में दर्ज किया। इतना ही नहीं घटना के चार दिन बाद भी पुलिस ने एक भी नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं किया। परिजन इस मामले में पुलिस के साथ-साथ प्रमेन्द्र स्वामी व चिकित्सालय प्रभारी डॉ. नन्दलाल वर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने पर अडे हुए है।
देर शाम को सुभाष चौक पर लाश पहचने के बाद चौक पर लोगों की भारी भीड जमा हो गई। शहर के सभी जनप्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद थे। एतिहात के तौर पर मौके पर थानाधिकारी मजीद खां ने नेतृत्व में पुलिस जाब्ता भी तैनात कर दिया गया है। देर रात तक इस मामले में समझाइस के प्रयास जारी थे।
लापरवाही की बानगी
राजकीय चिकित्सालय में जीवित और मुर्दा लोगों की क्या दुर्दशा होती है इसकी एक बानगी सोमवार को चिकित्सालय के मुर्दाघर में देखने को मिली थी। बिहार मूल के एक फार्म कर्मी की तीन दिन पहले दिल का दौरा पडने से मौत हो गई थी। परिजनों को आने में तीन दिन लग गए। चिकित्सकों ने इस लाश को मुर्दाघर में रखवाया जाहं चूहों ने इस लाश को कुरेद दिया। चिकित्सकों ने जब यह मंजर देखा तो तुरंत-फुरंत में लाश का पोस्टमार्टम कर उसे कपडे में बांध दिया गया ताकि परिजन कोई हंगामा ना कर सके। जिन्दा लोगों से होने वाले व्यवहार से आम लोग आए दिन रूबरू होते रहते हैं।
पहले भी हुई है हत्याएं
अतिक्रमणों के विवाद में यह पहली हत्या नहीं है बल्कि पूर्व में भी यहां हत्याएं हो चुकी है। प्रशासनिक उदासीनता की वजह से शहर में भू-माफियाओं का आतंक आज भी मौजूद है। पूर्व म हनुमान खेजडी मंदिर के पीछे व रिलायन्स पेट्रोल पम्प के पास भी अतिक्रमणों के विवाद में हत्याएं हो चुकी है। वर्तमान में वार्ड नं. 5 भू-माफियाओं का गढ बना हआ है। यहां आए दिन अतिक्रमणों को लेकर झगडे होते रहते हैं।
आला अफसर मौके पर
युवक की लाश के साथ सुभाष चौक पर धरना शुरू करने के बाद पुलिस व प्रशासन के आला अफसर मौके पर पहुंच गये। धरने की सूचना मिलने पर एसडीएम रोहित गुप्ता, पुलिस उप अधीक्षक सुरेश सैनी, तहसीलदार हर्षवर्धन सिंह व नायब तहसीलदार दल-बल सहित मौके पर पहुंच गये।
इधर पूर्व विधायक हरचंद सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजन को ढाढस बंधाया।