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बीकानेर मे होगा 1008 कुण्डीय अश्वमेध यज्ञ
28 Sep 2008

9-13 फरवरी को बीकानेर मे पर्यावरण शुद्धि और नैतिक उत्थान के उद्देश्य से होन जा रहे इस अश्वमेध यज्ञ मे 1008 कुण्ड होंगे। 4 दिवसीय इस यज्ञ मे प्रतिदिन 3024 यजमान के द्वारा अश्वमेध यज्ञ के लगभग 50 मंत्रो के साथ 1500000 आहुतियां दी जायेगी।


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Gajendera Singha addressing to journalist about 1008 Kundiya Ashvemedh Yagya at Bikaner

बीकानेर, बीकानेर मे गायत्री तपोवन, हरिद्वार के तत्वाधान मे 1008 कुण्डीय अश्वमेध यज्ञ होने जा रहा है यह जानकारी देते हुए यज्ञ संयाजेक समिति के गजेन्द्रसिंह राठौड ने बताया कि यह अश्वमेध यज्ञ 9 से 13 फरवरी 2009 को सार्दुल क्लब के मैदान मे होगा। 1008 कुण्डीय इस यज्ञ मे प्रति कुण्ड एक मुख्य यजमान व दो सहयोगी यजमान होंगे। ४ दिवसीय इस यज्ञ मे प्रतिदिन 3024 यजमान के द्वारा इस यज्ञ मे अश्वमेध यज्ञ के लगभग 50 मंत्रो के साथ 150000 आहुतियां दी जायेगी। यह यज्ञ दिन मे तीन पारियों मे होगा। यज्ञ के उद्देश्य के बारे मे बताते हुए गजेन्द्रसिंह ने कहा कि आज के पर्यावरण और आम आदमी नैतिक पतन खोता जा रहा है और इसी की शुद्धि के साथ देश व विश्व मे शांति की कामना के साथ इस महाआयोजन को किया जा रहा है।

यज्ञ संयोजक गजेन्द्रसिंह राठौड ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस अश्वमेध यज्ञ मे भागीदारी के लिये जन - जन  को गायत्री साधना के लिये प्रेरित किया जा रहा है इसी आधार पर याजक पंजीकृत किये जा रहे है। सभी भावनाशीलो - श्रद्धालुओ का इस हेतु सादर आमंत्रण है कर रहे है और विश्वास किया जाना चाहिये कि चार चरणो मे सम्पन्न होने वाला यह अश्वमेध अभियान धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष - जीवन के इन चार पुरूषार्थो से समूचे राष्ट्वासी एंव राष्ट् को समर्थ बनायेगा। इनमे भाग लेने वाले स्वंय को गौरवान्वित अनुभव करेगे।

यज्ञशाला का स्वरूप एवं यजमान व्यवस्था
अश्वमेध महायज्ञ में 1008 कुण्ड होगे प्रत्येक कुण्ड मे जोडा सहित भाग्यशाली यजमान यज्ञकर्म हेतु बैठेगे। इस प्रकार 1008 सभी यजमानो से सामूहिक अश्वमेध यज्ञ का सकंल्प व्यक्ति कल्याण, समाज कल्याण,राष्ट् कल्याण एंव विश्व कल्याण हेतु कराया जायेगा। इन यजमानो के साथ मे दो-दो अन्य जोडे सह यजमान होगे। महायज्ञ मे किसी भी जाति धर्म का जोडा इसमे शामिल होकर यज्ञ आहुतियां दे सकेगा। गजेन्द्रसिंह राठौड ने कहा कि इस अश्वमेध यज्ञ का फल कुटुम्ब सहित यजमान को, मित्रगण, समाज, राष्टा एंव समूचे विश्व को प्राप्त होगा। राठौड ने कहा कि महायज्ञ मे बैठने वाले यजमानों के साथ आम आदमी भी अपनी श्रद्धा और स्वेच्छा से दान देकर पूर्णफल के भागीदार बन सकता है।

 

 




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Pelagian Dictionary

मे
होगा
कुण्डीय
अश्वमेध
यज्ञ


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