दिगम्बर सिंह ने अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ आने के दिये निर्देश 28 Nov
2007
चिकित्सा मंत्री ने अधीक्षण अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण को जिले में ऐसी बनी सडकों की गुणवता की जांच करने और दोषी ठेकेदार के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिये।
बीकानेर,२८ नवम्बर। चिकित्सा,स्वास्थ्य,आयुर्वेद मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दिगम्बर सिंह ने जिले में खाद्य वितरण व्यवस्था को दुरूस्त किये जाने और सभी अधिकारियों को बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश दिये है। उन्होंने अगली बैठक में विभिन्न योजनाओं में लाभान्वितों के नाम सहित सूचना लाने के भी निर्देश दिये।
चिकित्सा मंत्री बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बीस सूत्री कार्यक्रम की प्रथम स्तरीय बैठक में बीस सूत्री कार्यक्रम म आवंटित लक्ष्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने जिला रसद अधिकारी से जिले में कैरोसिन,बी.पी.एल.एवं ए.पी.एल.परिवारों को मिलने वाले गेह के उठाव एवं वितरण की जानकारी ली और कहा कि खाद्य वितरण व्यवस्था को दुरूस्त किया जावे। इसके लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ सक्षम अधिकारियों की समिति गठित कर,आगामी १५ दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना में बनी सडकों की गुणवता पर उठे मामले में चिकित्सा मंत्री ने अधीक्षण अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण को जिले में ऐसी बनी सडकों की गुणवता की जांच करने और दोषी ठेकेदार के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिये। जनप्रतिधियों ने बीकानेर शहर में मेडिकल कॉलेज से नागणेचेजी मंदिर तक हाल ही में बनी सडक के क्षतिग्रस्त का मामला उठाया। इस पर उन्होंने सडक की गुणवता की जांच करने और दोषी अधिकारी एवं ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये। श्रीडूंगरगढ के प्रधान छेलू सिंह ने कृषि कुंओं के विद्युत कनेक्शन की पत्रवलियों में आक्षेप लगाने और कनेक्शन में देरी के बारे में प्रभारी मंत्री को जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने जोधपुर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियन्ता से पूरी जानकारी ली और इस मामले संवेदनशील होकर कार्यवाही के करने के निर्देश दिये।
नोखा विधायक गोविन्द मेघवाल ने कोलायत क्षेत्र के बाला गांव में काफी दिनों से बाधित पेयजल आपूर्ति को बहाल करने की बात कही। समिति के सदस्य सोमदत श्रीमाली व मीना आसोपा ने शहर से गुजरने वाली रेल पटरियों के आस-पास फैली गंदगी पर चिन्ता व्यक्त की और कहा कि इसके लिए रेलवे अधिकारी एवं नगर परिषद की जिम्मेदारी तय की जावे।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) राजेन्द्र मिश्रा ने बताया कि स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना में ४५० लाख रूपये के लक्ष्य के विरूद्ध १७२.७९ लाख रूपये व्यय किये गये है। उन्होंने बताया कि १३४ अनुसूचित जाति, ८९ महिलाओं को और चार विकलांगों को सहायता दी गई। सबके लिए आवास योजना में ८३६ लोगों को इन्दिरा आवास के लिए आर्थिक सहायता दी गई। प्रत्येक आवास पर २५ हजार रूपये उपलब्ध कराये जाते हैं। जिले के १७ गांवों को जलसंसाधन की जलप्रदाय योजना से जोडा गया। उन्होंने बताया कि जन-जन का स्वास्थ्य सूत्र में ३५ हजार ४७० जनों की नसबंदी की गई। बी.सी.जी.के ३६ हजार २५०,पोलियों व डी.पी.टी.के ३५ हजार ३६ तथा टीट्नस के ३४ हजार ८१२ टीके लगाये गये।
बैठक में उप जिला प्रमुख प्रेमसुख सारण,लूणकरनसर के प्रधान रूपा राम,पूर्व विधायक किशना राम नाई,अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) पी.सी.मावर,मुख्यकार्यकारी अधिकारी एम.एल.खीची,परियोजना प्रबन्धक अनुसूचित जनजाति निगम प्रेमसुख बिशनोई,नगर परिषद आयुक्त के.एम.दुडया,समिति के सदस्य रमजान अब्बासी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।