जयपुर, २८ दिसंबर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने अप्रवासी राजस्थानियों एवं भारतीयों से राजस्थान में आकर उद्योग धंधे और व्यवसाय प्रारंभ करने का आव्हान करते हुए कहा कि पिछले चार सालों में राजस्थान की काया पलट हो गई है। राज्य सरकार के प्रयास से अब यह प्रदेश बिमारू नहीं रहा बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से विकासशील है। प्रदेश में बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा, सडक जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार विकास की मुंह बोलती कहानी कह रहा है।
मुख्यमंत्री आज भीलवाडा में आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी महाअधिवेशन के उद्घाटन समारोह में देश एवं विदेश से आये माहेश्वरी समाज के व्यक्तियों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने अप्रवासी माहेश्वरियों से कहा कि वे राजस्थान में वापस आकर यहंा की बदलती तस्वीर को देखें। इसी संदर्भ में उन्होंने एक शेर के माध्यम से आव्हान करते हुए कहा कि -
’’ गमों की आंच पर आंसू उबाल कर देखो,
बनेंगे रंग किसी पर भी डालकर तो देखो ।
तुम्हारे दिल की चुभन भी जरूर होगी कम
किसी के पांव से कांटा निकाल कर देखो ।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग आदि क्षेत्रें में निवेश से प्रदेश के उनके भाई लाभान्वित होंगे व रोजगार के अवसर भी बढेंगे।
उन्होंने गत दिनों जयपुर में आयोजित ’’रिसर्जेन्ट राजस्थान ‘‘ के सफल आयोजन की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें कल्पना से अधिक सफलता मिली एवं एक लाख ६२ हजार करोड रुपये का राजस्थान में निवेश करने को लोग तैयार हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे राजस्थान को एक नया रूप देना चाहती हैं जिसमें सभी अप्रवासियों का सहयोग आवश्यक है ताकि राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में अपना उच्च स्थान बना सक। उन्होंने आज के बदलते आर्थिक परिदृश्य में माइण्डसेट बदलने की बात कही ताकि आम आदमी का जीवन स्तर ऊपर उठ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने राजस्थान को एक परिवार के रूप में मानकर सबको साथ लेकर इसे हर क्षेत्र में आगे बढाने का गत चार वर्षों में प्रयास किया है। उन्हें जन जन का सहयोग चाहिये ताकि हम एक नये राजस्थान के सपने को साकार कर सके और ६ करोड जनसंख्या वाले इस प्रदेश को देश में आगे बढाने के संकल्प को पूरा कर सके।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि आज देश का भविष्य उनके आंगन में खेलकर बडा हो रहा है। उन्हें सुसंस्कारित करें ताकि देश व प्रदेश का विकास हो सके। उन्होंने कहा कि संस्कृति व मानवीय मूल्यों के विकास से ही देश व प्रदेश का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज विश्व भर में अपनी कार्यशैल से आगे बढा है तथा अपने बच्चों को शिक्षित करने , समाज की सेवा करने व प्रतिभाओं को उभारने में लगा है, यह गर्व की बात है। उन्होंने भीलवाडा के जिला कलक्टर को परामर्श देते हुए कहा कि वे उद्येागपतियों को जोडकर एक टास्क फोर्स बनायें जो सरकार के साथ मिलकर कार्य करे तो भीलवाडा की कायापलट हो सकती है तथा आने वाले समय में भीलवाडा राजस्थान की अगुवाई कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने माहेश्वरी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामपाल सोनी की मांग पर यहंा कम्युनिटी सेंटर बनाने के लिये तथा भीलवाडा में विश्वविद्यालय बनाने के लिये पर्याप्त जमीन उपलब्ध कराने की बात कहते हुए कहा कि सरकार जमीन उपलब्ध करायेगी आप दानदाता तैयार कीजिए ।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेल, चिकित्सा, साहित्य, कला, समाजसेवा, विज्ञान, पर्वतारोहण, नृत्य, संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली १४ प्रतिभाओं को सम्मानित किया और माहेश्वरी समाज की पत्रिका एव सीडी का विमोचन भी किया।
प्रारंभ में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए माहेश्वरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामपाल सोनी ने कहा कि समाज को समय के बदलाव के साथ बदलना होगा व समय के साथ चलना होगा तब ही हम देश व प्रदेश के विकास में योगदान कर सकते हैं। उन्होंने समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा देने व ग्रामीण प्रतिभाओं को उभारने में समाज के लोगों से सहयोग देने की अपील की। उन्होंने सम्मेलन के आयोजन के उद्देश्यों की भी जानकारी दी ।
श्री सोनी ने कहा कि अगर सरकार जमीन उपलब्ध कराये व विभिन्न विषयों में माहेश्वरी समाज के बच्चों केा प्रवेश में ५० प्रतिशत आरक्षण दे तो भीलवाडा के आसपास विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी। उन्होंने सम्मेलन को यादगार बनाने के लिये कहा कि सरकार भूमि उपलब्ध कराये तो समाज लगभग ५ करोड की लागत का कम्युनिटी हाल भीलवाडा में बनायेगा जिसमें एक करोड रुपये बिडला ग्रुप ने देने का भरोसा दिलाया है। उन्हने कहा कि अगर सरकार सुविधाएं प्रदान करें तो अप्रवासी माहेश्वरी भीलवाडा एवं राजस्थान में अपने उद्योग स्थापित कर सकते हैं।
इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री आर.सी.लाहोटी ने कहा कि आज हमें देश व समाज के सामने आ रही समस्याओं के समाधान के लिये चिंतन करना होगा और यदि माहेश्वरी समाज इस दिशा में आगे आकर प्रयास करके एक आदर्श प्रस्तुत कर तो यह समाज के लिये गर्व की बात होगी। उन्होंने भीलवाडा के संदर्भ में कहा कि आज एशिया का मेनचेस्टर कहे जाने वाले भीलवाडा में जनसंख्या के अनुपात से एशिया में सबसे अधिक पंजीकृत कार मालिक व लखपति तथा करोडपति निवास करते हैं, यह गौरव की बात है।
बिडला ग्रुप आफ इंडस्ट्रीज की अध्यक्षा श्रीमती राजश्री बिडला ने कहा कि आज देश ने तकनीकी व आर्थिक क्षेत्र में अच्छा विकास किया है। आज हमें यह सोचना है कि हम देश के लिये क्या कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षा, आत्मनिर्भरता व नैतिक मूल्यों की रक्षा पर जोर देने की बात कही। इस मौके पर पेन्टालून समूह के श्री किशन बियानी व श्री सीमेन्ट के श्री हरीराम बांगड ने भी विचार प्रकट किये।
सम्मेलन में पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कालू लाल गुर्जर, जिले के प्रभारी एवं खनिज राज्यमंत्री श्री खेमाराम मेघवाल, संसदीय सचिव श्री ओम बिडला, सांसद श्री वी.पी.सिंह व श्रीमती किरण माहेश्वरी, राजस्थान राज्य बीज निगम के अध्यक्ष डा. रतन लाल जाट, विधायक श्री सुभाष बहेडिया व श्री शिवजीराम मीणा, जिला प्रमुख इंजि. श्री कन्हैया लाल धाकड, नगरपरिषद के सभापति श्री ओम नाराणीवाल, नगर विकास न्यास अध्यक्ष श्री लक्ष्मीनारायण डाड, अजमेर संभाग के आयुक्त श्री दीपक उप्रेति, पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक व पत्रकार उपस्थित थे।