धौलपुर गैस थर्मल पॉवर स्टेशन
28 Dec
2007 राजस्थान के २९ जिलों में राष्ट्रीय बाल श्रमिक परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन बाल श्रमिक परियोजनाओं के माध्यम से एक हजार से अधिक विशेष बाल श्रमिक विद्यालय चलाए जा रहे हैं।
जयपुर, २८ दिसम्बर। धौलपुर गैस थर्मल पॉवर स्टेशन की नवनिर्मित ११० मेगावाट क्षमता वाली तृतीय इकाई को गुरुवार को रात्रि १० बजकर ५१ मिनट पर विद्युत उत्पादन के लिए सफलतापूर्वक सिन्क्रोनाइज कर राज्य ग्रिड से जोड दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने इसी वर्ष १ सितम्बर को धौलपुर विद्युत गृह की प्रथम व द्वितीय इकाई को लोकार्पित किया था। प्रत्येक ११० मेगावाट क्षमता वाली ये दोनों इकाइयां पूर्ण क्षमता से उत्पादन कर रही ह। तीसरी इकाई से प्रतिदिन लगभग २५ लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली सकेगी।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक श्री एन.एस.चौधरी ने बताया कि ओ.एन.जी.सी. से गैस आपूर्ति सुनिश्चित हो जाने के पश्चात कुल ३३० मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना का निर्माण कार्य २६ माह की रिकार्ड अवधि में पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि इस विद्युतगृह की पहली दोनों इकाइयों में ईंधन के लिए प्रयुक्त गैस के जलने के उपरान्त निष्क्रमित गैसों की उष्मा का उपयोग तृतीय इकाई में ईंधन के रुप में किया जा रहा है जिससे इस इकाई से विद्युत उत्पादन के लिये किसी प्रकार के अतिरिक्त ईंधन की आवश्यकता नहीं होगी।
श्री चौधरी ने बताया कि इस परियोजना की लागत ११५५ करोड रुपये आंकी गई है। इस विद्युत गृह के मुख्य उपकरणों की आपूर्ति एवं स्थापना का कार्य मैसर्स भारत हैवी इलैक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने एवं बैलेन्स आफ प्लान्ट का कार्य मैसर्स बी. जी. आर. एनर्जी सिस्टम, चेन्नई ने किया है। गैस का परिवहन मैसर्स गेल की पाइप लाइनों द्वारा किया जा रहा है।
श्री चौधरी ने कहा कि राजस्थान प्रदेश विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के नेतृत्व एवं ऊर्जा राज्यमंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में विद्युत उत्पादन निगम द्वारा गिरल में १२५ मेगावाट क्षमता वाली द्वितीय इकाई, छबडा में ५०० मेगावाट क्षमता की दो इकाइयों, सूरतगढ में २५० मेगावाट क्षमता की छठी इकाई व कोटा में १९५ मेगावाट क्षमता की सातवीं इकाई का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। कुल १०७० मेगावाट क्षमता की इन इकाइयों को अगले वर्ष २००८ में चालू करने का लक्ष्य है।
श्री चौधरी ने बताया कि रबी मौसम में कृषि क्षेत्र की बढी हुई मांग को देखते हुऐ निगम के सभी बिजली घरों मे पूर्ण क्षमता से उत्पादन किया जा रहा है। उन्होने कहा कि इसी वर्ष फरवरी में गिरल (बाडमेर) में लिग्नाइट ईंधन आधारित १२५ मेगावाट क्षमता की पहली इकाई चालू की गई थी जिसमे आई प्रारम्भिक कठनाईयों के निवारण उपरान्त अब नियमित उत्पादन हो रहा है।