अधिकारी और कर्मचारी, ड्यूटी अच्छी तरह निभाएं, वरना खैर नहीं
28 Dec
2007 सरकारी नौकरी में मौज-मस्ती और अनुशासनहीनता बरतने वाले अफसरों और कर्मचारिय पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने फिर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बांसवाडा, २८ दिसम्बर/सरकारी नौकरी में मौज-मस्ती और अनुशासनहीनता बरतने वाले अफसरों और कर्मचारिय पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने फिर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें सख्त हिदायत दी गई है कि सरकारी नौकरी के प्रति गैर जिम्मेदाराना बर्ताव करने वाले और लापरवाही के आदी हो चले कार्मिकों के मामलों में गंभीरता बरतें तथा राज हित में इनके खिलाफ कडी कार्यवाही करें।
इस संबंध में जिला कलक्टर विकास एस. भाले ने राज-काज में अनुशासन को सर्वोपरि बताते हुए जिले के तमाम शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय की पाबन्दी का ध्यान रख और अपनी निर्धारित ड्यूटी को अच्छी तरह अंजाम दें।
जिला कलक्टर ने प्रशासनिक सुधार विभाग से प्राप्त राजस्थान कार्यविधि नियम की जानकारी तमाम जिलास्तरीय अधिकारियों को भिजवाते हुए यह निर्देश दिए हैं कि इन नियमों की अच्छी तरह पालना सुनिश्चित की जाए। ये नियम समस्त राजकीय कार्यालयों, संस्थानों, निगमों, स्वायत्तशाषी संस्थाओं आदि में समान रूप से लागू हैं। १०.१० तक नहीं आए तो क्रॉस लगेगा इन नियमों में कहा गया है कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की उपस्थिति का समय प्रातः ९.३० बजे है तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थित का समय प्रातः १० बजे है। जो अधिकारी या कर्मचारी कार्यालय में प्रातः १० बजकर १० मिनट तक उपस्थित नहीं होते हैं उनके नाम के आगे उपस्थित पंजिका में क्रॉस लगा दिया जाए। इस प्रकार के प्रत्येक क्रॉस के लिए आधे दिन का अवकाश काट लिया जाए।
यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी माह में ३ बार विलम्ब से उपस्थित होगा और उसके नाम की उपस्थिति के कॉलम में तीन बार क्रॉस हो तो यह माना जाएगा कि यह अधिकारी या कर्मचारी आदतन विलम्ब से उपस्थित होने वाला है और ऐसे में उसके विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवा वर्गीकरण, नियन्त्रण एवं अपील नियम, १९५८ के नियम १७ के अन्तर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी क्रॉस को मिटा कर अपनी उपस्थिति दर्ज करता है तो यह नियमों के विपरीत माना जाएगा तथा ऐसे कार्मिक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। ड्यूटी समय में चाय-पान की दुकान पर घूमना गैरकानूनी कार्यालय समय में अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी केन्टीन, पान की थडी आदि के इर्द-गिर्द घूमता हुआ पाया जाए तो उनके प्रति कोई ढिलाई नहीं बरती जाए तथा ड्यूटी के प्रति ऐसे गैर जिम्मेदार कार्मिक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। यह स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारी व कर्मचारी भोजनकाल दोपहर डेढ से दो बजे तक ही रखें तथा इससे पहले व बाद में कार्यस्थल न छोडें।
प्रशासनिक सुधार विभाग के निर्देशों के अनुसार यदि कलेण्डर वर्ष की समाप्ति से पूर्व किसी अधिकारी या कर्मचारी का आकस्मिक अवकाश समाप्त हो जाता है तो उससे उपार्जित अवकाश हेतु आवेदन पत्र भरवाया जाकर उपार्जित अवकाश काट जाए। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी उपार्जित अवकाश के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत नहीं करता है तो उसके विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवा वर्गीकरण, नियन्त्रण एवं अपील नियम, १९५८ के नियम १७ के अन्तर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।
सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन नियमों की पूरी-पूरी पालना करें तथा आदतन देरी से आने वाले अपने अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियेां के वार्षिक कार्य मूल्यंाकन में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करें। मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज हो आने-जाने की जानकारी प्रशासनिक सुधार विभाग ने कडे निर्देश दिए हैं कि कार्यालय समय के दौरान् जिन अधिकारियों व कर्मचारियों को कार्यालय छोडकर अन्यत्र जाना पडे तो वे आने-जाने का इन्द्राज आवागमन पंजिका में अवश्य कर। आला अफसर भी रहें अनुशासित प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्यालय प्रशासन का प्रथम केन्द्र बिन्दु निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित होना है। ऐसे में सभी विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष आदि को भी इस बारे में गंभीर रहना चाहिए तथा देरी से आने वाले अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करनी चाहिए। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा गया है कि वे निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित होकर कार्य स्थल पर रहकर राजकार्य को पूर्ण निष्ठा एवं लगन से सम्पादित कर।