राज्य सरकार द्वारा किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए जल चेतना द्वितीय चरण-राजस्व अभियान तीन जनवरी, २००८ से एक माह के लिए आयोजित किया जा रहा है।
जयपुर, २८ दिसम्बर। राज्य सरकार द्वारा किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए जल चेतना द्वितीय चरण-राजस्व अभियान तीन जनवरी, २००८ से एक माह के लिए आयोजित किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने समस्त सम्भागीय आयुक्त, समस्त जिला कलक्टर, आयुक्त उप निवेशन बीकानेर तथा निबन्धक, राजस्व मण्डल, अजमेर को इस सम्बन्ध में एक परिपत्र जारी किया है। अभियान के अन्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक दिन का शिविर आयोजित किया जायेगा। शिविर प्रातः ११ बजे अथवा उससे पूर्व प्रारम्भ होगा।
अभियान के दौरान पंचायत मुख्यालय की ग्राम सभा में जमाबन्दी पढ कर सुनाना, आवश्यक नामान्तरकरण खोलना, तस्दीक करना एवं जमाबन्दी में नोट लगाना एवं सम्मानसूचक नाम के इन्द्राज हेतु प्रार्थना पत्र प्राप्त किये जायेंगे। इसके अलावा आवंटित भूमि पर गैर खातेदार कृषकों को नियमानुसार खातेदारी अधिकार देना, कृषि प्रयोजन हेतु राजकीय भूमि का आवंटन, नियमन एवं पूर्व में आवंटन इत्यादि का रिकार्ड एवं नक्शे में इन्द्राज, सीलिंग सरप्लस भूमि का आवंटन करना एवं अकृषि योग्य भूमि के वैकल्पिक प्रस्ताव तैयार करना, राजकीय भूमि पर किये गये अतिक्रमणों पर नियमन एवं राजकीय कृषि भूमि पर निर्मित कुओं का नियमन करना, राजस्व ग्राम बनाने के प्रस्ताव तैयार करना तथा राजस्व विभाग द्वारा जारी परिपत्र २४ मई, २००७ के अनुसार मंदिर माफी के बकाया प्रकरणों में रेफरेंस तैयार करना तथा पुराने प्रकरणों का परीक्षण करने का कार्य किया जायेगा।
इसी प्रकार पासबुकों को आदिनांक कर कृषकों को वितरण करना तथा राजस्व अभिलेख की प्रतिलिपियां उपलब्ध करवाना, ग्राम पंचायत को आबादी के लिए एवं स्कूलों, चिकित्सालयों व धर्मशालाओं के लिए भूमि आवंटन व आरक्षण के प्रस्ताव प्राप्त कर इन्हें आवंटित व आरक्षित करना, राजकीय व अराजकीय संस्थाओं को आवंटित तथा संपरिवर्तित भूमि को जमाबन्दी व नक्शे में इन्द्राज करना, काश्तकारी अधिनियम की धारा ५३ (२)(१) के अन्तर्गत कृषि जोतों के विभाजन के मामलों का मौके पर निपटारा करना,
धारा २५१ के अन्तर्गत रास्ते सम्बन्धी विवादों को निर्णित करना, पत्थरगढी व सीमाज्ञान के प्रार्थना पत्र का पंजीयन करना, अनुसूचित जाति व जनजाति की भूमि पर अवैध कब्जों के प्रकरणों को प्राथमिकता से निस्तारित कर सम्बन्धित को पुनः कब्जा दिलाने, अधिसूचित नगरीय क्षेत्र एवं उनके पेराफेरी क्षेत्र में पूर्व में आवंटित कृषि भूमि के आवंटियों को खातेदारी अधिकार प्रदान करना और सहकारी समितियों के सदस्यों को भूमि आवंटन तथा नगरीय योग्य क्षेत्र तथा पेरीफेरी क्षेत्र में खातेदारी अधिकार प्रदान किये जायेंगे।
उपनिवेशन विभाग के अन्तर्गत अभियान के दौरान उपनिवेशन क्षेत्र में सहकारी समिति के सदस्यों को भूमि का आवंटन, लघु एवं मध्यम पट्टियों का आवंटन, गंग नहर परियोजना एवं भाखडा नहर परियोजना में निरस्त मुरब्बों की बहाली, उपनिवेशन क्षेत्र में अतिक्रमण का नियमन, नगरीय व पेरीफेरी क्षेत्र में गैर खातेदारी और खातेदारी अधिकार प्रदान करना तथा राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा-१५ एएए की उपधारा २ के अन्तर्गत सीलिंग सीमा से काम भूमि का शपथ-पत्र प्राप्त करना एवं उसका सत्यापन का कार्य किया जायेगा ।
परिपत्र में निर्देश दिये गये है कि जिला कलक्टर इस अभियान की पूरी तैयारी करेंगे तथा इसके क्रियान्वयन, मोनिटरिंग एवं समीक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे। प्रत्येक पंचायत स्तर पर एक पंचायत समिति प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति की जायेगी जो उपखण्ड अधिकारी, भारतीय प्रशासनिक सेवा अथवा राजस्थान प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होगा।
जिला कलक्टर शिविरों में विभिन्न कार्यक्रमों की क्रियान्विति के सम्बन्ध में साप्ताहिक रिपोर्ट सचिवालय स्थित निकनेट के माध्यम से भिजवायेंगे तथा एक प्रति सीधे ही डाक द्वारा राजस्व (ग्र्रुप-६) विभाग में भेजेंगे। उपनिवेशन सम्बन्धी रिपोर्ट उप शासन सचिव, उपनिवेशन विभाग को भेजी जायेगी।