विभागीय प्रगति का आईना बने आंकडे-प्रभारी सचिव
28 Dec
2007 जिले के प्रभारी एवं जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के शासन सचिव विनोद कपूर ने समस्त अधिकारियों को कहा है कि विभागीय प्रगति से संबंधित प्रस्तुत किए जाने वाले आंकडे ही क्षेत्र के विकास का आधार होते है,
डूंगरपुर २८ दिसंबर/ जिले के प्रभारी एवं जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के शासन सचिव विनोद कपूर ने समस्त अधिकारियों को कहा है कि विभागीय प्रगति से संबंधित प्रस्तुत किए जाने वाले आंकडे ही क्षेत्र के विकास का आधार होते है, ऐसे में प्रगति से सबंधित आंकडे इस ढंग से प्रस्तुत हो कि समग्र प्रगति को प्रतिबिंबित करे।
कपूर शुक्रवार को स्थानीय जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने जिले के समस्त विभागीय अधिकारियों व प्रशासनिक व राजस्व अधिकारियों से विस्तार से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। आरंभ में जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने प्रभारी सचिव नियुक्त होने के बाद प्रथम बार जिले में आगमन पर कपूर का स्वागत किया और जिले के वैकासिक परिदृश्य में बारे में जानकारी प्रदान की। गत बैठक के निर्णयों पर विभागों की अनुवर्ती कार्यवाही की समीक्षा से प्रारंभ बैठक में जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता वीके जैन ने जिले में ५४२ में से ५०२ नाकारा हेण्डपंपों को हटाये जाने की जानकारी दी । इसी प्रकार जैन द्वारा खराब पानी से संबंधित हेण्डपंपों पर लाल रंग किए जाने और पानी को स्वच्छ करने वाले अटेचमेंट लगाने की कार्यवाही के बारे में भी जानकारी ली और निर्देशित किया कि त्वरित गति से तीन पीपीएम से अधिक फ्लोराईड वाले हेण्डपंपों पर अटेचमेंट लगाया जाए ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल प्राप्त हो सके।
प्रभारी सचिव ने ओवरलोडेड वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही को सतत रखने के निर्देश दिए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। बेणेश्वर सडक को चौडा करने के लिए दिए निर्देशों पर प्रस्ताव कलक्टर को भिजवाये जाने की जानकारी दिए जाने पर प्रभारी सचिव ने प्रस्तावों को विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पन्नाधाय जीवन अमृत योजना में पात्र विद्यार्थियों के प्रस्तावों पर शीघ्र ही कार्यवाही करते हुए विद्यार्थियों को लाभान्वित करने को कहा। प्रभारी सचिव ने विद्यालयों व आंगनवाडी केन्द्रों पर दोहरे नामांकन की समस्या पर अंकुश लगाने और विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षार्थी अनुपात की विसंगति को दूर करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया।
विभागों की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने विद्युत विभाग द्वारा फिडर रिनोवेशन कार्य की प्रगति, कृषि कनेक्शनों की स्थिति और लिफ्ट परियोजनाओं को कनेक्शन प्रदान करने की प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए और जिले के ढीले विद्युत तारों, विद्युत चोरी और विद्युत से संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
जलदाय विभाग की समीक्षा में उन्होंने जिले में हेण्डपंप वेधन, फ्लोराईड प्रभावित गांवों की योजना के बारे में जानकारी ली और रिसोर्स मेपिंग कराने के निर्देश दिए। सीमलवाडा उपखण्ड अधिकारी द्वारा चीखली में पाईप लाईन टूटने से पेयजल समस्या होने की जानकारी देने पर प्रभारी सचिव ने गंभीरता दिखाते हुए अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से इसे देखे और यह सुनिश्चित करें कि समस्या का समाधान तत्काल ही हो।
सिंचाई विभाग के अधीन नहरों की स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने नहरों से सिंचित क्षेत्र के बारे में जानकारी ली। उन्होंने रोजगार गारंटी योजना के तहत विभाग के अधीन स्वीकृत पडे कार्यों के बंद पडे होने की स्थिति पर भी नाराजगी जताई और इसे पूर्ण कराने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी द्वारा रोजगार गारंटी योजना से संबंधित कार्यों के बारे में समस्त खण्डों की समग्र जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और विभागीय अभियंता को यह सुनिश्चित करने को कहा कि गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठकेदारों के विरूद्ध कार्यवाही की जावें। उन्होंने मॉडर्न पब्लिक स्कूल की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली और इसे शीघ्र पूर्ण कराने को कहा। शिक्षा विभागीय समीक्षा में प्रभारी सचिव ने जिले के प्रारंभिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता की न्यून स्थिति पर चिंता व्यक्त की और विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में गंभीर प्रयास करने को कहा। उन्होंने जिले म शैक्षिक उन्नयन के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली।
प्रभारी सचिव ने चिकित्सा विभागीय अधिकारियों द्वारा सामान्य चिकित्सालयों में रिक्त पडे चिकित्सकों के पदों की स्थिति पर गंभीरता दर्शाते हुए विस्तार से जानकारी ली और इस दिशा में विशेष प्रयास करने को आश्वस्त किया। उन्होंने परिवार कल्याण और टीकाकरण प्रगति के साथ ही चिकित्सकों के मुख्यावास पर ठहरने के बारे में भी जानकारी ली और बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिले में जेट्रोफा प्लांटेशन के बारे में जानकारी ली। कलक्टर पवन ने जिले की ३३३ ग्राम पंचायतों में ३८ खसरा नंबरों में ३३० हेक्टेयर भूमि जेट्रोफा प्लांटेशन के लिए आवंटित किए जाने की जानकारी दी। प्रभारी सचिव ने जिले में अन्य योजनाओं में भी प्लांटेशन की जानकारी लेते हुए संतोष व्यक्त किया।
बैठक दौरान उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निस्तारण, ग्रामीण विकास, पशुपालन, कृषि, आयुर्वेद व अन्य समस्त विभागीय योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए।
इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर टीआर जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुलश्रेष्ठ, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यप्रकाश सहित समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी और समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। बॉक्स
अधिकारियों को पुख्ता तैयारी के साथ आने के निर्देश जिले के प्रभारी सचिव ने समीक्षा बैठक में आधी-अधूरी सूचनाओं के साथ आने वाले कई अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और निर्देशित किया कि वे विभाग से संबंधित समस्त योजनाओं के संबंध में पूरी जानकारी लेकर ही उपस्थित होवें। सिंचाई विभाग द्वारा भेजे गए प्रतिनिधि के पास पूरी जानकारी व सूचनाएं नहीं होने की स्थिति पर उन्होंने निर्देश प्रदान किया कि समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से विभागीय अधिकारी मौजूद रहें और अपरिहार्य कारणों से पूर्व सूचना पर प्रतिनिधि भेजने की स्थिति में यह सुनिश्चित करें कि संबंधित प्रतिनिधि सभी आवश्यक जानकारियों व सूचनाओं के साथ उपस्थित होवे। दिनभर चली बैठक जिले के प्रभारी सचिव की प्रथम बैठक आज दिनभर चली। प्रातः साढे ग्यारह बजे प्रारंभ हुई यह बैठक सायं ६.४५ बजे संपन्न हुई। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक विभाग से विस्तार से जानकारी लेते हुए प्रत्येक योजना, उसकी क्रियान्विति और इससे संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी लेकर दिशा निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आधारभूत सुविधाओं से जुडे विभागों के अधिकारियों को बैठक के आरंभ में जानकारी ली और विस्तार से जानकारी लेने के बाद उन्हें एक-एक कर मुक्त करते गए। इन विभागों के अधिकारियों को उन्होंने आगे बैठने के निर्देश देते हुए कहा कि आई-टू-आई कॉन्टेक्ट होने से ज्यादा प्रभावी जानकारी प्राप्त होती है। कृषि जोत व दुधारू पशुओं की स्थिति पर आश्चर्य व्यक्त किया जिले के प्रभारी सचिव विनोद कपूर जिले में कृषि जोतों के छोटे आकार और दुधारू पशुओं द्वारा बहुत कम दूध देने की स्थिति को जानकार आश्चर्यचकित हुए। उन्होंने राज्य के हनुमानगढ और अन्य जिलों से जिले की तुलना करते हुए बेहद चिंता व्यक्त की। कलक्टर पवन ने पशुओं के नस्ल सुधार की आवश्यकता बताते हुए समग्र विकास योजना के तहत उन्नत नस्ल के पशुओं के वितरण के बारे में जानकारी दी और कहा कि जिला प्रशासन और विभाग जिले में बडी तादाद में मौजूद पशुओं की नस्ल सुधार की दिशा में सतत प्रयासरत है। प्रभारी सचिव ने जिले के डेयरी की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली और इसके लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा। राज्य स्तर के बिन्दुओं पर मांगी जानकारी प्रभारी सचिव ने जिले के विभिन्न विभागों से संबंधित राज्य स्तर के बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी चाही और कहा कि इस दिशा में जिला स्तर से अब तक किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बतावें ताकि राज्य स्तर पर विभागीय अधिकारियों की जानकारी में लाते हुए संबंधित समस्याओं का समाधान कर राहत प्रदान की जा सके। कलक्टर पवन ने चिकित्सा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास और सिंचाई विभाग से संबंधित राज्य स्तर पर विभिन्न लंबित प्रकरणों के बारे में जानकारी दी।