डूंगरपुर २९ अप्रेल/ जिले की प्रथम महिला कलक्टर मंजू राजपाल का जिले में लगभग दो वर्षों का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा। इस दौरान राजपाल के कुशल निर्देशन में जहा लोक कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हुआ वहीं आपदा और अकाल स्थितियों का भी प्रशासन ने दृढता के साथ मुकाबला कर इस आदिवासी अंचल के निवासियों को राहत प्रदान की।
जिले की प्रथम महिला कलक्टर के रूप में २९ जून २००५ को पदभार ग्रहण करने वाली राजपाल ने जिले में राजस्थान ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के प्रभावी संचालन, राजस्व प्रकरणों के निस्तारण, राजस्व वसूली, कानून व्यवस्था, पर्यटन विकास, वृक्षारोपण, विभिन्न लोकहितकारी योजनाओं तथा राष्ट्रीय अभियानों के भावी संचालन के लिए वर्ष २००५ में राज्य सरकार द्वारा बेस्ट कलक्टर अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
राजपाल के कार्यकाल में राजस्व प्रकरणों का अ श्रेणी में शत प्रतिशत निस्तारण हुआ वहीं जनजाति उपयोजना क्षेत्रा के लिए राज्य सरकार २१ जनवरी से २८ फरवरी तक चलाए गए विशेष राजस्व अभियान में १६७७ हेक्टर भूमि को भूमिहीन किसानों को आवंटन किया गया । इसके अलावा ११९४० गैर खातेदार कृषकों को खातेदारी अधिकार प्रदान करते हुए शत प्रतिशत प्रकरणों का निस्तारण किया गया। राजपाल के कार्यकाल में वर्ष २००५ में जिले ने बीस सूत्राी कार्यक्रम के बिन्दुओं ११ए, ११ बी, १४ बी, १५ व १९ बी में रेंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया राष्ट्रीय काम के बदले अनाज योजना में पूरी पारदर्शिता के साथ श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान व करवाये गए कार्यो की विभिन्न एजेन्सियों द्वारा जांच कर देश स्तर पर प्रशंसा की तथा यूरोपीयन कमीशन कार्यक्रम का भी प्रभावी संचालन किया जा रहा है।
जिले में प्रथम हर्बल गार्डन का निर्माण, कृषि विज्ञान केन्द्र फलोज पर बायोडिजल संयत्रा की स्थापना, रतनजोत पौधरोपण,जल संरक्षण कार्य, कृषि विज्ञान केन्द्र में संभाग की प्रथम मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना, हाईटेक नर्सरी, हार्टीकल्चर व वर्मी कंपोस्ट यूनिट की स्थापना, भामाशाहों को आमंत्र्त्राण, राजस्थान लाईवलीहुड मिशन के तहत २ गांवों को गोद लेकर आधारभूत सुविधा मुहैया करवाने व ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने की योजना का क्रियान्वयन व जिले की बालिकाओं व महिलाओं का बीमा करवाने की योजनाओं के संचालन आदि ऐसे विशिष्ट कार्य है जिनमें कलक्टर राजपाल के कार्यकाल में जिले को प्रदेश व देश स्तर पर ख्याति प्राप्त हुई।
इसके अलावा जिले के पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राजपाल के प्रयास भी उल्लेखनीय रहें । इनके कार्यकाल में तीन दिवसीय रंगारंग वागड महोत्सव व राष्ट्रीय जनजाति मेले के प्रभावी आयोजन के साथ ही बेणेश्वर व देवसोमनाथ विकास कार्यों तथा गेपसागर जलाशय सौन्दर्यीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में पर्याप्त धनराशि के आवंटन से पर्यटन विकास को बल प्राप्त हुआ। महिला कलक्टर के रूप में कुमारी राजपाल ने जिले में महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं का सफल संपादन करवाया गया। इसमें स्वयं सहायता समूहों के गठन व उनकों आयजनक गतिविधियों के लिए ऋण वितरण करवाने के कार्यों से क्षेत्रा की हजारों महिलाओं को संबल प्राप्त हुआ। जिले में शिक्षा संबल महाअभियान की प्रभावी मानिटरिंग व स्थानीय महाविद्यालय में पांच रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के संचालन से शैक्षिक गतिविधियों को बढावा प्राप्त हुआ है जो राजपाल के कार्यकाल की उपलब्धियां हैं। |
लोकमंगल की अनुकरणीय पहल की सूत्राधार
गांवों के सामाजिक और आर्थिक सुदृढीकरण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं के प्रभावी निस्तारण की दिशा में अभिनव प्रयासों के क्रियान्वयन की राज्य सरकार की महत्त्वकक्षी सोच के अनुरूप ही आदिवासी बहुल डूँगरपुर जिले में जिला कलक्टर मंजू राजपाल ने लोक कल्याणकारी योजनाओं को मूर्त रूप देते हुए ही कई अभिनव योजनाओं का सूत्रापात किया।
उन्होंने जिले के ग्राम्यांचलों की जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक उत्थान की विविध योजनाओं के सार्थक क्रियान्वयन और क्षेत्रीय खुशहाली की विकास दर में वृद्घि के लिए समस्त विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों में निचले स्तर तक समन्वय स्थापित कर ग्राम्यजनों से संध्याकालीन संवाद और समस्या समाधान की चौपाले आयोजित करने की अनुकरणीय पहल भी की।
हर समस्या के समाधान के लिए रही तत्पर
आत्मविश्वासी कलक्टर राजपाल जिले में जनहित से जुडी प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए सदैव तत्पर रही। सागवाडा अस्पताल से संबंधित विवादों के निबटारे, राष्ट्रीय सम विकास योजना के तहत आवंटित राशि का सर्वांगीण विकास के लिए उपयोग, जिले में राशन वितरण, गैस वितरण आपूर्ति, विद्यालयों में बेहतर शिक्षा, छात्राावासों की व्यवस्था, शहर सौन्दर्यीकरण, गेपसागर झील के संरक्षण के लिए किए गए प्रयास विशिष्ट कार्य है। अतिवृष्टि दौरान संवेदनशील राजपाल ने गांव-गांव घूमकर पीडितों को सांत्वना और हरसंभव सहायता प्रदान की । अतिवृष्टि पीडितों को सहायता राशि का वितरण गांव-गांव शिविर लगाकर किया गया।
इसी प्रकार जिलेवासियों को दुर्घटना मुक्त यात्राा प्रदान करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास करते हुए कलक्टर राजपाल ने ओवरलोडेड जीपों के विरूद्घ अभियान चलाया और अपने दौरों के दोरान बडी तादाद में इस प्रकार के वाहनों को सीज करवाया जो जनहितकारी कार्य रहा। कलक्टर के इन समस्त कार्यों की जिलभर में चर्चा रही वहीं इस प्रकार के प्रयासों से जिले में दुर्घटनाओं में २३ प्रतिशत की कमी आई।
जिले में घरेलु रसोई गैस के व्यावसायिक उपयोग करने वाले होटल मालिकों, रेस्टोरेंटों व अन्य व्यावसयिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान चलाकर २३ गैस सिलेण्डर जब्त करवाये और गैस आपूर्ति को नियमित करवाया। तलाशा पर्यटन विकास की संभावनाओं को
जिले के पर्यटन दृष्टि से विकास की संभावनाओं को तलाशते हुए कलक्टर राजपाल ने गत दो वर्षों से लगातार रूचि लेकर वागड-महोत्सवों का भव्य आयोजन करवाया और जिलेवासियों को अन्तर्राष्ट्रीय कलाकारों से रूबरू करवाया। अखिल भारतीय स्तर के शायर असलम साबरी, कत्थक नृत्यांगना सोनल मानसिंह, कविता ठाकुर, बांसुरीवादक रोनु मजूमदार की प्रस्तुतियां व राष्ट्रीय हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन उल्लेखनीय कार्य हैं। इसी तरह राष्ट्रीय जनजाति मेले के भव्य आयोजन दौरान आदिवासियों को हवा की सैर करवाने, पैरा ग्लाईडिंग के रोमांच से साक्षात करवाने के साथ-साथ भजन सम्राट अनूप जलोटा की प्रस्तुतियों द्वारा जनअनुरंजन के कार्यक्रमों का आयोजन करना कलक्टर की आमजन की रूचियों के प्रति आस्थाओं को दर्शाता है। इसी तरह डूंगरपुर में भारत में शास्त्राीय संगीत को प्रोत्साहित करने वाली स्पीक मैके संस्था की शाखा स्थापित करवाई और वीणावादक सलिल भट्ट का कार्यक्रम आयोजित करवाया।
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’कलक्टर‘ मतलब ’मंजू राजपाल‘
निवर्तमान जिला कलक्टर मंजू राजपाल डूंगरपुर जिले भर में बेहद लोकप्रिय रही। इनकी लोकप्रियता का अंदाज इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि लोग कलक्टर राजपाल को कलक्टर साहब के स्थान पर मंजू राजपाल के नाम से ज्यादा जानते थे। लोकप्रियता के शिखर पर चढी राजपाल के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर ही जिले में आठवीं बोर्ड की वरियता सूची में आने वाली कई बालिकाओं ने अपने साक्षात्कार में कहा था कि वे मंजू राजपाल बनना चाहती हैं।
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संध्याकालीन चौपालों में उमडता था जनसैलाब
कलक्टर राजपाल द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को अनुभूत करते हुए ग्रामीणों से रूबरू होने और समस्याओं के मौके पर ही निस्तारण की पहल जिलेवासियों को काफी रास आई। इनकी संध्याकालीन चौपालों में ग्रामीणों का सैलाब उमडता था जो देर रात्रिा तक मौजूद रहता था। इस दौरान राजपाल गांव भर के लोगों से एक साथ प्रार्थना पत्रा ले लेती और एक-एक पर चर्चा करते हुए मौजूद विभागीय अधिकारियों को संबंधित समस्याओं के निस्तारण के निर्देश देती थी। मौके पर ही समस्या समाधान की शैली और इसके प्रति उमडता जन उत्साह प्रशासन की पहल और जनसामान्य के विश्वास की प्रबलता का प्रमाण रहा।
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साहित्य व संस्कृति अनुरागी रही राजपाल
कलक्टर राजपाल साहित्य व संस्कृति अनुरागी रही और उन्होंने वागड की संस्कृति को प्रचारित प्रसारित करने की दिशा में भी पुरजोर प्रयास किए। वागड महोत्सवों को भव्यता प्रदान करने के प्रयासों के साथ ही बेणेश्वर मेले के सुव्यवस्थित आयोजन तथा गेपसागर सौन्दर्यीकरण के लिए राजस्थान दिवस पर श्रमदान के अनूठे अनुष्ठान के लिए की गई पहल को वर्षों तक जनसामान्य द्वारा याद किया जाएगा। वागड की संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, विशिष्ट व्यक्तित्व और परंपराओं को प्रचारित करने के उद्देश्य से राजपाल द्वारा पर्यटन विभाग के सहयोग से एक बहुरंगी पुस्तिका का प्रकाशन भी करवाया है जिसका विमोचन शेष है।
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