डूंगरपुर २९ जून/जिला कलेक्टर नीरज के.पवन ने कहा है कि जनजाति बहुल इस अंचल में सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए जरूरी है बैंक विभागों एवं अन्य बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करें और योजनाओं के तहत स्वीकृत ऋणों का समय पर वितरण कर लाभार्थियों को विकास की मूल धारा से जोडने के लक्ष्य को हासिल करें।
वे शुक्रवार को स्थानीय जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति, पुनर्निरीक्षण, एसजीएसवाय, साख जमा अनुपात एवं लघु एवं मध्यम उद्यगों को ऋण वृद्धि करने के लिए उपाय करने की जिला स्तरीय शक्ति प्राप्त समिति की अध्यक्षता करते हुए बैंकर्स को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने कुछ बैंक शाखाओं के कार्मिकों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के प्रति असहयोगात्मक और असंवेदनशील रवैये पर दुःख व्यक्त किया और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बैंक में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति संबंधित कार्मिक पूरी संवेदना रखें व ऋण वितरण तथा ऋण वसूली की प्रक्रिया में सहयोगात्मक रूख अपनाते हुए राहत प्रदान करें।
कलेक्टर ने मार्जिन मनी योजना के तहत ४२ लाभाथियों के लक्ष्य के विरूद्ध ५८ प्रकरणों में ऋण स्वीकृतियां जारी कर २२८.२८ लाख की ऋण राशि वितरित कर वार्षिक लक्ष्य पूर्ण होने पर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि योजना के तहत अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने राजस संघ द्वारा अनुसूचित जनजाति के लिए वर्ष २००६-०७ की योजना में ९०० के लक्ष्य पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि आदिवासी बहुल इस क्षेत्र के लिए पर्याप्त लक्ष्य आवंटित किया जाना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कुछ बैंक अधिकारियों द्वारा बैठक के एजेन्डा के संबंध में अपेक्षित तैयारी न कर आधे-अधूरे तथ्यों के साथ आने की स्थिति पर रोष व्यक्त किया और निर्देश प्रदान किए कि आगामी बैठक में पूरी तैयारी के साथ आवें।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक टीसी महावर ने गत बैठक की अनुवर्ती कार्यवाही के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बैंकों द्वारा साख जमा अनुपात में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हो पाई है। इस तिमाही में साख जमा अनुपात में गत तिमाही से एक प्रतिशत की कमी हुई है। उन्होंने बताया कि स्वर्ण जयन्ती ग्रामीण रोजगार योजना के आवेदन पत्र शाखाओं को प्रेषित कर दिए गए है और जिले ने इस योजना का वार्षिक लक्ष्य पूरा कर लिया है।
इस दौरान जिले के समस्त वाणिज्यिक बैंक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के मार्च २००७ तक के मूलभूत आंकडों की प्रगति की घोष समिति के मानदण्डों के आधार पर समीक्षा प्रस्तुत की गई । बैठक में वार्षिक साख योजना के विपरित बैंक व संस्थावार उपलब्धि की समीक्षा की गई जिसमें पाया गया कि बैंक ऑफ बडौदा, एसबीबजे, एसबीआई और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को छोडकर किसी भी बैंक की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर बैंकर्स को वार्षिक साख योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रयास करने को कहा गया।
बैठक में स्वर्णजयन्ति ग्राम स्वरोजगार योजना, स्वर्णजयन्ति शहरी रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार योजना, अनुजा वित्त निगम की शहरी एवं ग्रामीण पोप योजना के आवंटित लक्ष्यों, प्रायोजित आवेदनों के मुकाबले स्वीकृत और वितरित ऋणों की समीक्षा करते हुए संबंधितों को समय पर ऋण वितरण के प्रयास करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत १६० प्रायोजित आवेदन पत्रों पर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया के लंबित होने की स्थिति पर असंतोष जाहिर किया और अग्रणी जिला प्रबन्धक को निर्देश प्रदान किए गए कि योजना के जिला समन्वयक से समन्वय स्थापित करते हुए लाभार्थियों को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास करें।
बैठक बैंक ऑफ बडौदा क्षेत्रीय कार्यालय उदयपुर के सहायक महाप्रबन्धक वीके सिंघवी, एसबीबीजे के सहायक महाप्रबन्धक बीएल शर्मा, डूंगरपुर प्रोजेक्ट के कॉर्डिनेटर एमएल बडीवाल, भारतीय रिजर्व बैंक जयपुर के प्रबन्धक उमेश शर्मा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनिवास, पीडो माडा के निदेशक देवीलाल व्यास, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक विपुल जानी, आईसीडीएस उपनिदेशक उषा राव, ओपी जोशी समेत कई विभागीय अधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।