जयपुर, २९ जुलाई। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने टोंक जिले की निवाई तहसील में गुर्जर बहुल के गांव हरभावता में स्थित श्री सेवानन्द जी महाराज अद्वैत आश्रम में गुरु महाराज श्री बालकानन्द जी से आशीर्वाद लिया। बारिश की फुहारों के बीच उन्होंने गांव के विकास के लिए स्कूल को क्रमोन्नत करने, गौ शाला के लिए भूमि उपलब्ध करवाने, तालाब की पाल ऊंची करने जैसी अनेक घोषणाएं की।
श्रीमती राजे दोपहर लगभग पौने एक बजे टोंक जिले की निवाई तहसील स्थित गांव हरभावता पहुंची जहां उमड रहे जन सैलाब ने उनकी अगवानी की और स्वागत में पलक पांवडे बिछा दिये। मुख्यमंत्री इस अवसर पर आयोजित गुरु महोत्सव में पहुंची जहां उन्होंने अद्वैत आश्रम के गुरु महाराज श्री बालकानन्द जी के श्रद्धा पूर्वक चरण स्पर्श कर उन्हें मिठाई, फल एवं श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने गुरु महाराज को शॉल ओढाकर उनके प्रति अपना श्रद्धाभाव प्रकट किया। श्री बालकानन्द जी ने भी श्रीमती राजे को चुनरी ओढाकर एवं माला पहना कर उनके भावी जीवन तथा मुख्यमंत्री के रुप में उत्तरोत्तर सफलता के लिए अपना आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर बडी संख्या में मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए वहां उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित करते हुए श्रीमती राजे ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर वे हर वर्ष मध्य प्रदेश के दतिया जिले में महाराजश्री के आश्रम में आशीर्वाद लेने जाती हैं। इस बार उन्हें हरभावता आने तथा गुरु महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है । उन्होंने गांव के विकास के लिए जन आकांक्षाओं तथा गुरु महाराज की इच्छानुसार विकास कार्यों की घोषणाएं की।
उन्होंने कहा कि गांव में गौधन की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए गौशाला हेतु जल्दी ही जमीन सुलभ करवा दी जाएगी। गांव के पशु धन को चिकित्सा सुलभ करवाने के लिए पशु चिकित्सालय उप केन्द्र की स्थापना की जायेगी। बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर सुलभ करवाने के लिए वर्तमान में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय को क्रमोन्नत करते हुए माध्यमिक स्तर का कर दिया जायेगा। तालाब की पाल ऊंची करवाने और नई नाडी का निर्माण भी करवाया जायेगा। मन्दिर तथा समाधि परिसर के आस-पास एक खूबसूरत उद्यान भी विकसित करवाया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं के आशीर्वाद से ही राज्य में विकास का कार्य हो रहा है। जब ८ दिसम्बर, २००३ के दिन आप सभी के अपार स्नेह और समर्थन से मुझे राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य मिला था उसी दिन से राज्य को विकास के पथ पर निरन्तर आगे बढाने और इसे एक परिवार की भांति चलाने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि गुरुओं के आशीर्वाद का ही यह परिणाम है कि राज्य में पिछले चार सालों से पानी की कमी नहीं हुई है। अकाल भी नहीं पडे अपितु बाढ जरूर आने लगी। हमारे राज्य के बंधे,कुए और तालाब बारिश से भरे रहें, यही ईश्वर से प्रार्थना है।
श्रीमती राजे ने कहा कि राज्य में सुख-समृद्धि, भाईचारा, और प्यार ही राजस्थान को आगे बढाने का संबल दे रहा है। हमारा प्रयास है कि यह गुजरात और तमिलनाडु जैसे अग्रणी राज्यों से भी आगे निकल कर नई दुनिया का एक आदर्श राज्य बन जाये। उन्होंने कहा कि लगभग चार साल पहले जब हमने शासन की बागडोर संभाली थी तब खजाना खाली होने की बात कही गई। खजाना खाली नहीं था केवल इच्छा शक्ति की कमी थी। आज राज्य में पैसों की कमी नहीं, प्रधान, प्रमुख, विधायक सभी से कहा गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में विकास के कार्य करवायें इसके लिए कहीं भी धन की कमी नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने राजस्थान को ऊंचे दर्जे पर ले जाने का आव्हान किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गांव में स्थित श्री हीरानन्दजी महाराज की धूणी स्थल पर श्रद्धा से शीश नवाया तथा श्रद्धा सुमन अर्पित किये। श्री सेवानन्द जी महाराज की समाधि पर भी उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान लगभग डेढ किलोमीटर लम्बे रास्ते में पैदल चल रही श्रीमती राजे का बडी संख्या में वहां खडे लोगों ने कहीं हर्ष ध्वनि तो कहीं माल्यार्पण कर हार्दिक स्वागत किया।
इस अवसर पर सरकारी मुख्य सचेतक श्री महावीर प्रसाद जैन, राज्य जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष श्री एस.एन. गुप्ता, टोंक जिले के विधायकगण सर्व श्री हीरा लाल रैगर(निवाई), नाथू सिंह गुर्जर (टोडा रायसिंह), जीतराम चौधरी (मालपुरा) निवाई की प्रधान श्रीमती तुलसा मीणा, टोंक मण्डी समिति के चैयरमेन श्री रामनिवास गुर्जर, जिले के प्रभारी सचिव श्री विनोद जुत्शी, संभागीय आयुक्त अजमेर श्री दीपक उप्रेती, उप महानिरीक्षक पुलिस श्री एन.के. द्विवेदी, जिला कलक्टर श्री औंकार सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक श्री गिर्राज मीणा सहित गणमान्यजन, प्रशासनिक अधिकारी और बडी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।