बीकानेर, जिला अस्पताल में आज नर्सिंग कर्मियों ने कल हुई घटना के दोषी चिकित्सक के खिलाफ विरोध पदर्शन किया और दो घंटे तक कार्य का बहिष्कार किया। इस दौरान नर्सिंग कर्मियों ने अस्पताल के लेबर रूम पर भी ताला जड दिया।
राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन के जिला महामंत्री जे.के. गोयल ने बताया कि कल एक महिला चिकित्सक ने अस्पताल में भर्ती एक प्रसुता की तबीयत बिगडने पर भी नर्सिंग कर्मियों का सहयोग नहीं किया। अस्पताल में पहले से ही नर्सिंग कर्मचारियों की कमी है। इसके बावजूद भी नर्सिंग कर्मी मरीजों की हरसंभव सेवा करते है, लेकिन ड्यूटी पर नियुक्त चिकित्सकों द्वारा किसी प्रकार से सहयोग नहीं दिया जाता है, जिससे अस्पताल में आने वाले रोगियों को असुविधा होती है। उन्होंने बताया कि इस पकार की घटनाओं को रोकने के लिए आज नर्सिंग कर्मी अस्पताल के पीएमओ एल.डी. यादव से मिले है। गौरतलब है कि मंगलवार को अस्पताल में सुबह साढे दस बजे एक गर्भवती महिला भर्ती हुई थी, जिसे लगभग डेढ बजे सामान्य प्रसव हुआ था। लेकिन सायं चार बजे अचानक प्रसुता के रक्तस्त्राव शुरू हो गया। वहां ड्यूटी कर रही नर्स ने तुरंत ड्यूटी पर नियुक्त डॉ.जमीमा हयात को सूचना दी, लेकिन डॉ.जमीमा ने कॉल लिखित में देने की बात कही और प्रसुता को देखने के लिए नहीं गयी। नर्स ने चिकित्सक को कॉल लिखित में दी तब तक प्रसुता की तबीयत और अधिक बिगड गई। डॉ.जमीमा ने प्रसुता को पीबीएम रैफर कर दिया। ऐसी जानकारी मिली है कि अधिक रक्तस्त्राव होने और समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण प्रसुता ने रास्ते में ही दम तोड दिया। अस्पताल में इस पकार की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और अस्पताल प्रशासन को लापरवाही करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।