बीकानेर। सार्वजनिक निर्माण विभाग परिसर में आज राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के बैनर तले संभाग भर के अभियंताओं की बैठक हुई, जिसमें संगठन की मांगों को लेकर सोमवार को जयपुर में दिये जाने वाले धरने को लेकर विचार विमर्श किया गया। संगठन के अध्यक्ष हरदीनराम चौधरी के अनुसार अभियंताओं की समस्याएं काफी अरसे से लम्बित चल रही है। उच्च प्रशासनिक अधिकारी और सरकार उनके समाधान के लिए उदासीनता बरत रही है। इसलिए संगठन से जुडे प्रदेश भर के अभियंताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि वे जयपुर स्थित मुख्य अभियंता, जल संसाधन, कार्यालय के समक्ष सोमवार 31 अगस्त को धरना देंगे। चौधरी के अनुसार धरने के दौरान सरकार ने अभियंताओं की मांगों को नहीं माना तो यह धरना अनिश्चितकालीन हो जायेगा। बैठक में संगठन अध्यक्ष हरदीनराम चौधरी स.सचिव अरूण कुमार, डूंगरसिंह, कासम अली सहित अन्य पदाधिकारी व संगठन से जुडे अन्य अभियंता उपस्थित थे। राज्य के समस्त विभागों में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं को उनके प्रथम नियुक्ति दिनांक (लगातार सेवा) को आधार बनाकर 9, 18, 27 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद चयनित वेतनमान का लाभ दिलवाया जावे। राजस्थान अभियांत्रिकी अधीनस्थ सेवा नियम 1967 के नियम 6 (8) व 6 (10) द्वारा चयनित कनिष्ठ अभियंता की सेवाओं का नियमितिकरण प्रथम उपस्थिति दिनांक से करने से संबंधित विधमान विसंगतियों को शीघ्र दूर किया जावे। विभाग में सहायक अभियंता (डिप्लोमा) सिविल वर्ष 2007-08 से 2009-10 एवं यांत्रिक एवं विद्युत की डीपीसी शीघ्र करवाई जावे। राजस्थान अभियांत्रिकी अधीनस्थ सेवा (सि.सा.) नियम 1967 के नियम 20 एवं 26 व अन्य के अंतर्गत नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं के मूल आदेशों में आवश्यक संशोधन शीघ्र करवाये जावे, जिसमें पूर्व दिनांक से कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं को उनकी प्रथम उपस्थिति दिनांक से नियमित किया जावे।