बीकानेर। हाईकोर्ट की बैंच की मांग को लेकर आंदोलन पर उतरे जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की हडताल व धरना आज 13वें दिन भी बरकरार रहा। इस बीच अनेक संगठनों ने भी अधिवक्ताओं की मांग को जायज बताते हुए समर्थन की घोषणा की। आंदोलन के तहत आज निर्णय लिया गया है कि सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू किया जायेगा और सात अधिवक्ताओं समेत एक समर्थक रोज अनशन करेगा। जिला बार एसोसिएशन के सभापति आर.के.दास गुप्ता के अनुसार अधिवक्ताओं की जायज मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अभूतपूर्व जन समर्थन मिल रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से चलाये जा रहे इस आंदोलन की गूंज अब राज्य सरकार और राजस्थान हाईकोर्ट के गलियारों में सुनाई देने लगी है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने बताया कि बेमियादी, हडताल और आंदोलन को मिल रहे जन समर्थन से अधिवक्ताओं के हौसले बुलंद है और हम बीकानेर के हक की लडाई को अंतिम दौर तक लडेंगे। जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश शर्मा का कहना है कि जिले के अधिवक्ता इस बार समूचे संभाग के हक की लडाई लड रहे है। अधिवक्ताओं के इस आंदोलन को आज पर्यटन लेखक संघ के उपध्यानचंद कोचर, राजस्थान कर्मचारी महासंघ राठौड के सत्यनारायण पंवार, साहित्यकार रमेश भोजक, राजस्थान जन सतर्कता समिति के शांतिलाल बोथरा, राजस्थान उद्योग मंडल के सुभाष मित्तल, महावीर इंटरनेशनल के सुमतिलाल समेत अनेकों संगठनों और उनके प्रतिनिधियों ने सहर्ष समर्थन किया।हाईकोर्ट बैंच बीकानेर की स्थापना को लेकर आज अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन हडताल जारी रखी इसके चलते वकीलों ने अदालतों में पैरवी नहीं की और अदालतों के गलियारे सूने रहे। इस संबंध में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने बताया कि हाईकोर्ट बैंच की बीकानेर स्थापना की मांग को लेकर अनेक संगठनों ने भी समर्थन दिया है। पुरोहित ने बताया कि इस मांग का संभाग स्तर पर भी असर पडा है जिसके चलते श्रीगंगानगर, हनुमानगढ व चूरू जिलों के अदालतों में भी अधिवक्ताओं ने पैरवी नहीं करने के समाचार लगातार मिल रहे हैं। पुरोहित ने कहा कि अनेक संगठनों ने इस मांग को जायज बताते हुए पूर्ण समर्थन देने का निर्णय किया और कहा कि अगर सरकार ने हाईकोर्ट बैंच की मांग को तुरंत नहीं माना तो संगठन अधिवक्ताओं का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगा। इस हडताल के चलते सभी न्यायालयों के मुकदमों की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है तथा जिन मुकदमों के फैसले होने वाले थे मुकदमा दायर करने वालों को अब इस मांग के चलते काफी लम्बे समय तक इंतजार करना होगा।