जयपुर। कई विद्युत इकाइयों में उत्पादन फिर प्रारंभ होने के बाद प्रदेश में बिजली की उपलब्धि में करीब एक सौ लाख यूनिट की बढोतरी हुई है। इसे देखते हुए तीनों विद्युत वितरण निगमों ने राज्य में उद्योगों को राहत देने का निर्णय किया है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में भी आपूर्ति बढाई गई है। राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रजत मिश्रा ने बताया कि रखरखाव पूरा होने के बाद कल रात से सूरतगढ की दूसरी इकाई में विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है। इसके साथ ही इसी बिजलीघर की छठी और चौथी इकाई भी कुछ घंटे बंद रहने के बाद वापस शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि कोटा की सातवीं इकाई में भी आज देर रात से उत्पादन फिर प्रारंभ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त रिहंद और सिंगरौली की इकाइयों में भी बिजली उत्पादन फिर प्रारंभ होने से प्रदेश को मिलने वाली बिजली की उपलब्धि एक सौ लाख बढकर 900 लाख यूनिट प्रतिदिन पहुंच गई है। इसके अतिरिक्त किसानों को निर्बाध 4 से 5 घंटे बिजली देने के लिए बाहर से करीब सात रुपए यूनिट की दर से 183 लाख यूनिट बिजली रोजाना खरीदी जा रही है। मिश्रा ने कहा कि कुछ दिन में ही आपूर्ति सामान्य होने की संभावना है। जयपुर विद्युत वितरण निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर.जी. गुप्ता ने बताया कि उपलब्धि में सुधार को देखते हुए एक एमवीए से अधिक भार वाले उद्योगों को एक दिन के अंतर से आपूर्ति प्रारंभ कर दी गई है वहीं शनिवार से औद्योगिक क्षेत्रों में भी कटौती समाप्त कर दी गई है। आज शहरी क्षेत्रों में संभाग, जिला और नगर पालिका क्षेत्रों में भी कटौती नहीं की गई। अजमेर विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक पी.एस. जाट ने बताया कि डिस्काम क्षेत्र में शुक्रवार से तीन एमवीए और अधिक भार वाले उद्योगों को कटौती से 50 प्रतिशत की छूट दी गई है वहीं किसानों को 4 से 5 घंटे निर्बाध बिजली दी जा रही है। जोधपुर विद्युत वितरण निगम के तकनीकी निदेशक एन. के. पाण्डे ने बताया कि डिस्कॉम क्षेत्र में उद्योगों पर कटौती हटा ली गई है वहीं किसानों को भी 4 से 5 घण्टे बिजली दी जा रही है। शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की उपलब्धि में सुधार के बाद कुछ राहत दी गई है।