आरक्षण दायरा बढाने के लिए केबिनेट मंत्री कटारा का हुआ भव्य अभिनन्दन
29 Sep
2007
आदिवासियों का उत्थान, पूरे हो रहे हैं अरमान - कटारा
सागवाडा 29 सितंबर, जनजाति क्षेत्रीय विकास, महिला एवं बाल विकास मंत्री कनकमल कटारा ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा आदिवासियों के उत्थान के लिए करोडों रूपये व्यय किए है और सरकार के अरमान धीरे-धीरे पूरे हो रहे हैं।
कटारा शनिवार को यहां वाल्मिकि मंदिर प्रांगण में आयोजित विशाल आदिवासी सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे आदिवासी अंचल के समग्र विकास व समस्याओं के समाधान प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनके अरमानों से इस अंचल में विकास की गंगा का अवगाहन हुआ है। उन्होंने आदिवासियों के उत्थान की दृष्टि से आरक्षण का दायरा बढाने के प्रयासों को विशिष्ट प्रयास बताया और कहा कि इससे जनजाति उपयोजना क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्राप्त होगा। कटारा ने जनजाति अंचल में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्घता को उजागर किया और कहा कि अंचल को बिजली, पानी, सिंचाई, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में साधन सम्पन्न बनाने के लिए मुक्त हस्त से बजट आवंटित किया है।
सम्मेलन की अध्यक्षता आदिवासी समाज सागवाडा के 12 फलों के अध्यक्ष पूनिया कटारा ने की जबकि विशिष्ट अतिथि डूंगरपुर-बांसवाडा लोकसभा क्षेत्र के सांसद धनसिंह कटारा, वादियाबडली धाम के महन्त ताजूरामजी, बालावाडाधाम के महन्त रामलाल महाराज थे।
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद धनसिंह रावत ने कहा कि विकास की दौड में पिछडे आदिवासी अंचल के निवासियों को विकास की मूलधारा से जोडने के लिए जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के माध्यम से राज्य सरकार ने कई लोक कल्याणकारी योजनाएं प्रस्तावित की है और इन योजनाओं के सकारात्मक परिणाम नजर आ रहे हैं। उन्होंने आदिवासियों के शैक्षिक उत्थान के लिए सरकार द्वारा छात्रवृत्तियों के वितरण, बालिकाओं को निःशुल्क साईकिल वितरण, बस पास योजनाओं के साथ ही काश्तकारों की सुविधाओं के लिए जनजाति अंचल में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के प्रयासों की सराहना की।
सम्मेलन में महन्त ताजूराम तथा महन्त रामलाल महाराज ने अपने संबोधन में आदिवासियों से समाज सुधार का आह्वान किया और कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को त्यागते हुए समाज को विकास के मार्ग पर उन्मुख करें।
स्वागत उद्बोधन देते हुए गोवर्धनलाल पारगी ने जनजाति वर्ग को सरकार द्वारा आरक्षण दायरा बढाकर दी गई सौगात के बारे में बताया।
नपा पार्षद नानूराम मकवाना ने आदिवासियों को शिक्षार्जन करने का आह्वान किया और राज्य सरकार से शहरी क्षेत्र के लिए भी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना लागू करने की मांग की।
शिक्षाविद् भैरवलाल परमार ने सरकार द्वारा दिए गए आरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी और गुणात्मक शिक्षार्जन का आह्वान किया।
सम्मेलन में सरकार की लाभकारी योजनाओं पर प्रेमचंद डामोर, जनचेतना पर नाथूलाल परमार, समाज सुधार व आध्यात्मिक चेतना पर रतनलाल रोत ने विचार व्यक्त किए।
इससे पूर्व मंत्री कटारा व अन्य अतिथियों के यहां पहुंचने पर आदिवासी समन्वय समिति के अध्यक्ष भेमजी डेण्डोर, नानिया रोत, भंवरलाल डेचा, प्रेमचंद डामोर, नाथू डोडियार, कानजी भाई, होमजी, धनेश्वर पारगी, नारायण डोडियार, शंकरलाल रोत, जसवंत, नवनीत परमार, महेन्द्र रोत, रेखा दायमा, गीता देवी, कमला, केशुभाई, रामुभाई, शांतिदेवी, बदिया, विजयपाल,पुष्पादेवी, हुका डामोर, नाथूभाई, देवचंद, फूलवंती रोत, धुलेश्वर, कांता देवी, लखनलाल, कांतादेवी, धुलेश्वर, नाथूभाई, ताजू, रतनलाल, सुरेन्द्र, धनपाल, हीरालाल रोत, गोवर्धनलाल, रमणलाल, आत्माराम, थानेश्ा्वर, बदामीलाल, रमणलाल कटारा समेत कई समाजजनों ने पुष्पहार पहना कर स्वागत किया।
समारोह का संचालन विजय डामोर व कांतिलाल डामोर ने किया, आभार व्यक्त भेमजी डेण्डोर ने किया।
|