बीकानेर व्यापार मण्डल ने आज राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं प्रभारी मंत्री दिगम्बर सिंह को भेजे अपने पत्र मे रोष जताते हुए कहा कि उनके गत प्रवास के दौरान जिला कलेक्टर सभागार मे बीकानेर शहर की समस्याओं के लेकर हुई चर्चा मे उनको शामिल नही किया गया जबकि हमारी संस्था पिछले दो वर्षो से नियमित रूप से शहर की समस्याओं की तरफ आपका ध्यान आकर्षित करती आ रही है और अपने सुझाव भी देती रही है।
बीकानेर व्यापार मण्डल ने आज राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं प्रभारी मंत्री दिगम्बर सिंह को भेजे अपने पत्र मे रोष जताते हुए कहा कि उनके गत प्रवास के दौरान जिला कलेक्टर सभागार मे बीकानेर शहर की समस्याओं के लेकर हुई चर्चा मे उनको शामिल नही किया गया जबकि हमारी संस्था पिछले दो वर्षो से नियमित रूप से शहर की समस्याओं की तरफ आपका ध्यान आकर्षित करती आ रही है और अपने सुझाव भी देती रही है।
बदहाल सडको और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था के बारे मे विशेष ध्यान आकर्षि करते हुए उन्होने पत्र मे लिखा कि आप बीकानेर पधारे और सरकारी विभागों व जन प्रतिनिधियों के साथ जिला कलक्टर सभागार में मिटिंग की लेकिन आपने हमारी संस्था को मिटिंग में शहर की समस्याओं के समाधान हेतु चर्चा में आमंत्रित नहीं किया। हमने आपको बीकानेर की क्षतिग्रस्त सडकों व यातायात समस्याओं के सुधार हेतु अनेक पत्र दिये लेकिन उनका जवाब आज भी प्रतिक्षित ही है। एक तरफ हम बीकानेर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना चाहते है और दूसरी और यहां की सडकों की हालत, विदेशी सैलानी पर शहर के बारे में क्या छाप क्या छोडते है, उस पर विचार ही नहीं करते।
बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल व लेखक पर्यटन संघ दोनों ही समय समय पर बीकानेर
के विकास संबंधी समस्याओं की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करते है लेकिन इन दोनों संस्थाओं का आफ बीकानेर प्रवास के दौरान नहीं आमंत्रित करने पर हमें खेद है।
हमारी मांग है कि दीपावली से पूर्व बीकानेर की समस्त क्षतिग्रस्त सडकों का पुर्ननिर्माण किया जावे व यातायात की समस्याओं का सम्पूर्ण निदान किया जावे अन्यथा बीकानेर के समस्त व्यापारी व उद्योगपति इस वर्ष विरोध स्वरूप अपने प्रतिष्ठानों पर रोशनी नहीं लगाकर काली दीपावली मनायेंगे।
यातायात की एक प्रमुख समस्या रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र के निर्माताओं को अपने वाहनों द्वारा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से कच्चा माल व उत्पादों को लाने ले जाने हेतु १६ घटे की नो एन्ट्री लागू करने के कारण हो रही है। प्रशासन को इतना ज्ञान नहीं है कि रात को कच्चा माल देने या उत्पादों को बाहर भेजने के लिए कौनसा प्रतिष्ठान या ट्रांसपोर्ट कम्पनी खुला मिलेगा।
पूर्व में प्रशासन ने दोपहर में ४ घंटे व बाद में पूरे दिन के पास बनाकर नो एन्ट्री में प्रवेश की अनुमति दी थी लेकिन जब भी बस चालकों की लापरवाही से कोई दुर्घटना होती है प्रशासन की कुल्हाडी सिर्फ औद्योगिक नो एन्ट्री पर ही पडती है।
छोटे-छोटे शहरों व जिलों में स्वचलित ट्रेफिक सिंगल लगे हुए है वहां यह ट्रेफिक सिंगल कार्य कर रहे है लेकिन बीकानेर बडा शहर व जिला होते हुए भी यहां की ट्रेफिक सिंगल का अभाव है।
यदि एक दो चौराहों पर सिंगल लगा हुआ है तो वह भी निर्जीव पडे हुए है। बीकानेर शहर के अव्यवस्थित यातायात को व्यवस्थित करने के संबंध में हमारा सुझाव है कि अन्य शहरों की भांति बीकानेर में भी विभिन्न चौराहों पर स्वचलित ट्रेफिक सिंगल लगाकर एवं निर्जीव ट्रेफिक सिंगल को पुनः शुरू करके ट्रेफिक समस्या का समाधान किया जा सकता है। अतः अगर दीपावली से पूर्व बीकानेर की सडक व यातायात समस्या का तथा नो एन्ट्री का समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी व उद्योगपतियों को मजबूरन आंदोलन की राह पर चलना पडेगा।
हम चाहते है कि उपरोक्त बीकानेर की समस्याओं का समधान सरकार दीपावली से पूर्व कर देती है तो राज्य सरकार द्वारा व्यापारी वर्ग को यह एक दीपावली उपहार दिये के समान होगा और राज्य सरकार व व्यापारी वर्ग के बीच में संयम बना रहेगा। साथ ही व्यापारी व उद्योगपतियों को आंदोलन की राह पर चलना नहीं पडेगा।