पीडतों की सेवा सबसे बडी इबादत-भवानी जोशी
29 Sep
2007
परतापुर में वृहत बहुद्देशीय चिकित्सा शिविर प्रारंभ
बांसवाडा, 29 सितम्बर/ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी ने कहा है कि पीडतों की सेवा सबसे बडी इबादत है। रोगी को किसी भी प्रकार से दिया जाने वाला सहयोग सर्वाधिक श्रेयस्कर ईश्वरीय कार्य है और इस भगवत कार्य में हमें बढ-चढकर हिस्सा लेना चाहिए।
भवानी जोशी शनिवार को बांसवाडा जिले के परतापुर कस्बे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, भारत विकास परिषद तथा आर.एन.टी. मेडीकल कलेज उदयपुर की चितरंजन भ्रमणशील चल चिकित्सा इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुए सात दिवसीय बहुद्देशीय शल्य एवं नेत्र चिकित्सा शिविर के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि पद से सम्बोधित कर रहे थे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी ने भारतमाता की तस्वीर के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर सात दिवसीय शिविर का उद्घाटन किया।
चिकित्सा राज्य मंत्री जोशी ने सभी धर्मों में त्याग और परोपकार के लिए धन की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा कि एक तरफ शास्त्रों में पर सेवा के लिए धन की महिमा गायी गई है वही अन्य धर्मों के पवित्र ग्रन्थों में भी सेवा के लिए उपयोग में लाए जाने वाले धन की सार्थकता प्रमाणित की गई है।
जोशी ने श्राद्ध पक्ष के साथ ही इबादत बरकत और रहमत बरसने के पवित्र रमजान माह के दोहरे संयोग को चित्रित करते हुए कहा कि यह एक ऐसा दुर्लभ पुण्य योग प्राप्त हुआ है जब हम दीन-हीन रोगियों की सेवा का पुण्य अर्जित कर पूर्वजों और पितरों की आत्मा तृप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरदराज के गांव-ढाणियों में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए कटिबद्ध है और इसी श्रृंखला में यह चल चिकित्सा शिविर आयोजित कर जनजाति बहुल बांसवाडा जिले के उन गरीब रोगियों को लाभान्वित किया जा रहा है जो आर्थिक विपन्नता के कारण चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहते हैं।
उन्होंने परतापुर कस्बे के सभी अर्थ सम्पन्न दानदाताओं का आह््वान किया कि वे शिविर में रोगियों को जिस किसी तरह से सहयोग और सेवा दें सकें, देने के लिए आगे आएं।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए बांसवाडा-डूंगरपुर क्षेत्र के संासद धनसिंह रावत ने निरोगी काया के लिए दैनिक स्वच्छता आचरण पर बल दिया और कहा कि हमारे जीवन में जब तक स्वच्छता रोजमर्रा का हिस्सा नहीं बनेगी तब तक हम निरामय और स्वस्थ जीवन की कल्पना नहीं कर सकते।
उन्होंने तम्बाकु युक्त पदार्थों के बढते सेवन पर चिन्ता जताई और आगाह किया कि इसी तरह तम्बाकु युक्त मादक पदार्थों का सेवन बढता रहा तो वह दिन दूर नही जब बांसवाडा जिले पर कैंसर जैसे भयावह रोग का साया मण्डराता रहेगा।
उन्होंने स्वस्थ्य जीवन के लिए पौष्टिक पदार्थों के सेवन और फल के अधिकाधिक उपयोग की सलाह दी। साथ ही कहा कि गरीबों को अच्छे प्रकार के फल उपलब्ध हो सकें, उसके लिए केशव वाडी योजना प्रारंभ की जा रही है ताकि यहां का हर वर्ग का गरीब किसान कुओं की उपलब्धता के साथ अपने खेत में बाग-बगीचे विकसित कर सके और फल उत्पादन कर अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त कर सके।
शिविर के शुभारंभ समारोह को संतों का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ। भारतीय जन सेवा प्रतिष्ठान के परियोजना प्रमुख स्वामी रामस्वरूप महाराज ने सम्बोधित करते हुए स्वास्थ्य के लिए आध्यात्मिक पक्ष के चिकित्सा विज्ञान को रेखांकित किया।
इस अवसर पर छोटे मुरारी बापू ने सम्बोधित करते हुए कहा कि दूसरों की सेवा में लगाया गया धन ईश्वर के खाते में सीधा जमा होता है। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रुप में परतापुर के सरपंच धुलजी भाई, समाजसेवी महेश अवचार, प्रकाश नागदा आदि ने सम्बोधित किया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक सी. एस. देवडा ने शिविर की उपयोगिता और आगामी 5 अक्टूबर तक चलने वाले शिविर की दैनिक गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. एन. बैरवा ने शिविर में उपलब्ध संसाधनों, पंजीकरण और आगामी दिनों में होने वाली शल्य क्रिया चिकित्सा सहित उपचार निदान आदि की जानकारी दी।
आरंभ में भारत विकास परिषद के अध्यक्ष नवनीत सोनी, संरक्षक खुशपाल सोनी, सीएमएचओ डॉ. आर एन बैरवा, परतापुर सीएचसी के प्रभारी डॉ. हरबंस छाबडा, हीरालाल पंचाल, विजय मुरावत, मथुरेश्वर भट्ट, महेश चौबीसा, निर्मल भट्ट, भेमजी भाई पाटीदार, कैलाश मीणा, आदि ने अतिथियों का माल्यार्पण से स्वागत किया। स्वागत उद्बोधन दिनेश मेहता ने दिया संचालन जगदीशचन्द्र ने तथा आभार की रस्म महेश अवचार ने अदा की।
परतापुर बना चिकित्सा गांव
जिले के परतापुर कस्बे में शनिवार से चिकित्सा गांव का रूप ले लिया है। गांव के विशाल खेल स्टेडियम में लगे वृहत चिकित्सा शिविर के तहत स्थापित तम्बुनुमा चिकित्सा शिविरों, इसमें लगाए गए 185 शैयाओं सहित रोगियों व उनके परिजनों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था का नज्ाारा खेल स्टेडियम को चिकित्सा गांव में परिवर्तित करता नजर आ रहा है।
उदयपुर से आरएनटी मेडीकल कालेज से आई चिकित्सकों की टीम के प्रभारी कैलाश पंवार ने बताया कि विभिन्न रोगों के 35 चिकित्सक विशेषज्ञ इस शिविर में विभिन्न प्रकार के रोगों का उपचार करेंगे। साथ ही स्त्री रोग, बाल रोग, चर्म, नेत्र, नाक, कान और गला से संबंधित रोगों के ऑपरेशन भी किए जाएंगे। शिविर में लगभग 50 नर्सिगकर्मी तैनात किए गए हैं। सारी व्यवस्थाएं चाक चौबन्द हैं। शिविर के पहले ही दिन बांसवाडा के अलावा समीपवर्ती डूंगरपुर जिले के गांवों से भी रोगी उपचार के लिए पहुंचे।
शिविर में सर्जिकल के 203, गायनिक के 205, नेत्र के 200, ईएनटी के 65 सहित कुल 1023 रोगियों की जांच कर उपचार किया। सर्जिकल में 50 रोगियों को भर्ती किया गया, जिनका ऑपरेशन 1 अक्टूबर से होंगे। स्त्री रोग संबंधी 50 व नेत्र रोग संबंधी 32 रोगियों को ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया। वहीं 15 मरीजों की सोनोग्राफी की गई।
दानदाता हुए सम्मानित
चल चिकित्सा शिविर में अर्थ सहयोग करने वाले दानदाताओं का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। कस्बे के जिन भामाशाहों ने इस शिविर की सफलता के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया है उनमें 61 हजार रुपयों की राशि भेंट करने वाले राजेन्द्र श्रीमाली सहित जयंतीलाल धानु, ईश्वर लाल पारीख, मणिलाल भट्ट, हातिम भाई खाण्डवाला, ऊंकारजी पंचाल, दलीचन्द पटेल, मोहन भाई जैन, अल्लारखा शामिल है। इन सभी का आर्थिक सहयोग के लिए सार्वजनिक अभिनन्दन किया गया।
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