बीकानेर, गहना पहनने की शौकिन महिलाओं को अब सोने-चांदी को बढोतरी का दंस झेलना नहीं पडेगा। क्योकि जल्द ही बाजार में स्टील की ज्वैलरी ब्रिकी के लिए आने वाली है। आर्टिफिशियल ज्वैलरी के बढते क्रेज से उत्साही गहनों को निर्मित करने वाले अब इस बात पर ध्यान केन्दि्रत कर रहे कि स्टील ज्वैलरी का रेस्पोंस अच्छा मिल सकता है। ज्वैलर अशोक कुमार का कहना है कि पिछलें कई महीनों से सोने व चांदी के भावों में लगातार आ रही बढोतरी ने व्यवसाय को प्रमाणित किया है। जिसे देखते हुए आग्रह आर्टिफिशियल ज्वैलरी को ज्यादा खरीद रहे है। इनमें बालिका वधु, बिदाई सहित अनेक नाटकों में चलित ज्वैलरी महिलाओं को लुभा रही है। यह आर्टिफिशियल ज्वैलरी चांदी, कॉपर, व कुंदन में तैयार की जाती है। व्यवसायी श्याम सुन्दर ने बताया कि गत २-३ वर्षों में सोने-चांदी के भावों में २५ प्रतिशत की बढोतरी हुई है। कारोबारियों के अनुसार मांग की तुलना में आपूर्ति कम होने, निवेश के रूप में आगे आने के अलावा सट्टा बाजार, सोने की कीमतों में बढोतरी का मूल कारण है। शायद इस कारण ग्राहकों में आर्टिफिशियल की ज्वैलरी के प्रति खासा रूझान हुआ। यदि स्टील की ज्वैलरी बाजार में आती है तो बाजार तेज होगा। और खरीदारी में अप्रत्याशित वृद्धी होगी। व्यवसायी कहते है कि हांलाकि मंदी ने मार्केट को चौपट किया है। जिस कारण श्राद्ध पक्ष में सोने के भाव बढने से ब्रिकी पर बुरा असर पडा है। ऐसे में स्टील ज्वैलरी का मार्केट में आने के साथ हडकंप मचाना स्वाभाविक है। जिस कदर टीवी संस्कृति ने आर्टिफिशियल के प्रति क्रेज बढा है उसी के चलते लुभाने में पीछे नहीं रहेगी।