राजस्थान के साथ लगातार हो रहे भेदभाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राजस्थान के सांसदों ने एक बार फिर केन्द्र सरकार से भाखडा व्यास नियंत्रण मंडल में राजस्थान के प्रतिनिधि को स्थाई सदस्य के रुप में शामिल करने का आग्रह किया है।
राजस्थान के साथ लगातार हो रहे भेदभाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राजस्थान के सांसदों ने एक बार फिर केन्द्र सरकार से भाखडा व्यास नियंत्रण मंडल में राजस्थान के प्रतिनिधि को स्थाई सदस्य के रुप में शामिल करने का आग्रह किया है।
सांसद श्री रघुवीर सिंह कौशल की अध्यक्षता में नई दिल्ली के राजस्थान भवन में आयोजित सांसद प्रकोष्ठ की 11वीं बैठक में सांसदों ने रावी-व्यास नदी के जल में राजस्थान के शेष हिस्से ॰.6॰ एम.ए.एफ. पानी के मुद्दे पर चर्चा करते हुए केन्द्र से अनुरोध किया कि उ*चतम न्यायालय में रेफरेंस के लिए ल बत इस मामले के शीध्र निस्तारण की दिशा में पहल होनी चाहिए।
इसी प्रकार भाखडा मेन केनाल से हरियाणा द्वारा हांसी-बडाना नहर निकाल कर पानी लेने के मामले में पंजाब और राजस्थान सरकार द्वारा दर्ज आपत्तियों पर गौर किया जाए, क्योंकि यह भाखडा-नांगल एग्रीमेंट की मूल भावना के अनुकूल नहीं है।
बैठक में मार्बल आयात में हुई वृद्घि और चुनिंदा आयात करने वालों को ही लाइसेंस देने से राजस्थान के मार्बल उद्योग को हो रही हानि के संबंध में मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे और सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री और केन्द्रीय वाणि*य मंत्री का ध्यान आकर्षित किए जाने के बावजूद अपेक्षित निर्णय नहीं लिए जाने पर सांसदों ने चिंता व्यक्त की और इस संबंध में पुनः केन्द्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने का निर्णय लिया।
इसी प्रकार में उत्पादित पेट्रोलियम उत्पादों से भारत सरकार को अर्जित होने वाली लाभ राशि का 5॰ प्रतिशत हिस्सा को दिलाये जाने के संबन्ध में भी केन्द्र से निरन्तर अनुरोध करने पर एक राय बनी।
प्रदेश में प्रस्तावित नए राष्ट्रीय राजमार्ग के संबंध में चर्चा के दौरान सांसदों ने नी बाहेडा, प्रतापगढ, घाटोल, बांसवाडा, मोनाडूंगर, दाहुद, चित्तौड-इंदौर और सीकर-जयपुर आदि मार्गो को जोडने के लिए शीघ्र कार्यवाही करने के लिए केन्द्र से अनुरोध करने का निर्णय लिया और इस संबंध में केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री श्री टी.आर.बालू से भेंट करने का निर्णय भी लिया। इसके अलावा जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग में यातायात के बढते दबाव को देखते हुए इस मार्ग को चार लाईन से छः लाईन में परिवर्तित करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध करने के संबंध में निर्णय लिया गया।
सांसदों ने ग्याहरवें वित्त आयोग द्वारा राजकोषीय सुधार सुविधा के संबंध में की गई सिफारिश के अनुकूल राजस्थान के अछे प्रदर्शन के बावजूद प्रोत्साहन राशि अभी तक नहीं दिए जाने के संबंध में चर्चा की और केन्द्र सरकार का ध्यान पुनः इस ओर आकर्षित करने का निर्णय लिया। बैठक में राजस्थान आणविक विद्युत परियोजना की इकाइयों से राजस्थान के हिस्से में वृद्घि करने पर जोर देते हुए सांसदों ने कहा कि आर.ए.पी.पी. की प्रथम एवं द्वितीय इकाईयों के बंद होने और तृतीय एवं चतुर्थ इकाई से आवंटन में कमी के कारण राजस्थान को हो रहे नुकसान की क्षतिपूर्ति की जानी चाहिए और आवंटन का स्तर कम से कम 35 प्रतिशत किया जाना चाहिए।
सांसदों ने बताया कि राजस्थान में पूरे वर्ष विद्युत की कमी रहती है। राय में पार परिक उर्जा के कोई उत्पादन स्त्रोत कोयला आदि उपलब्ध नहीं हैं जबकि विद्युत मांग में निरन्तर तेजी से वृद्वि हो रही है। सांसदों ने प्रदेश के बांसवाडा जिले में माही बजाज सागर बांध के निकट प्रस्तावित न्यूक्लियर विद्युत परियोजना पर भी चर्चा की।
बैठक में जवाहर लाल नेहरु नेशनल अरबन रिनेबल मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के अजमेर और पुष्कर की योजनओं के अभिवर्द्घन व पुनर्गठन पर चर्चा में बताया गया कि बीसलपुर बांध से पानी लाने की यह योजना दो भागों ट्रांसमिशन और वितरण में बनाई गई इस योजना के लिए भारत सरकार ने 188.73 करोड रुपये स्वीकृत किए गये है। अजमेर में जल वितरण के लिए 182 करोड रुपये की योजना केन्द्र को भेजी गई है जिसकी स्वीकृत्ति अपेक्षित है।
बैठक में सांसद श्री रघुवीर सिंह कौशल, श्री सुभाष महेरिया, श्रीचन्द कृपलानी, श्री रामदास अग्रवाल, श्री भंवर सिंह डांगावास, श्री महावीर भगोरा, श्री धन सिंह रावत, श्री राम स्वरुप कोली, श्री माणकलाव, श्री राम सिंह कासंवा, श्री पुष्प जैन, डाँ. ज्ञान प्रकाश पिलानिया, प्रो. रासा सिंह रावत, राय की अति. मु य सचिव एवं प्रमुख आवासीय आयुक्त सुश्री ए.के. आहूजा, आवासीय आयुक्त श्री पी.के. आनन्द, सांसद प्रकोष्ठ के प्रभारी अति. आवासीय आयुक्त श्री विमल शर्मा एवं समन्वयक श्री ओ.डी.शर्मा और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे ।