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राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम में अनियमितताओं के कारण चार अध्यापक निलम्बित Regional Hindi News : khabarexpress.com : The news portal of North India
हनुमानगढ २९ दिसम्बर ! नोहर तहसील की ग्राम पंचायत कानसर में स्थित तीन विद्यालयों में राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम के तहत निरीक्षण में पायी गई अनियमितताओं के कारण जिला कलक्टर श्री टी. रविकांत के निर्देश पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कानसर के प्रधानाध्यापक श्री चुन्नीलाल व अध्यापक श्री नरेन्द्र कुमार व राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढाणी बिसवान की अध्यापिका इन्दू रानोलिया तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय देवासर के प्रधानाध्यापक श्री बालकिशन को जिला शिक्षा अधिकारी(प्रारम्भिक) ने एक आदेश जारी कर तुरन्त प्रभाव से निलम्बित कर दिया है ।
जिला कलक्टर ने बताया कि उक्त विद्यालयों के एक से अधिक बार निरीक्षण के दौरान बालकों के नामांकन में हेराफेरी कर पोषाहार में गडबडी करने की अनियमितताएं हुई । उन्होंने बताया कि पहली बार अनियमितताएं पाये जाने पर उक्त अध्यापकों को चेतावनी दी गई, लेकिन पुनः निरीक्षण के समय भी इन विद्यालयों में पोषाहार में हेराफेरी करना पाया गया। ऐसे में मामले की गम्भीरता को देखते हुए जिम्मेदार अध्यापकों को तुरन्त प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिए गए ।
जिला कलक्टर ने बताया कि बच्चों को सही मात्रा एवं गुणवता से युक्त पोषाहार उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है, ऐसे में लापरवाही बरतने व अनियमितता पाये जाने पर भविष्य में भी संबन्धित के विरूद्ध कठो र कार्यवाही की जाएगी ।
नोहर के तहसीलदार ने जिला कलक्टर को प्रस्तुत निरीक्षण में उल्लेख किया है कि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, देवासर में राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम का १५ जुलाई २००६ को आकस्मिक रूप से निरीक्षण करने पर ३८३ नामांकित बच्चों में से २४७ छात्रा उपस्थित मिले, १३६ छात्रा अनुपस्थित पाये गये। उक्त दिनांक को रिकॉर्ड में २४ किलो ७०० ग्राम चावल पकाना दर्ज किया गया था, जबकि मौके पर भौतिक रूप से जॉच करने पर मात्रा १०-१२ किलोग्राम चावल ही पकाये गये थे, जिसको पोषाहार प्रभारी ने स्वीकार किया। नोहर तहसीलदार ने इसी विद्यालय का २९ नवम्बर को पुनः आकस्मिक निरीक्षण किया गया तो वहां नामांकित ३३६ बच्चों में से २२६ बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई तथा २२६ बच्चों का ही पोषाहार पकाने का उल्लेख पंजिका में किया गया। जबकि भौतिक रूप से मात्रा १०५ छात्रा ही मौके पर उपस्थित पाये गये । इस प्रकार इस दिनांक को भी १२१ बच्चों के पोषाहार का गबन पाया गया। जबकि पोषाहार संबंधी संधारित पंजिका का अवलोकन करने पर पाया कि गत कई महिनों में उपस्थित छात्रों की संख्या २६० से २९१ दर्शायी गई है ।
इसी प्रकार तहसीलदार द्वारा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कानसर मे १५ जुलाई २००६ को पोषाहार निरीक्षण में नामांकित २०७ बच्चों में से ७६ छात्रा ही उपस्थित मिले । १३१ छात्रों गैर हाजिर थे । २९ नवम्बर २००६ को जब इस विद्यालय में संचालित राष्ट्रीय पोषाहार का निरीक्षण किया गया तो नामांकित २१३ छात्रों में से मात्रा ६६ छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि गत महिनों में छात्रों की औसत उपस्थिति १६० के आस-पास दर्ज पाई गई। जिला कलक्टर को प्रस्तुत रिपोर्ट में तहसीलदार ने बताया कि अध्यापकों में आपसी फूट की वजह से नवम्बर के प्रथम पखवाडे में ग्राम पंचायत द्वारा इस विद्यालय के राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम की शिकायत किये जाने के बाद छात्रों की उपस्थिति ६० के आस-पास दर्ज की जा रही है जबकि गत माह में औसत उपस्थिति प्रतिदिन १६० दर्ज है । निरीक्षण के दौरान जब पोषाहार प्रभारी से पूछा गया कि १६० से एक दम घटकर छात्रों की उपस्थिति ६६ कैसे हो गई तो उनके पास इसका कोई जवाब नहीं था ।
इसी प्रकार राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढाणी बिसवान ग्राम पंचायत कानसर का भी तहसीलदार द्वारा १३ नवम्बर व २९ नवम्बर को राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम के तहत आकस्मिक निरीक्षण करने पर पाया कि कुल नामांकित ५२ बच्चों में से उक्त तिथियों को भौतिक रूप से मात्रा ३२-३३ छात्रा उपस्थित पाये गये । उक्त दोनों तारीखों को छोडकर शेष दिनों में व गत महीनों में छात्रों की औसत उपस्थिति ४८ से ५० के बीच दर्ज है ।