सहकारी संस्थाएं अपने सामाजिक दायित्व का भी निर्वहन करें-कलक्टर 29 Dec
2007
जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने कहा है कि सरकारी संस्थाएं अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करें और समाज से जुडाव स्थापित करते हुए समग्र विकास में सहयोग करें।
डूंगरपुर,२९ दिसम्बर/ जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने कहा है कि सरकारी संस्थाएं अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करें और समाज से जुडाव स्थापित करते हुए समग्र विकास में सहयोग करें। निचले स्तर की संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जायेंगे।
कलक्टर पवन शनिवार को कृषि विभाग सभागार में दी सेन्ट्रल कॉ-आपरेटिव बैंक के तत्वावधान में जिले के सहकारी समिति अध्यक्ष एवं व्यवस्थापकों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि समन्वित सहकारी विकास कार्यक्रम के तहत सहकारी संस्थाओं को आधारभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने की दृष्टि से सभी लेम्पसों में गोदाम भी बनाए जाएंगे। उन्होंने लेम्पस प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि जिले के समग्र विकास के लिए गांवों से सीधी तौर पर जुडी संस्थाओं के सकारात्मक सहयोग की आवश्यकता है और लेम्पस यदि स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने और अन्य सामाजिक व राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपनी भूमिका निभाएंगे तो क्षेत्रीय विकास की अवधारणा स्वतः ही मूर्त रूप ले लेगी। कलक्टर ने लेम्पसों से आह्वान किया कि वे स्वयं सहायता समूहों को अपेक्षित मदद देते हुए सक्रिय करें और महिलाओं में सहकारिता की भावना का विकास करें।
इस मौके पर अपने संबोधन में जिला सहकार संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र पण्ड्या ने सहकारिता से ही पिछडे अंचल के विकास को संभव बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अपेक्षित ध्यान दिए जाने से जिले में गत दशक में सहकारी क्षेत्र को गति प्राप्त हुई है। उन्होंने जिले में मिनी बैंकों के माध्यम से रोजगार गारंटी योजना के तहत किए जाने वाले भुगतान पर दो फिसदी कमीशन दिए जाने की मांग की। आरंभ में केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक एस.एल.शर्मा ने जिले में सहकारी संस्थाओं की स्थिति और विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों में इनके योगदान के साथ ही खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से गठित स्वयं सहायता समूहों और उनकी गतिविधियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की।
इस दौरान माडा लेम्पस अध्यक्ष पूनमचंद लबाना लेम्पसों को सीधे ही खाद्य आपूर्ति करवाने की मांग की वहीं सीमलवाडा लेम्पस अध्यक्ष प्रियंकात पण्ड्या ने सरकारी अनुदान की योजनाओं से लेम्पसों को जोडने का आग्रह किया। चीतरी लेम्पस अध्यक्ष बद्रीनारायण शर्मा ने बडी संस्थाओं द्वारा छोटी संस्थाओं के शोषण की स्थिति व अन्य समस्याओं पर प्रकाश डाला तथा बोडीगामा बडा के कमलजी पाटीदार ने जिले के लिए खाद का कोटा बडाने व गोदाम बनवाने की मांग रखी।
इससे पूर्व जिला कलक्टर के यहां पहुंचने पर केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक एस.एल.शर्मा, जिला सहकार संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र पण्ड्या, ईफको के एसएल कटारिया, प्रियकांत पण्ड्या आदि ने पुष्पहार पहना कर स्वागत किया।
इस मौके पर भूमि विकास बैंक के सचिव अनिमेश पुरोहित,क्रय विक्रय सहकारी संघ के भूपेन्द्र पण्ड्या, पवित्र जोशी, ईफको प्रतिनिधि और जिले भर से आए हुए लेम्पस अध्यक्ष व अन्य कर्मचारी मौजूद थे।आभार प्रदर्शन भूपेन्द्र पण्ड्या ने किया। नकली खाद...बिल्कुल नहीं....सूचना दें प्रशिक्षण कार्यशाला दौरान लेम्पस अध्यक्षों से संवाद दौरान कलक्टर नीरज के.पवन को अवगत कराया गया कि कुछ व्यापारी चोरी छिपे नकली खाद बेच रहे हैं। इस पर कलक्टर ने गंभीरता से कहा कि इस प्रकार के प्रकरणों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और किसानों के हित में तुरंत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने संबंधित लेम्पस प्रतिनिधियों को इस बारे में सूचना प्राप्त होने पर तत्काल ही जिला प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए। खाद को एमआरपी पर ही बेचें कार्यशाला में कलक्टर नीरज के.पवन ने समस्त लेम्पस अध्यक्षों को निर्देशित किया कि लेम्पस पर मौजूद खाद को एमआरपी पर ही बेचना है। इस पर ट्रांसपोर्ट शुल्क किसी भी स्थिति में नहीं लेना है। लेम्पसों को आने वाले ट्रांसपोर्ट खर्च के बारे में कलक्टर ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में ईफकों को जिले के चयनित दूरस्थ लेम्पस मुख्यालय को आपूर्ति करने के निर्देश दिए जायेंगे। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के लिए उन्होंने प्रबन्ध निदेशक को निर्देश दिए।