जयपुर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता गुर्जर और मीणा जातियों में आपसी भाईचारा और सद्भाव पैदा करने की है। वे चाहते है कि दोनो समाजों के लोग धीरे-धीरे गांवों में एक दूसरे के करीब आये तथा भय व अविश्वास का माहौल समाप्त हो।
गहलोत ने आज उनसे मिले गुर्जर समाज के दो प्रतिनिधिमण्डलों से अलग-अलग विचार-विमर्श करते हुए कहा कि मांग करने और उसके लिए आन्दोलन करने का अधिकार सबको है। लेकिन यह सब संविधान एवं कानून व्यवस्था के तहत ही होना चाहिए। शासन कानून से चलता है और कानून से ऊपर कोई नहीं है। देश और प्रदेश में कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। हिंसा का जवाब भी हिंसा नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिये है कि गुर्जर आंदोलन के दौरान मारे गये लोगों के आश्रितों को अब तक नौकरियां क्यों नहीं दी गई ? इसकी जांच की जाए। उन्हें बताया गया है कि आन्दोलन में मारे गये ७१ लोगों में से सिर्फ २६ आश्रितों को ही नौकरियां दी गई है जबकि शेष ४३ आश्रितों को नौकरियां दिया जाना बाकी है। गहलोत ने यह मंशा भी जाहिर की है कि गुर्जर आन्दोलन के लिए जस्टिस बंसल की अध्यक्षता में गठित आयोग की बढाई गई तीन माह की समयावधि में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यहां यह उल्लेखनीय है कि हाल ही जस्टिस बंसल आयोग के कार्यकाल को तीन माह बढाया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिये हैं कि देवनारायण योजना के तहत उपलब्ध राशि में प्राथमिकता के आधार पर शिक्षा पर ध्यान दिया जाये। इसके साथ ही योजना के तहत अन्य कामों को भी द्रुत गति से विशेष ध्यान देकर आगे बढाया जाये।
गुर्जर नेता अतर सिंह भडाना, देवकीनन्दन काका, पूर्व विधायक हरि सिंह महुआ और पूर्व विधायक रामचन्द्र सराधना की अगुवाई में गुर्जरों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने आज मुख्यमंत्री से उनके कार्यालय में भेंट की। इस प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री को अपने समाज की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पिछडे हुए गुर्जर समाज के कल्याण के लिए राज्य सरकार शीघ्र कदम उठाए। इस दिशा में उन्होंने पिछले गुर्जर आन्दोलन के शिकार हुए परिवारों और शिक्षा की दृष्टि से पिछडे अपने समाज की समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
इस प्रतिनिधि मण्डल से विचार-विमर्श करने के बाद डॉ. किरोडी सिंह बैंसला और धर्मसिंह सहित एक अन्य प्रतिनिधिमण्डल ने भी मुख्यमंत्री से अपने समाज की समस्याओं को लेकर विचार-विमर्श किया। इस बैठक में कर्नल बैंसला एवं धर्मसिंह गुर्जर ने मुख्यमंत्री गहलोत को चुनावी विजय पर समाज की ओर से बधाई दी।
सकारात्मक सम्पन्न दोनो बैठकों में सर्व भडाना और बैंसला के साथ मिले दोनो प्रतिनिधिमण्डलों को मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण के सम्बन्ध में राज्य विधानसभा से पारित जो बिल राज्यपाल के पास लम्बित होने और उनके विचारों की जानकारी आपको होने की बात कही।