बीकानेर राजस्थान विद्यार्थी मित्र शिक्षक संघ के बैनर तले विद्यार्थी मित्र शिक्षकों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर आज जिला कलक्टर कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विद्यार्थी मित्रों की सेवाएं रिक्त पदों पर जारी रखी जाए और जहां कहीं पर पदोन्नति या सीधी भर्ती से शिक्षकों के रिक्त पदों पर पूर्ति की जाती है। उस स्थान के कार्यरत विद्यार्थी मित्र को विद्यालय, ब्लॉक या जिला स्तर पर स्थानांतरित कर दिया जाए। संघ के महासचिव हरिप्रसाद व्यास ने कहा कि विद्यार्थी मित्रों को कम से कम 7 हजार प्रतिमाह के मानदेय पर स्थिर किया जाए तथा वरिष्ठ अध्यापक एवं प्राध्यापकों के विरूद्ध कार्यरत विद्यार्थी मित्रों को अतिरिक्त मानदेय के साथ-साथ ग्रीष्मावकाश का मानदेय भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि 03 शैक्षणिक सत्रों के बराकर सेवाएं देने वाले विद्यार्थी मित्रों को प्रबोधक पद की भर्ती के लिये पात्र माना जाना चाहिए। प्रदेशाध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि अप्रशिक्षित विद्यार्थी मित्रों को पत्राचार पाठ्यक्रम के माध्यम से एसटीसी या बीएड का प्रशिक्षण दिया जावें। उन्होंने विद्यार्थी मित्रों के लिये एक शैक्षणिक सत्र में 15 आकस्मिक अवकाश एवं महिला विद्यार्थी मित्रों के लिये 6 माह का प्रसूति अवकाश दिये जाने के प्रावधान की पैरवी की। विद्यार्थी मित्रों ने रोष जताया कि सरकार को इस बारे में बार-बार अवगत करवाने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते विद्यार्थी मित्र आंदोलन को विवश है। बाद में एक शिष्टमंडल ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।