बदलते विकास परिदृश्य से उत्तर भारत की नजरें राजस्थान पर टिकी: राजे 30 Jan
2008
श्रीमती राजे बुधवार को अलवर जिले के भिवाडी औद्योगिक क्षेत्र में सोमानी वर्स्टेड लिमिटेड की आई.टी. सेज ‘‘ सिलिकोन सिटी‘‘ के शिलान्यास अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहीं थीं।
नई दिल्ली (सू.का.), राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि प्रदेश में तेजी से बदल रहे विकास परिदृश्य की वजह से आज समूचे उत्तर भारत की निगाहें राजस्थान पर टिकी हुई हैं। उन्होंने औद्योगिक घरानों को राजस्थान में आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार आपको हर संभव मदद करेगी लेकिन आप भी यहां की जनता को कुछ देकर अपने सामाजिक सरोकारों से जुडें।
श्रीमती राजे बुधवार को अलवर जिले के भिवाडी औद्योगिक क्षेत्र में सोमानी वर्स्टेड लिमिटेड की आई.टी. सेज ‘‘ सिलिकोन सिटी‘‘ के शिलान्यास अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहीं थीं। उन्होंने सिलिकोन सिटी में स्थानीय लोगों को योग्यता के आधार पर रोजगार में प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य में रिसर्जेंट राजस्थान सम्मलेन के दौरान एक लाख ६२ हजार ७९ करोड रुपये के निवेश के लिए २९५ सहमति पत्र (एम.ओ.यू. ) पर हस्ताक्षर हुए हैं। जिसके परिणाम अब सामने आ रहे है। अलवर में आज ओरियन्ट क्राफ्ट लिमिटेड तथा जेक्यूआर. एण्ड कम्पनी लिमिटेड का शिलान्यास हो रहा है जहां कुल ६३ हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक घराने अब राजस्थान की ओर रुख कर रहे हैं क्योंकि यहां सडक, पानी, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। आज प्रदेश सूचना प्रोद्यौगिकी के क्षेत्र में देश का प्रमुख राज्य भी बन रहा है। उस क्षेत्र को समुचित प्रोत्साहन देने के लिए नई सूचना प्रौद्योगिकी नीति की घोषणा भी की जा चुकी है। आई.सी.आई.सी.आई. बैंक यहां नोर्दन हब स्थापित कर रहा है जिससे २० हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब एक लाख ६२ हजार करोड रुपये से अधिक का निवेश यहां मूर्त रूप ले लेगा तब राज्य में विकास का एक नया युग शुरु होगा।
श्रीमती राजे ने कहा कि गत चार वर्षों में सरकार ने प्रदेश की लडखडाती अर्थव्यवस्था को सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से पुनः सुदृढ किया है। राज्य में अब कोई ओवर ड्राफ्ट नहीं है। सडकों का जाल बिछ रहा है, वर्ष २००८-०९ तक प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जायेगा। उन्होंने कहा कि यहां उद्योग लगाने वालों को राज्य सरकार हर संभव सहयोग व मदद देने को तत्पर है लेकिन उद्यमी अपने व्यवसाय के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों की ओर भी देखे। प्रदेश में मिड-डे-मील, आई.टी.आई., शिक्षण संस्थाओं एवं विकास परियोजनाओं में निजी-सार्वजनिक भागेदारी को प्रोत्साहित कर नवाचार किये गये है। महेन्द्रा एण्ड महेन्द्रा ने जयपुर में अच्छे वाहन चालक तैयार करने के लिए ड्राईविंग स्कूल का प्रबन्धन हाथ में लिया है, कुछ लोग मिड डे मील में भागीदारी कर रहे है। यहां स्थापित होने वाले उद्योग स्थानीय लोगों को योग्यता के आधार पर रोजगार दें साथ ही समाज के लिए कुछ न कुछ सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यहां जो विकास हो वह आफ परिवारों के लिए समृद्धि दायक हो तथा राज्य के लोगों के लिए लाभदायक हो।
शिलान्यास समारोह में उद्योग मंत्री डा. दिगम्बर सिंह ने कहा कि वर्तमान में भिवाडी औद्योगिक क्षेत्र ५ हजार ३०० एकड में फैला हुआ है। रीको इस क्षेत्र का विस्तार कर इसमें १२०० एकड क्षेत्र और जोडेगा। निकट भविष्य में इस औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार ८ हजार ५०० एकड में फैल जायेगा।
डॉ. सिंह ने बताया कि आज जेनपेक्ट, इंफोसिस जैसी नामचीन कम्पनियां राज्य में अपनी इकाई स्थापित कर चुकी हैं। विप्रो, ड्यूश बैंक, नेबोरा आदि भी यहां आई.टी. परियोजनाएं ला रही है। रीको भविष्य में निवेश के लिए निजी निर्माताओं के सहयोग से भिवाडी अलवर, बोरनाडा जोधपुर तथा जयपुर में आई.टी. पार्क विकसित करने के लिए ई ओ.आई. (एक्सप्रेशन ऑफ इन्ट्रेस्ट) जारी कर चुकी है। राजस्थान आज आई.टी. डेस्टीनेशन बन गया है।
इससे पहले सोमानी वर्स्टेड लिमिडेट के प्रबंध निदेशक श्री आशीष सोमानी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सिलिकोन सिटी विश्व स्तरीय आई.टी. हब के रूप में उभरेगी। यहां ५० हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि आई.टी. क्षेत्र में हैदराबाद-चैन्नई-बैंगलोर के स्वर्णिम त्रिकोण के बाद अब नये त्रिकोण के रूप में एन.सी.आर.-चंडीगढ-जयपुर की नई पहचान बनेगी। अतिथियों का आभार ए.ई.जेड के डा. प्रूथी ने प्रकट किया। शिलान्यास समारोह में संसदीय सचिव एवं सूचना एवं जनसम्फ विभाग के प्रभारी श्री भवानी सिंह राजावत, ससंदीय सचिव श्री धर्मपाल चौधरी सहित जनप्रतिनिधि, उद्योगपति एवं बडी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम समाप्ति के समय श्रीमती राजे जब कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलीं तो हजारों लोग ने हाथ उठाकर उनका अभिवादन किया और मुख्यमंत्री ने भी भीड के बीच जाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया तथा उनसे बातचीत की। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से नये स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय लोगों को अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराने का आग्रह किया जिस पर श्रीमती राजे ने नवस्थापित कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर योग्यता के आधार पर स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर जोर दिया।