क्रिकेट बुक्की का पर्दाफाश
सूरतगढ, (विकास यादव) पुलिस ने जेल के पीछे एक मकान में छापा मारकर पिछले काफी समय से चल रही क्रिकेट बुक्की का पर्दाफाश कर दो जनों को गिरफ्तार किया है। मौके से 12 हजार की नगदी, पौने दो लाख का हिसाब व अन्य साजो-सामान बरामद किये गये हैं। थानाधिकारी नंदलाल सैनी ने बताया कि शुक्रवार देर रात्रि मुखबिर की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक से तलाशी वारंट लेकर वार्ड नं. 4 स्थित राकेश कुमार अरोडा के मकान में छापा मारकर बुक्की चलाते दो जनों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किये गये व्यक्तियों के नाम राजेश कुमार अरोडा निवासी वार्ड नं. 17 व राकेश कुमार अरोडा निवासी वार्ड नं. 3 बताये गये हैं। इनके पास से 12 हजार रुपयों की नगदी व 169700 रुपये का लिखित हिसाब बरामद किया गया है। इसके अलावा 8 मोबाइल, एक कम्प्यूटर सैट, 1 टीवी, डिश, मोबाइल चार्जर आदि सामान जब्त किया गया है।
श्रमिकों की मांग को अनदेखा किया तो संघर्ष
सूरतगढ, (विकास यादव) कर्मचारी मजदूर संयुक्त संघर्ष समिति से जुडे सभी पांच केन्द्रीय फार्मों के श्रमिकों की विशाल सभा शनिवार को सूरतगढ फार्म मुख्यालय पर की गई, जिसमें फार्म प्रशासन पर 6 सूत्री मांग पत्र मनवाने के लिए दबाव बनाने का निर्णय लिया गया। सभा सीटू यूनियन महामंत्री मदन ओझा ने कहा कि यदि फार्म प्रशासन श्रमिकों की मांग को अनदेखा करता है तो संघर्ष समिति 15 अप्रेल से संघर्ष का आगाज कर देगी। इस अवसर पर फार्म यूनियन अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि दिल्ली बैंक उच्चाधिकारी श्रमिकों की मांग को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे श्रमिकों में असंतोष बढता जा रहा है। इस मौके पर बहराईच फार्म के राजकुमार सिंह व हिंसार फार्म के शमसेर सिंह ने मजदूरों के संघर्ष का समर्थन किया। केन्द्रीय राज्य फार्म सरदारगढ अध्यक्ष महेन्द्र सिंह ने भी आगामी आंदोलन को समर्थन देने की बात कही। सभा को लखीपाल सिंह, रघुवीर सिंह, बिरेश्वर, शीतल यादव, गुरुचरण सिंह, गज्जूराम, पूर्णराम, चन्द्रभान सिंह, रघुवीर सिंह, लक्ष्मण शर्मा, राजकुमार व डोगर गौड ने सम्बोधित किया। रमाकांत दीक्षित की अध्यक्षता में हुई इस सभा का मंच संचालन सुरेन्द्र जोशी ने किया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया
सूरतगढ, (विकास यादव) सींथल पीठाधीश्वर श्री क्षमाराम जी महाराज के सानिध्य में गांव जानकीदासवाला में जारी श्रीमदभागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर डाण्डिया खोलने के साथ गुलाल खेली गई तथा मक्खन से भरी मटकियां फोडकर उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। समाजसेवी बृजलाल मदनलाल कस्वां परिवार की ओर से आयोजित भागवत कथा में दूर-दराज से सैकडों की तादाद में महिला-पुरुष पहुंच रहे हैं। शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म प्रसंग पर क्षमाराम जी ने प्रवचन दिए। इस दौरान कई भजनों पर श्रीकृष्ण की संजीव झांकी प्रस्तुत की गई। बच्चों ने डाण्डिया नृत्य किया, वहीं श्रद्धालुओं ने गुलाल व पुष्प उडाकर माहौल रंगीन कर दिया। पण्डाल में बंधी मक्खन भरी मटकियां श्रीकृष्ण ने तोडी तो प्रसाद के लिए श्रद्धालु लपक पडे। महिलाओं ने थाली बजाकर खुशियां मनाई। जन्मोत्सव में सभी बूढे-बुजुर्ग भी झूमने लगे। श्रमाराम जी ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि मन की एकाग्रता व पवित्रता के लिए बाल लीलाएं सुननी चाहिए। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि वे अपने बच्चों का लालन-पालन नौकर-नौकरानी से करवाने की बजाय स्वयं करें। माँ की गोद म ही बच्चा संस्कारवान, हष्ट-पुष्ट, सुन्दर, सुशील बनता है। महाराज ने कहा कि सबसे बडा मंत्र भगवान का नाम लेना ही है। इसलिए अन्य मंत्रों के चक्कर में नहीं पडना चाहिए। उन्होंने घर में गाय रखने की बात करते हुए कहा कि उसके गोबर में माँ लक्ष्मी व गौमूत्र में माँ सरस्वती का निवास होता है। अगर गोबर से तिलक किया जाये तो सभी अशुगन मिट जाते हैं। क्षमाराम जी ने कहा कि मनुष्य वही है जो दूसरों के दुःख में दुःखी हो। ऐसे लोगों की गोद में भगवान स्वयं खेलते हैं। उन्होंने पैसे से लोभ को सबसे खतरनाक बताते हुए कहा कि जरुरत से ज्यादा धन जहां माता-पिता, भाई-दोस्त में खुरास पैदा करवा देता है। वहीं खराब विचार पैदा करता है। आयोजक मदन कस्वां ने बताया कि कथा का समापन मंगलवार को यज्ञ के साथ होगा।