ब्राह्मण अपने कर्म को समझ क्षमता व योग्यता अनुरूप आचरण करें -
30 Apr
2007
नृसिंह जयंती पर दो दिवसीय समारोह आयोजित सम्पन्न
बांसवाडा, ३० अप्रैल। भगवान श्रीनृसिंह जयंती के अवसर पंच चौबीसा ब्राह्मण समाज द्वारा सोमवार को भगवान श्रीनृसिंह की शोभायात्रा निकाली गई।
पैलेस रोड स्थित नृसिंह मंदिर से संत सुमेरसिंह लेहरी के सानिध्य में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी, जय नृसिंह देव की जय, कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी ... सहित कई भजन श्रद्घालुओं के उत्साह को दुगुना कर रहे थे। श्रद्घालु नाचते, झुमते, गाते भक्ति सरिता में गोते लगा रहे थे। शोभायात्रा का नतत्व चौबीसा समाज के मंदिर प्रभारी कन्हैयालाल चौबीसा, भण्डार प्रभारी मनोहरलाल चौबीसा, उपाध्यक्ष अशोक पुरोहित व धीरेन्द्र जोशी कर रहे थे। शोभायात्रा में चौबीसा समाज के अध्यक्ष सूर्यशंकर जोशी, भूपेन्द्रनाथ पुरोहित, जितेन्द्रनाथ पुरोहित, भरत शर्मा, अशोक पुरोहित, अविनाश चौबीसा, सचिव कमलेश चौबीसा, विनोद चौबीसा, कन्हैयालाल चौबीसा, दीपक चौबीसा, मनोहरलाल चौबीसा, अनिमेष पुरोहित, शरद शर्मा, पंकज पुरोहित, धीरेन्द्र जोशी सहित चौबीसा समाज तथा अन्य समाजों आबाल वृद्घ श्रद्घालुगण उपस्थित थे। शोभायात्रा नृसिंह मंदिर से महालक्ष्मी चौक, आजाद चौक, सदर बाजाद, पीपली चौक, श्रीराम बाजार, भोजापालिया होते हुए पुनः नृसिंह मंदिर पहुंची जहां महाआरती के पश्चात धर्मसभा में परिवर्तित हुई। धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए संत लेहरी महाराज ने कहा कि हर जाति व धर्म के प्रतिनिधियों के लिए कर्म निर्धारित हैं और उन्हें अपने कर्म के अनुरूप दायित्वों का निर्वाह करना चाहिए ताकि समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान सुनिश्चित हो सके। ब्राह्मण बनना गौरव का विषय है और ब्राह्मण अपने कर्म को समझे, अपने अंदर व्याप्त क्षमता व योग्यता के अनुरूप आचरण करें तो ही समाज व राष्ट्र का विकास हो सकता है। उन्होंने ब्राह्मणों के लिए निर्धारित विभिन्न कार्यो व गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए नित्य कर्म में नियमितता अपनाने पर जोर दिया।
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