कबीर का दर्शन पूर्णरूपेण वैज्ञानिक : जोशी
30 Jun
2007
कबीर जयंती पर बांसवाडा में विविध कार्यक्र
बांसवाडा, ३० जून/चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी ने कहा है कि कबीर का साहित्य और दर्शन पूर्णरूपेण वैज्ञानिक है। उनकी सोच प्राणी मात्र का हित साधती है और उनका साहित्य मनुष्यमात्र को सन्मार्ग की प्रेरणा देता है। जोशी कबीर जयंती के उपलक्ष्य में ठीकरिया स्थित कबीर मंदिर में आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। जोशी ने कहा कि कबीर ने ऐसे समय में साहित्य की साधना की जब धर्मानुयायियों को कई प्रकार के पाखंड और आडम्बरों ने घेर रखा था। उन्होंने कहा कि कबीर की साखियां जीवन के कल्याण का महामंत्र है। जोशी ने कहा कि कबीर का जीवन दर्शन और उनका साहित्य वैज्ञानिक चिंतन का उत्कृष्ठ प्रमाण है। उन्होंने सदियों पूर्व जो लिखा है वह कालजयी है। किसी भी युग में उनके सिट्ठांत अप्रासंगिक होने वाले नहीं है। जोशी ने धर्मावलम्बियों का आह्वान किया कि वे कबीर के बताए मार्ग पर चलें और कुरीतियों के उन्मूलन के साथ ही गुरु की आज्ञा में परोपकार के कार्य में संलग्न रहे हैं। इस अवसर पर कबीर मंदिर के महंत वेणीदास साहेब ने संतकवि कबीरदास के जीवन पर प्रकाश डाला और गुरु महिमा का संगीतमय पाठ किया। हीरालाल बुनकर, ध्रुवकुमार व्यास, मोगजीभाई, अमरजीभाई, नानूलाल, शंकरसिंह, ओमप्रकाश व्यास, सब्बलसिंह, शंकरलाल यादव, राजकुमार, पूंजाभाई, सुरेशचंद्र माहेश्वरी आदि ने स्वागत किया। समारोह में कबीर पंथी संत सेवादास, प्रभुदास, रामदास, बाबूदास, सुखरामदास, मोहनदास आदि महंतों के अलावा पार्षद सुखलाल तेली उपस्थित थे। राष्ट्रीय गौरव अवार्ड से सम्मानित होने पर चिकित्सा राज्यमंत्री का महंत वेणीदास महाराज ने शॉल ओढाकर अभिनंदन किया और उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। संचालन नगरपालिका पार्षद देवीलाल यादव ने किया। समारोह में सम्मिलित होने आए संतों की विदाई रविवार को होगी।
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