संवाददाता - के. के. शर्मा
बीकानेर ३० जलाई। आंध्र प्रदेश के खम्मम जिले में सरकार द्वारा जमीन देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हजारों असहाय लोगों को पुलिस द्वारा बेरहमी से मारपीट करने और इस दर्दनाक घटना में पुलिस के हाथों आठ जनों की मृत्यु होने के विरोध में माक्र्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने आज जिलाधीश कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया और इस घटना की निन्दा करते हुए जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। माकपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने बर्बरत पूर्वक की गई इस पुलिस कार्यवाही की निन्दा की तथा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। कॉमरेड सरल विशारद के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन में पार्टी के सैंकडों कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस अवसर पर स्थानीय स्तर के वामपंथियों ने कल हुई घटना की निन्दा करते हुए कहा कि विश्व के सबसे बडे लोकतांत्रिक राष्ट्र में आम जनता के अधिकारों को कुचलना तानाशाही है। आन्ध्र की राज्य सरकार गरीब लोगों को भूमि आबंटित नही करके और उन पर लाठी गोली बरसा कर अपनी दमनकारी नीति दर्शा रही है। इस दुर्दान्तक घटना का पूरे राष्ट्र में विरोध किया जायेगा। प्रदर्शनकारियों में कॉ. सरल विशारद, कॉ. भागीरथ मूण्ड, कॉ. जेठाराम लाखुसर, कॉ. रामगोपाल विश्नोई, महिपाल सारस्वत, डीवाईएफआई के अध्यक्ष सुन्दर बेनीवाल व महासचिव बजरंग छींपा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
इससे पूर्व एस.एफ.आई की जिला कमेटी ने फैडरेशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामगोपाल विश्नोई व जिलाध्यक्ष भागीरथ मूण्ड व महासचिव महिपाल सारस्वत के नेतृत्व में जिलाधीश कार्यालय के समक्ष राजकीय विद्यालय में व्याप्त छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया तथा समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्य मंत्री को जिलाधीश के माध्यम से ज्ञापन भेजा। महासचिव महिपाल सारस्वत व प्रांतीय उपाध्यक्ष रामगोपाल विश्नोई के अनुसार विद्यालयों में व्याख्याताओं के रिक्त पदो पर भर्ती, अजा, जजा, छात्र-छात्राओं की फीस माफ, छात्रवृति निरन्तर जारी रखने जैसी मांगो को ज्ञापन में लिखा गया है। उनके अनुसार सरकार द्वारा छात्र समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन किया जायेगा।