बीकानेर। जिले की भोगोलिक एंव मलेरिया हाईरिस्क क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों से अनजान मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी का मलेरिया पर फलॉप नियत्रंण साबित हो रहा हैं। सूत्रो के अनुसार एसी कमरे में बैठकर मात्र कागजी योजनाओं से मलेरिया पर नियत्रंण के लिए अपनी पीठ स्वंय थपथपा रहे। सी.एम.एच.ओ. सम्पूर्ण जिले में मलेरिया नियत्रंण के लिए अनुकूल प्रबंधन नही कर पाये हैं। अपने वरिष्ठ अधिकारीयों को मात्र कागजी आंकडे दिखाकर जिले में मलेरिया नियत्रंण के दावे किये जा रहे हैं जबकि वास्तविक जमीनी हकीकत कुछ और ही हैं।
मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी मलेरिया नियत्रंण विभाग में कार्यरत कार्मिकों का समुचित एंव सही उपयोग नही कर पा रहे हैं। जिले के हाईरिस्क मलेरिया क्षेत्रों के लिए लम्बी-चौडी कागजी योजनाऐ बनाकर अपने वरिष्ठ अधिकारीयों के समक्ष अपनी ’पी’ सुधारने में तो लगे है मगर मलेरिया से जुंझ रहे जिलेवासी कुप्रबंधन का शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य भवन से हालांकि मलेरिया नियत्रंण के लिए कार्य होने के दावे किये जा रहे है मगर दिखावा हो रहा हैं कार्यक्रम। इनके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों मे नियुक्त कार्मिकों का मुख्यालय पर ठहराव नही हैं। सी.एम.एच.ओ. गांवो में कार्मिको का ठहराव सुनिश्चित नही कर पाऐ हैं। जिसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।
जिले मे फिर से शुरू हो चुकी मलेरिया की मार से आमजन को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास कोई प्रभावी ठोस योजना नही हैं। हालांकि विभाग द्वारा मलेरिया नियत्रंण गतिविधियों के प्रभावी संचालन के दावे किये जा रहे हैं मगर मात्र गत एक सप्ताह म सामने आऐ, 54 मलेरिया रोगी कागजी योजनाओं की पोल खोल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हालांकि मलेरिया नियत्रंण के लिए टेमिफॉस, पायराथ्रम छिडकाव एम.एल.ओ. डालना, घर-घर फीवर सर्वें, पूर्व रोगियों की पुनःजांच आदि कार्यो की लम्बी फेहरिस्त आमजन को बताई जा रही हैं। मगर धरातल पर स्थिति कुछ और ही बयां कर रही हैं। जिन गांवो या मौहल्लों में उपरोक्त कार्य होने के बावजुद। मलेरिया रोगी कैसे वहां से रिपोर्ट हो रहे है इसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नही हैं।
जिल में प्रतिवर्ष मलेरिया की मार के होने के बावजुद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों की ढुलमुल कार्यशेली के चलते सैकडो लोग मलेरिया की चपेट में आते जा रहे हैं अधिकारी मात्र कागजी योजनाऐ बनाकर जहां इतिश्री कर रहे है वही फील्ड वर्कर एसी कमरों की कार्ययोजना से धरातल पर सही नही बताकर अनमने ढंग से अपना कार्य निभाते जा रहे हैं।