जयपुर, ३० अक्टूबर। डूंगरपुर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत सर्वाधिक तादाद में जल संरक्षण एवं जल संग्रहण कार्य संपादित किए गए । इसमें नए चैक डेम, तालाबों का निर्माण व तालाबों के सुदृढीकरण व गहराई बढाने के कार्य किए गए। वर्ष २००६ में इस प्रकार के १४०० कार्यों पर ४८८७.१८ लाख रुपये व्यय किए गए वहीं वर्ष २००७ में १३५१ कार्यों को पूर्ण करते हुए ६६२७.४६ लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं तथा ९१८ कार्य अभी भी प्रगतिरत हैं।
जिला कलेक्टर डूंगरपुर श्री नीरज के. पवन ने बताया कि सूखा निरोधी कार्यों के तहत वृक्षारोपण करवाया गया । इसमें वर्ष २००६ में विभिन्न कार्यकारी एजेन्सियों के माध्यम से १४७ कार्यों पर ३४५.२७ लाख रुपये व्यय करते हुए ७८६.६८ हेक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण किया गया। वर्ष २००७ में ९४ कार्यों के माध्यम से १६०.७२ क्षेत्र में वृक्षारोपण करवाया जा चुका है वहीं अभी भी २६८ कार्यों के माध्यम से २०९६.६४ हेक्टेयर में वृक्षारोपण का कार्य प्रगति पर है। वृक्षारोपण पर अब तक ११५४.११ लाख रूपया खर्च किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि काश्तकारों को सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर लाभान्वित करने की दिशा में योजना के तहत लघु सिंचाई कार्य संपादित किए गए हैं। इसके तहत धोरों के निर्माण इत्यादि कार्यों को अंजाम दिया गया। इसके तहत वर्ष २००६ में २१ कार्यों पर ३४ किलोमीटर लम्बाई में धोरों का निर्माण हुआ जिन पर ८८ लाख रुपयों की राशि व्यय की गई। वर्ष २००७ में २२.३२ किलोमीटर लंबाई के धोरे निर्माण के ५३ कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है जबकि ४७.८ किलोमीटर लंबाई के धोरों के १११ कार्य प्रगतिरत है , इन पर अब तक ५७३.८७ लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
इसी तरह बडी तादाद में व्यक्तिगत लाभ के कार्यों को भी इस योजना में करवाया गया है। इसके तहत वर्ष २००७ में १४८ कार्य लिए गए हैं इन कार्यों से १५ हजार २३३ काश्तकारों को लाभान्वित करते हुए जिले भर में ८३ हजार फल दार पौधों का रोपण किया जा रहा है। योजना के तहत फलदार पौधों के लगाने के कार्यों पर ६६.३७ लाख रुपया खर्च किया जा चुका है।
योजना में पुराने तालाबों की मरम्मत और गहराई बढाने के कार्य भी संपादित किए गए हैं। इसमें वर्ष २००६ में १२५७ कार्यों पर ४६१९.०९ लाख रुपये खर्च किए गए हैं वहीं वर्ष २००७ में इस प्रकार के ४७० कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं व ४०८ प्रगतिरत है जिन पर अब तक २६१५.३७ लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
जिला कलेक्टर ने बताया कि कृषि योग्य भूमि विकास के लिए वृक्षारोपण, भूमि समतलीकरण व मेडबन्दी कार्यों को करवाया गया है। इसमें वर्ष २००६ में ४० हेक्टेयर के एक कार्य पर ३.४५ लाख रुपया खर्च किया गया वहीं वर्ष २००७ में इस प्रकार के १६ कार्यों पर ३८.५५ लाख रुपया खर्च किया जा चुका है। जिले में बाढ नियंत्रण व जन निकासी के वर्ष २००७ में १९ कार्य प्रगतिरत है और इन पर अब तक ९८.५७ लाख रुपया खर्च किया जा चुका है।
ग्रामीण क्षेत्रें में आवागमन सुविधा प्रदान करने के लिए चालू वर्ष २००७ में ग्रामीण सडक निर्माण के ८५ कार्यों में ५८ किलोमीटर की सडक का निर्माण पूर्ण कर लिया है व ४०१ कार्यों में ३९९ किलोमीटर सडक निर्माण कार्य प्रगति पर है। वर्ष दौरान सडक निर्माण के कार्य पर २८१३.९६ लाख रुपया खर्च किया जा चुका है।