संयुक्त राष्ट्र साधारण सभा की बैठक में राजस्थान के सांसदों ने भाग लिया
30 Oct
2007
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज, श्री रामेश्वर ओराव श्री प्रसन्ना आचार्य भी शामिल थे।
नई दिल्ली, ३० अक्टूबर। अमेरिका के न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र की साधारण सभा के ६२वें सत्र में भाग लेने गए पांच सदस्यीय भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान के दो सांसद श्री सुभाष महेरिया और श्री संतोष बागडोडिया ने भी भाग लिया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज, श्री रामेश्वर ओराव श्री प्रसन्ना आचार्य भी शामिल थे।
न्यूयार्क से स्वदेश लौटने पर सांसद श्री सुभाष महेरिया ने बताया कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की साधारण सभा के ६२वें सत्र की छठी समिति में २५ अक्टूबर को ’’राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कानून का शासन‘‘ विषय पर उद्बोधन किया। इससे पूर्व २२ अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विधि के संबंध में संयुक्त राष्ट्र आयोग की रिपोर्ट के बारे में भी वक्तव्य दिया।
’राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर पर कानून का शासन‘ विषय पर बोलते हुए श्री महेरिया ने कहा कि भारत राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कानून के शासन की पालना का सशक्त समर्थक है। भारत सतत विकास और राज्यों के मध्य सहयोग और सहअस्तित्व के लिए कानून के शासन को आवश्यक मानता है।
उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि संयुक्त राष्ट्र कानून के शासन को और अधिक तर्कसंगत व समन्वयकारी बनाए तथा संयुक्त राष्ट्र के भीतर और बाहर अधिक प्रभावी रूप से सहयोग विकसित करे। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के सबंध में उन्होंने आधुनिक निजी विधि की स्थापना का समर्थन करते हुए कहा कि कम लागत पर ऋण प्राप्त करने की दिशा में प्रयास स्वागत योग्य है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि यूनिसिट्राल और यूनिड्रोइल के बीच सामंजस्य के प्रयास बौद्धिक संपदा के सुरक्षा अधिकारों के संबंध में दिशा-निर्देशों को बेहतर ढंग से जोड सकेगा।
उन्होने मांग की कि पंचाट संबंधी कार्यसमूह द्वारा सभी प्रकार के पंचाटों के प्रति सामान्य दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। साथ ही आयोग की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और समग्र होनी चाहिए। क्लाउट प्रणाली के अंतर्गत चलाये जा रहे कार्यो को प्रशंसा योग्य बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे विधि विधायक विधि का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।
|