महिला सशक्तीकरण के लिए पाचं सूत्रीय कार्यक्रम प्रभावी तरीके से लागू करें -श्री टी.वी.एन्थोनी 30 Oct
2007
श्री एन्थोनी सोमवार को भीलवाडा में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए मुख्यमंत्री के पांच सूत्री कार्यक्रम तथा विश्व आयोडिन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
जयपुर, ३० अक्टूबर। भारत सरकार के जनसंख्या आयोग में राष्ट्रीय सलाहकार तथा तामिलनाडु के पूर्व मुख्य सचिव श्री टी.वी. एन्थोनी ने प्रदेश की प्रगति के संदर्भ में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए मुख्यमंत्री के पांच सूत्रीय कार्यक्रम में शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति पर बल देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के सफल किरयान्वयन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों सहित महिलाओं को भी सकिरय भागीदारी निभानी होगी।
श्री एन्थोनी सोमवार को भीलवाडा में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए मुख्यमंत्री के पांच सूत्री कार्यक्रम तथा विश्व आयोडिन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पांच सूत्रीय कार्यक्रम में बालिका शिक्षा में शत प्रतिशत नामांकन, बाल विवाह समाप्त करना, सभी महिलाओं को संस्थानिक प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराना, जन्म दर को २१ प्रति हजार तक लाना तथा प्रत्येक जिले में आगामी तीन वर्षों तक एक हजार महिलाओं के लिए रोजगार सृजित करना शामिल है। इस कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति वर्ष २०११ तक की जानी है।
उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में बाल विवाह का प्रतिशत अन्य प्रांतों की अपेक्षा अधिक है। विद्यालयों में शत प्रतिशत बालिकाओं का नामांकन हो तथा कम से कम दसवीं कक्षा तक वे पढाई करें यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए लोगों में जागरूकता पैदा करने और उनकी मनःस्थिति में बदलाव लाने के प्रयासों में विभिन्न संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं व जनप्रतिनिधियों के सहयोग की भी बात कही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव संबंधी समस्त सुविधाएं उपलब्ध हो तथा चिकित्सालयों में स्वच्छता एवं स्वस्थ्य वातावरण के प्रयासों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार देकर उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के भी हरसंभव प्रयास किये जाने चाहिए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री आर.के.मीणा ने बताया कि आज प्रति एक हजार में से ६८ बच्चों की ० से ५ साल की आयु में मृत्यु हो जाती है जिनमें से ४० प्रतिशत बच्चों की मृत्यु जन्म के समय हो जाती है। प्रतिवर्ष प्रसव के दौरान सैकडों महिलाओं की मृत्यु हो जाती है अतः इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना में प्रसव के पश्चात महिला को १४०० रुपये की राशि दी जाती है अब यह राशि चैक से भुगतान करने का प्रावधान रखा गया हैं। बी.पी.एल. कार्डधारियों को निःशुल्क दवा का प्रावधान है। महिला को प्रसव के बाद भी कम से कम २४ घंटे अस्पताल में रखना चाहिए। उन्होंने बच्चों का बीमारियों से बचाव हेतु समय समय पर टीकाकरण करवाने की भी सलाह दी और बताया कि महिलाओं के परिवार कल्याण आपरेशन पर ६०० रुपये व पुरूषों के आपरेशन पर ११०० रुपये देने का प्रावधान है। उन्होंने मुख्यमंत्री बालिका संबल योजना की जानकारी देते हुए कन्या भ्रूण हत्या को जघन्य अपराध बताया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती अलका काला ने कहा कि मुख्यमंत्री के पांच सूत्रीय कार्यक्रम की लक्ष्यपूर्ति के लिए हम सबको कटिबद्धता से प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विकास की जो भी बात हो पुरूषों के साथ साथ महिलाओं तक भी वह बात पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में मातृ मृत्यु दर बहुत अधिक होना चिंतनीय विषय है। बाल विवाह प्रथा का सामूहिक बहिष्कार करने का भी उन्होंने आव्हान किया।
प्रारंभ में जिला कलक्टर ने कार्यशाला की विषय वस्तु एवं मुख्यमंत्री के पंाच सूत्रीय कार्यक्रम पर प्रकाश डाला और कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण से ही हमारा प्रदेश और देश समग्र प्रगति हांसिल कर पायेगा। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी विचार व्यक्त करते हुए अपने सुझाव रखे।