जयपुर, ३० अक्टूबर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आज यहां शासन सचिवालय में राज्य के सभी २०० विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण- अर्हता एक जनवरी २००८ से कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए राज्य के मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के राज्य स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री पी.सी. गुप्ता ने बताया कि इस पुनरीक्षण कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य मतदाताओं, राजनैतिक दलों, स्वयंसेवी संगठनों एवं संस्थाओं आदि की सहभागिता से मतदाना सूचियों को आदिनांक, शुद्ध और सही बनाना है।
श्री गुप्ता ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार ५ नवम्बर २००७ को मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा। मतदाता सूचियों के संबंधित भाग का वार्ड सभा, नगरीय क्षेत्रों में वार्ड सभा तथा मतदाता केन्द्रों पर आयोजित बैठकों में पढ कर सुनाने एवं दावे और आपत्तियां प्राप्त करने का कार्य ५ से २१ नवम्बर तक किया जायेगा। पुनरीक्षण कार्यक्रम क विशेष अभियान की तारीख १७ व १८ नवम्बर, २००७ रखी गई है।
उन्होंने बताया कि दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण १० दिसम्बर, २००७ तक तथा पूरक की तैयारी और मुद्रण कार्य १० जनवरी २००८ तक होगा। मतदाता सूचियों का अन्तिम प्रकाशन १६ जनवरी २००८ को होगा।
श्री गुप्ता ने बताया कि प्रारूप प्रकाशन की दिनांक से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने के लिए निर्धारित दिनांक तक मतदाता सूचियां मतदान केन्द्रों पर रखी जाएगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रो में वार्ड सभा तथा शहरी क्षेत्रों में नगर निगम, परिषद, पालिका के वार्डों, मतदान केन्द्रों पर वार्ड सभा आयोजित कर संबंधित भागों की मतदाता सूचियों का पठन किया जायेगा ताकि आम व्यक्ति मतदाता सूचियों का अवलोकन कर सके और सूची की किसी प्रविष्टि के विवरण एवं मुदिरत फोटो के संबंध में यदि कोई आपत्ति हो तो मौके पर ही निर्धारित प्रारूप में अपने आवेदन पत्रा निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नियुक्त किये गये पदाभिहित अधिकारी को प्रस्तुत कर सके।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने पहली बार नये पंजीकृत होने वाले मतदाताओं को यह सुविधा प्रदान की है कि वह स्वेच्छा से मतदाता फोटो पहचान पत्रा बनाने के लिए अपने दो फोटो आवेदन पत्रा के साथ प्रस्तुत कर सकते हैं। जिससे मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बाद उन्हें मतदाता फोटो पहचान पत्रा जारी किये जा सकेंगे।
श्री गुप्ता ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान प्रारूप मतदाता सूचियों से मृत एवं अन्य स्थानों पर स्थानान्तरित या ऐसे मतदाताओं के नाम हटाये जायेंगे जो मामूली तौर पर उस क्षेत्रा के निवासी नहीं रह गये हैं या अन्यथा अयोग्य घोषित कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं की आयु एक जनवरी २००८ को १८ वर्ष या इससे अधिक है और जो मतदाता बनने के योग्य है उनके नामों को शामिल किया जायेगा।