प्रो. दिवाकार शास्त्री को दिया जायेगा पण्डित झाबरमल्ल शर्मा - २००६ साहित्य सम्मान
30 Dec
2007
सम्मान ६ जनवरी २००८ रविवार को ३६ए, शेक्सपियर सारणी, कोलकाता मे रावतपुरा सरकार महाराजजी के सान्निघ्य मे एक भव्य सम्मान समारोह मे दिया जायेगा। इस अवसर पर मूल्य बोध और शिक्षा विषयक एक गोष्ठी का भी आयोजन किया गया है।
राजस्थान ब्राह्मण संघ के मुखपत्र आर्ष-भारती के तत्वाधान मे दिया जाने पण्डित झाबरमल्ल शर्मा २००६ का साहित्य सम्मान भारत के ख्यातनाम शिक्षाविद् और वनस्थली विद्यापीठ के अध्यक्ष प्रो. दिवाकर शास्त्री को दिया जायेगा। यह सम्मान ६ जनवरी २००८ रविवार को ३६ए, शेक्सपियर सारणी, कोलकाता मे रावतपुरा सरकार महाराजजी के सान्निघ्य मे एक भव्य सम्मान समारोह मे दिया जायेगा। इस अवसर पर मूल्य बोध और शिक्षा विषयक एक गोष्ठी का भी आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम के संयोजक नारायणदास व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सम्मान समारोह का उद्घाटन राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. वी.डी.कल्ला करेगें व प्रधान वक्ता छतीसगढ के पूर्व शिक्षा मंत्री सत्यनारायण शर्मा होंगें तथा कलकता विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के आचार्य डॉ अमरनाथ प्रधान अतिथि होंगे।
प्रोफेसर दिवाकर शास्त्रीः प्रो. शास्त्री राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री पं. हीरालाल शास्त्री के सुपंत्र है और वर्तमान मे वनस्थली विद्यापीठ के अध्यक्ष है। इन्हे वनस्थली की चेतना का मूर्त रूप माना जाता है। १ जनवरी १९३२ को जन्मे प्रो. शास्त्री ने बहुत ही कम उम्र मे अपनी प्रतिभ का परिचय दे दिया था। पिछले पांच दशको से वनस्थली मे कार्यरत प्रो. शास्त्री ४० वर्षो से मुख्य कार्यकारी के पद पर जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे है। आप विभिन्न पहलुओं ५० शोध पत्र लिख चुके है तथा अनेकों पुस्तकों का लेखन व सम्पादन कर चुके है। प्रो. शास्त्री ने महिला शिक्षा मे भी उल्लेखनीय कार्य किया है और गीता के नीतिशास्त्र पर किये प्रयोगों पर आधारित गीता के मूल संदेशों को अपने जीवन मे ढाले हुए है।
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