कन्या भ्रण हत्या के अभिशाप से मुक्ति के लिए जागरूकता एवं कानूनों की सख्ती से पालना जरूरी : श्रीमती तारा भण्डारी Regional Hindi Regional News, Regional Latest News, Regional Hindi News, Regional English News, Business News">
कन्या भ्रण हत्या के अभिशाप से मुक्ति के लिए जागरूकता एवं कानूनों की सख्ती से पालना जरूरी : श्रीमती तारा भण्डारी Regional Hindi News : khabarexpress.com : The news portal of North India
हनुमानगढ, ३१ जनवरी ! राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तारा भण्डारी ने कन्या भ्रूण हत्या के अभिशाप से समाज को मुक्त कराने के लिए बने कानूनों की सख्ती से पालना करने व आमजन में जागरूकता का माहौल पैदा करने पर बल दिया है । श्रीमती बुधवार को हनुमानगढ में जिला कलैक्ट्रेट सभागार में महिला कार्यक्रमों, जिला स्तरीय महिला सहायता समितियों व महिलाओं से सम्बन्धित समस्याओं की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक को सम्बोधित कर रही थी । हनुमानगढ व श्रीगंगानगर जिलों में महिलाओं के घटते लिंगानुपात की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि यही हालात रहे तो आगामी ५-१० वर्षों में स्थिति और अधिक भयावह हो जाएगी । अतः इससे समय रहते निजात पाने के लिए पहले से ही दूरगामी सोच रखकर कार्य किए जाने की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए बने कानूनों को सख्ती से लागू करके इस बुराई के प्रति भय पैदा करने की आवश्यकता है । ताकि सामाजिक अपराध बनती जा रही कन्या भ्रूण हत्या की बुराई पर अंकुश लगाया जा सके । श्रीमती भण्डारी ने पीएनडीटी एक्ट की अवहेलना पर चिन्ता जाहिर करते हुए कहा कि इसमें सीधे न्यायालय में इस्तगासा दायर करने का प्रावधान है । उन्होंने कहा कि इस एक्ट के अन्तर्गत जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में स्त्राी रोग विशेषज्ञ तथा अन्य विशेषज्ञों की समुचित प्राधिकार समिति गठित है , इसकी सहमति के बिना लिंग जाँच नहीं होनी चाहिए । ऐसे में समिति को कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए अपनी व्यूह रचना बनानी चाहिए । बैठक में जिला कलक्टर श्री टी. रविकांत ने महिला आयोग अध्यक्ष को अवगत कराया कि जिले में कन्या भ्रूण हत्या की बुराई के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए जल चेतना यात्राा व स्वास्थ्य चेतना यात्रा जैसे अभियानों में विशेष प्रयास किये गये है । महिला आयोग की अध्यक्ष ने महिला उत्पीडन से सम्बन्धित गम्भीर प्रकरणों को आयोग के ध्यान में लाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया । उन्होंने कहा कि समाचार पत्राों या अन्य किसी माध्यम से ऐसे प्रकरणों के प्रकाश में आने पर आयोग को फक्स द्वारा जानकारी भेजे तथा ऐसे प्रकरणों पर जिला स्तर से भी समुचित कार्यवाही करें । श्रीमती भण्डारी ने जिला स्तरीय महिला सहायता समितियों की बैठक समय पर आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे जनता में अच्छा संदेश जाता है एवं जागरूकता आती है । उन्होंने जिले में गत जन सुनवाई के दौरान प्रकाश में आएं प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा भी की । ज्यादातर प्रकरणों का निस्तारण होने पर उन्होंने संतोष जाहिर किया तथा कुछ प्रकरणों की दुबारा समीक्षा व अन्य प्रकरणों में राज्य महिला आयोग के स्तर से राहत के लिए प्रयास करने की बात कही । बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक श्री प्रेम सिंह चूडावत ने महिला आयोग अध्यक्ष को बताया कि जिले में पारिवारिक परामर्श केन्द्र महिलाओं सम्बन्धि मामलों में राहत दिलवाने के लिए सकि्रयता से कार्य कर रहे हैं । श्रीमती भण्डारी ने सकारात्मक परिवेश तैयार करने के लिए जिले में संचालित इस सामाजिक कार्यक्रम की सराहना की । इसके अलावा बैठक में कामकाजी महिलाओं के उत्पीडन की शिकायतों, महिला स्वयं सहायता समूहों की गठन की प्रकि्रया, जननी सुरक्षा योजना में महिलाओं व आशा सहयोगिनियों को समय पर भुगतान व साथिनों की नियुक्ति की समीक्षा भी की गई । बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री अमर सिंह यादव ने बताया कि जिले म ३ हजार ५४ महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है तथा १ हजार ५७७ को ऋण उपलब्ध करवाया जा चुका है । इसके साथ ही २०१ साथिनों की नियुक्ति हो चुकी है व २८ की प्रशिक्षण के बाद नियुक्ति होनी शेष है । श्रीमती भण्डारी ने साथिनों को परिचय पत्रा उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया ताकि उनके काम की गरिमा व उनका प्रभाव बढ सके । बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन ) श्री जे. पी. बुनकर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बी. एल. मेहरडा, जिला परीविक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी श्री अशोक जांगिड, जिला पुलिस अधीक्षक श्री प्रेम सिंह चूडावत व अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।