बीकानेर। मानदेय बढाने की मांग को लेकर रेजीडेण्ट चिकित्सकों की राज्यव्यापी हडताल के क्रम में पीबीएम अस्पताल के रेजीडेण्ट चिकित्सक शुक्रवार को भी हडताल पर रहे। रेजीडेण्ट चिकित्सकों की हडताल के कारण पीबीएम अस्पताल में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें चरमराने लग गई है। हडताल का सर्वाधिक असर वार्डो पर नजर आ रहा है जहां बिना चिकित्सकों के मरीज भगवान भरोसे है वही कुछ मरीज छुट्टी लेकर जा रहे है। वही हडताल के चलते जहां ऑपरेशन लगभग आधे हो गये है वही आऊटडोर में भी मरीजों की संया लगभग 50 प्रतिशत हो गई है। रेजीडेण्ट चिकित्सकों की हडताल के कारण पीबीएम अस्पताल के वार्ड, गलियारे व पार्क भी सूने हो रहे है। हडताल का प्रत्यक्ष प्रभाव आपातकाल, जनाना शिशु अस्पताल, नेत्र, कैंसर अस्पतालों में पडना शुरू हो गया है। हालंकि पीबीएम प्रशासन हडताल के बावजूद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा चुस्त-दुरस्त होने के दावे कर रहा है मगर वास्तविकता कुछ और ही बता रही है। सीनियर चिकित्सकों के जिमे 2-3 वार्ड होने के कारण वार्ड नर्सिंग कर्मियों के भरोसे चल रहे है।