बीकानेर। अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री के.के.व्यास ने कहा कि बालक एवं युवा देश का भविष्य है। इनको सही मार्ग प्रशस्त कर देश के विकास में ये सहयोगी बने इसके लिए रचनात्मक गतिविधियों से इन्हें जोडना हमारा दायित्व है। व्यास शुक्रवार को पुष्करणा स्कूल हॉल में पुष्करणा दिवस के अवसर पर आयोजित हो रही फैन्सी एवं लोक नृत्य प्रतियोगिताओं के शुभारंभ में बोल रहे थे। व्यास ने कहा कि बालकों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए रचनात्मक गतिविधिया जरूरी है। पुष्करणा स्कूल प्रबंधन समिति के व्यवस्थापक मदन मोहन जोशी ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से न केवल छिपी प्रतिभाऐं सामने आती है बल्कि बालकों एवं युवाओं में प्रतियोगी प्रतिस्पर्धा की भावना भी जागृत होती है। इस अवसर पर पुष्करणा स्कूल के प्रिंसिपल खुशाल चंद रंगा भी उपस्थित थे। प्रतियोगिताओं के संयोजक गोपाल आचार्य ने बताया कि फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में नन्हें-मुन्हें ने महादेव, पार्वती, अर्द्ध नारीश्वर, गणेश, दुल्हा-दुल्हन, राजस्थानी औरत, परी सहित विभिन्न आकर्षक एवं मनमोहक रूप धारण कर आकर्षक प्रस्तुतियां दी। फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में 28 नन्हें-मुन्हें बालक-बालिकाओं ने भाग लिया। निर्णायक कन्हैया लाल रंगा एवं आरती आचार्य थे। पुष्करणा स्कूल सभागार में ही 12 से 18 वर्ष तक की आयु की लडकियों की लोकनृत्य प्रतियोगिता आयोजित हुई। जिसमें बालिकाओं ने राजस्थानी, पंजाबी लोकगीतों की मधुरधुनों पर मनमोहक लोकनृत्य प्रस्तुत किये। गोपाल आचार्य ने बताया कि शनिवार को निबंध, आश्रुभाषण एवं वॉयस ऑफ पुष्करणा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।